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मोदी सरकार की सारी गांरटियां फेल हो गई

नई दिल्ली : कांग्रेस ने कहा है कि बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण में सरकार की जो उपलब्धियां गिनाई गई हैं, उनका कोई महत्व नहीं है और अब साफ हो गया है कि मोदी सरकार की सारी गारंटियां फेल हो चुकी हैं। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल तथा लोकसभा सदस्य गौरव गोगोई ने गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बुधवार को कहा कि इस अभिभाषण से देश को बहुत उम्मीद थी लेकिन इस अभिभाषण में सरकार के वादे गायब थे और इससे स्पष्ट है कि मोदी सरकार की सारी गारंटियां फेल हो गई हैं।

गोहिल ने कहा, “आज संसद के दोनों सदनों को राष्ट्रपति जी ने संबोधित किया। देश की जनता को इस भाषण से बहुत उम्मीदें थी, क्योंकि ये भाषण सरकार के 10 साल के कार्यकाल में आखिरी भाषण था। हमें लग रहा था कि मोदी सरकार ने जो गारंटियां दी हैं, यहां उनकी सफलता और विफलता की जानकारी दी जाएगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ क्योंकि मोदी सरकार की सारी गारंटियां फेल हो चुकी हैं।”
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में चार स्तंभों युवा, नारी, किसान, गरीब की बात की और मोदी सरकार में आज यही चार स्तंभ सबसे ज्यादा परेशान हैं। श्री मोदी ने चुनाव के वक्त कई वादे करते हुए कहा था- काला धन वापस आएगा, सभी के खाते में 15 लाख रुपए आएंगे, हर साल दो करोड़ नौकरियां मिलेंगी, किसानों की आमदनी दोगुनी होगी लेकिन आज राष्ट्रपति जी के भाषण में ऐसी किसी बात का जिक्र नहीं किया गया।
गोगोई ने कहा, “हमें आशा थी कि राष्ट्रपति जी अपने अभिभाषण में लोकतंत्र, संविधान और संसद पर भाजपा-आरएसएस द्वारा किए जा रहे हमले पर चिंता जताएंगी। नए सदन में राष्ट्रपति के भाषण में इस बात का भी जिक्र होना चाहिए था कि पिछले सत्र में सवाल पूछने पर 146 सांसदों को क्यों निलंबित कर दिया गया। एक महिला सांसद को पोर्टल पासवर्ड का मामला, राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बताकर क्यों निकाल दिया गया। उस भाजपा सांसद पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जिसके पास पर संसद में दहशत फैलाई गई।”

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