गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस पर पतंजलि में ‘जड़ी बूटी दिवस’ का आयोजन

योग गुरु बाबा रामदेव के सहयोगी एवं आयुर्वेद केन्द्र पतंजलि योगपीठ के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण के जन्म दिवस के अवसर पर जड़ी बूटी दिवस का आयोजन किया जा रहा है।  इस आयोजन में आचार्य बालकृष्ण जी को बधाई देने के लिए लाखों अनुयायी पतंजलि योगपीठ पहुंचे है। बाबा रामदेव ने भी आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस के अवसर पर आयुर्वेद के क्षेत्र में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी।  आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिवस प्रतिवर्ष समाज और संस्कृति के लिए अर्पित करने के भाव से समारोह की तरह मनाया जाता है।  योग, आयुर्वेद,  स्वदेशी, जड़ीबूटियों ,वैदिक धर्म और संस्कृति को केंद्र में रखते हुए इस समारोह का भव्य आयोजन हो रहा है।   ब्रह्मचारियों, आचार्यों, साध्वियों, साधुओं, सन्यासियों , कार्यकर्ताओं के द्वारा चारों तरफ दीप जलाकर, पेड़ पोधें एवं जड़ीबूटियाँ सजा कर समारोह भव्य रूप दिया गया है।  आचार्य जी का मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का एक प्रयोजन होता है और उसी प्रयोजन को पूरा करना व्यक्ति का धर्म होता है।  आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में आज पतंजलि योगपीठ के माध्यम से आयुर्वेद को विश्वपटल पर एक नई पहचान मिली है।  वह आयुर्वेदिक वनस्पति और जड़ी बूटी के गुणों की अच्छी समझ रखते है।  विश्व हर्बल एन्सायक्लोपीडिया बनाने में इनकी भूमिका बहुत अहम् है एवं एविडेंस बेस मेडिसिन के विकास में इनके नेतृत्व में डॉक्टर्स की पूरी टीम ड्रग डिस्कवरी साइकिल को पूर्ण करने में लगी है।  आयुर्वेद और रिसर्च में कई सारे अनुसंधान और उनकी आधारशीला का कार्य उनके नेतृत्व में पूरा हो रहा है। आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस के अवसर इस बार रक्दान शिविर का भी प्रबंध किया गया है, इसके अलावा सैंकड़ों वैज्ञानिकों की टीम इस आयोजन में शामिल है।  

आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिन पर योग गुरु स्वामी रामदेव जी ने भी उनका अभिनन्दन किया।  उन्होंने कहा कि पूरे विश्व ने जैसे योग के महत्त्व को पहचाना है वैसे ही एक दिन आचार्य के प्रयासों से जड़ीबूटियों और वैदिक विद्या पर आधारित आयुर्वेद के महत्त्व को भी जानेगा और यह भारतीय संस्कृति की विजय यात्रा में अपना अहम् योगदान निभाएगा।  धरती पर आचार्य जी का जन्म एक प्रयोजन के तहत है।  आचार्य जी धरती पर रोगियों के लिए महर्षि चरक, धन्वन्तरी के अवतार है, पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज  एक महामानव के रूप में घर-घर तक जड़ी बूटियों के माध्यम से आयुर्वेद के ज्ञान को पहुंचा रहे हैं।  करोड़ों लोगों के ऊपर आचार्य जी ने प्रकृति से जुड़े इस काम का बीड़ा उठाकर बहुत उपकार किया है।  

आचार्य बालकृष्ण ने इस मौके पर अपने सन्देश में कहा कि पतंजलि योगपीठ के द्वारा इस अवसर पर जड़ीबूटियों, ऋषियों की आयुर्वेदिक परम्पराओं, वेदों की परम्पराओं, पूर्वजों की संस्कृति पर, वैदिक जीवन पद्धति पर आधारित पांच पुस्तकों का लोकार्पण किया गया है जिनका अनुवाद भी कई भाषा में किया गया है।  उन्होंने जड़ीबूटियों और उनके महत्त्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दुनिया में लगभग 4 लाख किस्म के पेड़ पौधे मौजूद है उनमे से औषधियों के गुण वाले 72 हजार किस्म के पेड़ पोधों की सूची बनायी गई है।  आचार्य बालकृष्ण ने बताया की अभी जितनी भी आयुर्वेदिक औषधियां तैयार होती है पूरे विश्व भर में वह सिर्फ 1100 किस्म से वन्य पौधों से ही निर्मित है लेकिन हमारा लक्ष्य अब इसकी तीन गुना संख्या में औषधियों के गुण वाले पेड़ पोधों को पूरे विश्व में प्रमाणिकता दिलाना है।  इसके अलावा जैविक कृषि पर भी बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है इस पर अनुसंधान हो रहा है।  हमे अपने आयुर्वेद का श्रेय दुसरे देशों को लेने से रोकना है और अपनी भारतीय परंपरा को विश्व समुदाय के सामने सिद्ध करना है।

Leave a Reply