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मुंबई में उद्धव के साथ गठबंधन से नाराज विश्वबंधु ने छोड़ी कांग्रेस

नई दिल्ली : मुंबई कांग्रेस के महासचिव रहे युवा नेता विश्वबंधु राय ने कांग्रेस पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन कर पार्टी को बर्बाद करने और पार्टी में हिंदुओं के मुद्दे को महत्व नहीं देने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे को लिखे इस्तीफे में श्री राय ने कहा है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस बहुत कमजोर हो गई है और इसकी दुर्दशा का सबसे बड़ा कारण हिंदुओं की बात करने वाले नेताओं को दरकिनार कर उनको महत्व नहीं देना तथा शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट से समझौता करना है।
उन्होंने लिखा, “महाराष्ट्र में कांग्रेस की दुर्दशा का कारण शिवसेना- यूबीटी के सामने घुटने टेकना है। विपक्ष के तौर पर सबसे ज्यादा विधायक कांग्रेस में हैं। फिर भी इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे में कांग्रेस की क्षमता का अपमान हुआ है। हमें जानबूझकर हारने वाली सीट दी गई है। सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस ने क्षेत्रीय पार्टी के नेताओं के आगे घुटने टेक दिए हैं जिससे मुंबई कांग्रेस के हर कार्यकर्ता का मनोबल टूट गया है और उनका भविष्य अँधेरे में हैं।”
श्री राय ने कहा “हिन्दू नेताओं की खासतौर पर उपेक्षा हो रही है। हिन्दुओं से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस के नेता चुप्पी साधते हैं। सवाल है कि क्या हिन्दुओं की सुरक्षा तथा समस्याएं राष्ट्रहित का प्रश्न नहीं है। सवाल यह भी है कि क्या पार्टी हाईकमान ने पार्टी के वरिष्ठ हिन्दू नेताओं को चुप रहने की हिदायत दे रखी है।”
उन्होंने श्री खडगे को तीखा पत्र लिखकर उनकी राजनीति पर भी सवाल उठाए और कहा “मैं विश्वबंधू राय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र देता हूँ। दो दशक में मैंने जिला स्तर से मुंबई में प्रदेश महासचिव और आईसीसी सदस्य के तौर पर पार्टी की सेवा की है लेकिन अब पार्टी उद्देश्यों से भटक गई है इसलिए कांग्रेस में रहना नामुमकिन हैं। आप भी अध्यक्ष पद के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हो। आप एक राष्ट्रीय पार्टी में सिर्फ दक्षिण भारतीयों और अपनी जाति तथा लोगों के समुदाय को विशेष प्राथमिकता देना चाहते हैं।”

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