शिलोंग : मेघालय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को सरकार के खिलाफ लग रहे आरोपों पर नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाली मेघालय डेमोक्रेटिक गठबंधन (एमडीए) सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मेघालय के प्रभारी एम चुबा एओ ने भाजपा महासचिव (संगठन) बी एल संतोष की अध्यक्षता में एक मैराथन बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि हम सरकार से एक महीने के अंदर समर्थन वापस ले सकते है। हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी इस पर चर्चा करेंगे।
उन्होंने बताया कि एक बार जब पार्टी समर्थन वापस लेने का फैसला कर लेती है तो वह लोगों को यह समझाकर आगे की रणनीति तैयार करेगी कि उसने अपना समर्थन क्यों वापस ले लिया है। यदि भाजपा के दो विधायक अलेक्जेंडर लालू हेक और सनबोर शुलाई सरकार से समर्थन वापस ले भी लेतें हैं तो भी कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली सरकार नहीं गिरेगी।
इसके बाद 60 सदस्यीय सदन मेघालय विधानसभा में अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह और उपाध्यक्ष टिमोथी डी. शिरा सहित एनपीपी के पास फिलहाल 46 विधायकों का समर्थन हासिल है जबकि प्रमुख विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के केवल 12 विधायक हैं।
गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रही एनपीपी के अपने जिसमें 23 विधायक हैं और इसे यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (8), पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (4), हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (2), भाजपा (2), नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (1) और खुन हिनीवट्रेप राष्ट्रीय जागृति आंदोलन (1) के अलावा पांच निलंबित कांग्रेस विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है।
भाजपा ने मेघालय सरकार से समर्थन वापस लेने की दी धमकी