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‘आप’ ने चुनाव आयोग को भाजपा का राजनीतिक हथियार करार दिया

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा का राजनीतिक हथियार बनकर पार्टी के कैंपेन गीत पर रोक लगा दी है।
‘आप’ की वरिष्ठ नेता आतिशी ने आज कहा,“ भाजपा का राजनीतिक हथियार बन चुकी चुनाव आयोग आप’ के कैंपेन गीत ‘जेल का जबाव, वोट से देंगे’ पर रोक लगाई है। ऐसा सिर्फ़ तानाशाह सरकारों में ही विपक्षी पार्टियों को प्रचार करने से रोका जाता है। भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी से डर लगता है इसका सबूत उन्होंने देश के सामने रख दिया है।”
सुश्री आतिशी ने कहा कि यह सब सिर्फ़ तानाशाही सरकार में होता है जहां विपक्ष के नेताओं को जेल में डाल दिया जाता है, विपक्षी पार्टियों को प्रचार करने से रोक दिया जाता है। और आज भाजपा के एक और राजनीतिक हथियार,चुनाव आयोग ने इसे साबित कर दिया है।
उन्होंने कहा,“ चुनाव आयोग ने एक पत्र के माध्यम से आम आदमी पार्टी के कैंपेन गीत पर रोक लगा दी है। यह भारत के इतिहास में पहली बार होगा जब किसी पार्टी के कैंपेन गीत पर चुनाव आयोग ने रोक लगा दी होगी। जब भाजपा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का प्रयोग करके आचार संहिता के दौरान विपक्ष के नेताओं को जेल में डालती है तो चुनाव आयोग को कोई आपत्ति नहीं होती है लेकिन आम आदमी पार्टी इसे गाने का रूप दे देती है तो चुनाव आयोग को बहुत आपत्ति हो जाती है। ”
‘आप’ नेता ने कहा कि भाजपा तानाशाही करें वह सही है लेकिन उस तानाशाही के बारे में कोई प्रचार करे तो वह ग़लत है। ‘आप’ कैंपेन गीत में कहीं पर भी भाजपा का नाम नहीं है लेकिन चुनाव आयोग को लगता है कि अगर आप तानाशाही की बात करते हैं तो यह सत्ता में बैठी पार्टी की आलोचना है।

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