चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ऐसे प्लॉट अलॉटियों के लिए पॉलिसी बनाए, जो पैसे न भरे जाने की वजह से प्लॉट सरेंडर कर रहे हैं। प्राधिकरण ऐसे प्लॉट की ई-नीलामी करे और अपने नुकसान की भरपाई करते हुए मुनाफे में से कुछ प्रतिशत प्लॉट के अलॉटी को भी दे।
श्री खट्टर ने मंगलवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की 124वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिस भी प्लॉट को प्राधिकरण द्वारा वापिस लेने की स्थिति बन जाए उसे तत्काल प्रभाव से ई-नीलामी के माध्यम से बेचा जाए। बहुत से लोग प्लॉट अलॉट करवा लेते हैं लेकिन फिर पैसा नहीं भर पाते, ऐसे लोगों के लिए तत्काल प्रभाव से पॉलिसी बनाकर राहत दी जाए।
उन्होंने कहा कि जिस अलॉटी ने जो पैसा जमा करवाया है, उस हिसाब से प्राधिकरण ई-नीलामी में हुए मुनाफे का प्रतिशत भी तय करे, ताकि अलॉटी द्वारा भरी गई राशि में से उसे कुछ राशि प्राप्त हो सके। बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष कुल 31 एजेंडे रखे गए, जिन पर उन्होंने निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पंचकूला और चंडीगढ़ में काम करने वाले कर्मचारियों, पत्रकारों, वकीलों, मौजूदा विधायकों, पूर्व विधायकों के लिए कोआपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसासिटी स्कीम बनाने के लिए मंजूरी दी। बैठक के दौरान प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक ने इससे संबंधित एजेंडा पेश किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने इससे संबंधित ग्रुप हाउसिंग स्कीम बनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण इससे जुड़े नियम बनाएं।
उन्होंने कहा कि एचएसवीपी अपनी कार्यप्रणाली का भी आडिट करे। इससे लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी। बैठक के दौरान फरीदाबाद में इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन द्वारा सेक्टर-7 के कम्यूनिटी सेंटर में मिड-डे मील बनाने के लिए चलाए जा रहे सेंटर की लीज को बढ़ाया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी, मुख्य सचिव संजीव कौशल, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, आनंद मोहन शरण, प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, महानिदेशक टी एल सत्यप्रकाश, एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पैसे न भरे जाने की वजह से सरेंडर किए जा रहे प्लॉट को लेकर नीति बनाए एचएसवीपी