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एम्स में भुगतान के लिए एम्स-एसबीआई स्मार्ट कार्ड

नई दिल्ली : मनसुख मांडविया ने कहा है कि एम्स-एसबीआई स्मार्ट भुगतान कार्ड दूर-दराज के इलाकों से मरीजों को नकदी ले जाने की समस्या का समाधान करेगा और सुरक्षित भुगतान की गारंटी देगा। मांडविया ने सोमवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान- एम्स में एम्स-एसबीआई स्मार्ट भुगतान कार्ड जारी करते हुए कहा कि मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए यह एक बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि एम्स स्मार्ट पेमेंट कार्ड की सेवाएं निकट भविष्य में सभी 22 एम्स तक बढ़ाई जाएंगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एम्स स्मार्ट पेमेंट कार्ड दूर-दराज के इलाकों से मरीजों को अस्पताल में नकदी ले जाने की समस्या का समाधान करेगा। उन्होंने कहा कि मरीज या उनके तीमारदार एम्स, नयी दिल्ली के सुविधा केंद्रों से आसानी से कार्ड प्राप्त कर सकते हैं और उसके बाद विभिन्न काउंटरों पर भुगतान के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया पहल ने सरलता और सुरक्षा के एक नए युग की शुरुआत की है जो बहुत ही महत्वपूर्ण है। एम्स में इलाज करा रहे मरीज के लिए भुगतान संबंधी किसी भी तत्काल आवश्यकता के मामले में अब कोई भी व्यक्ति देश भर से आसानी से और तेजी से धनराशि स्थानांतरित कर सकता है।
एसबीआई-एम्स स्मार्ट कार्ड सभी मरीजों को निशुल्क प्रदान किया जा रहा है और इसमें कोई सेवा शुल्क नहीं है। प्रवेश पर सभी मरीजों को स्मार्ट कार्ड जारी किया जाएगा। कार्ड को मरीज के विशिष्ट अस्पताल पहचान (यूएचआईडी) नंबर और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत जारी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (एबीएचए) आईडी से जोड़ा जाएगा। एक बार जारी किया गया कार्ड पांच साल की अवधि के लिए वैध होगा।

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