नई दिल्ली: नोएडा की ओमेक्स ग्रैंड सोसइटी में रेजिडेंट्स के बीच हुए विवाद के बाद यह मामला तूल पकड़ चूका है. अब इस मामले पर त्यागी समाज ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और श्रीकांत त्यागी पर हुई कानूनी कार्यवाही को अनैतिक बताया है. दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में सुनील त्यागी, अमरीश त्यागी, वेद प्रकाश त्यागी, गगन त्यागी, आदि के नेतृत्व में संयुक्त मोर्चा त्यागी महासभा दिल्ली के द्वारा इस विवादित मुद्दे पर मीडिया के सामने कई बातें रखी जिसमे उन्होंने कई मुख्य सवाल उठाए. इस कांफ्रेंस में समस्त मीडिया बंधुओं के संज्ञान में निम्न बातें रखते हुए त्यागी समाज ने कहा कि नोएडा की ओमेक्स ग्रैंड सोसइटी के रेजिडेंट्स के बीच हुए आपसी विवाद से आप सभी लोग भली-भांति परिचित ही होंगे। हम उसी विवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं के संदर्भ में आपसे बात करने, अपना पक्ष रखने को आपके समक्ष आज यहां उपस्थित हुए हैं। हमारा उद्देश्य महिला से अभद्रता, गाली-गलौंच और धक्का-मुक्की करने के आरोपी श्रीकांत त्यागी का पक्ष लेना, उसका समर्थन करना कदापि नहीं हैं, उसने जो किया, वह निश्चित रूप से गलत और अनैतिक है, हम उसकी घोर निंदा-भर्त्सना करते हैं। इस बारे में उन्होंने कई बिंदु रखें:

1. संयुक्त त्यागी स्वाभिमान मोर्चा (त्यागी समाज दिल्ली प्रदेश) नोएडा ओमेक्स सोसाइटी प्रकरण में हुई अन्यायपूर्ण कार्यवाही पर सम्पूर्ण त्यागी समाज आपत्ति दर्ज करता है।
2. हम पूछना चाहते हैं कि इस पूरे प्रकरण में श्रीकांत त्यागी के परिजनों (पत्नी-बच्चों और रिश्तेदारों) ने आखिर ऐसा क्या अपराध किया जो उनका उत्पीड़न किया गया। श्रीकांत की पत्नी अन्नू त्यागी को गलत तरीके से हिरासत में रखा गया। घंटों तक थाने में बैठाकर प्रताड़ित किया गया। बच्चों व अन्य परिवारजनों को डराया-धमकाया, आतंकित किया गया। उनके घर की बिजली-पानी तक काट दी गई। उसके जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही की मांग करते है।
3. समाज के छ: युवा जो अन्नू त्यागी के दो छोटे बच्चों को सोशल मीडिया पर रोता बिलखता देखकर उनको खाना देने के लिए गए थे, उन पर पुलिस प्रशासन द्वारा संगीन धाराएं लगाकर मुक़दमे दर्ज किये गए। उनको बाइज्जत बरी (केस वापसी की मांग करते है) करने की मांग करते है। उसके जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही की मांग करते है।
4. यह भी पूछना है आरोपी भाजपा नेता श्रीकांत त्यागी क्या इतना बड़ा अपराधी है, जितना कि आरडब्ल्यूए, मीडिया, स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा, मेरठ-हापुड़ सांसद राजेंद्र अग्रवाल आदि-इत्यादि के दबाव में पुलिस-प्रशासन द्वारा उसे दिखाया-घोषित कर दिया गया? प्रथम दृष्ट्या एक सामान्य सी धाराओं वाले मामले के आरोपी श्रीकांत पर गौतमबुद्धनगर पुलिस ने आनन-फानन में 25 हजार का ईनाम घोषित कर दिया गया और गैंगस्टर एक्ट तक लगा दिया गया। सांसद डॉ. महेश शर्मा की ओर से इस विषय में सफाई देने को जारी किए गए तीन पृष्ठों के पत्र में स्वयं स्वीकार किया कि मेरठ-हापुड़ सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने उन्हें फोन करके इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा था। ऐसे में प्रतीत होता है कि कतिपय राजनीतिक कारणों से एक उभरते हुए युवा नेता को जानबूझकर एक आपराधिक मामले में फंसाने का ताना-बाना बुना गया।
5. मीडिया चैनलों के माध्याम से समाजवादी पार्टी के एमएलसी सुनील साजन द्वारा समस्त त्यागी समाज को गुंडा एवं अशोभनीय शब्दों का प्रयोग करके बदनाम करने का कृत्य किया गया, हम उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हैं, वही इस पूरे प्रकरण में स्थानीय सांसद महेश शर्मा द्वारा राजनीतिक मंशा एवं सुनियोजित तरीके से हस्तक्षेप किया गया और वही उनकी तरफ से नॉएडा के पुलिस कमिश्नर (आलोक सिंह) को भी अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया| उन पर हम उचित कानूनी कार्यवाही की मांग करते है।
6. मोहल्ले पड़ोसियों की लड़ाई में जिन संगीन धाराओं में मुकदमें श्रीकांत त्यागी पर लगाए गए है ऐसा प्रतीत होता है की सांसद (महेश शर्मा) द्वारा कोई प्रायोजित कार्यक्रम था। दो पक्षों की लड़ाई में कानूनी कार्यवाही दोनों पक्षों पर होती है लेकिन इस प्रकरण में ऐसा नही किया गया, आखिर क्यों? दुसरे पक्ष पर अबतक कोई क़ानूनी कार्यवाही नही की गई है, क्योकि वे एक मेरठ-हापुड़ सांसद राजेंद्र अग्रवाल की रिश्तेदार है जिसका विवरण सांसद महेश शर्मा ने तीन पृष्ठों के पत्र में किया है |
7. सोसाइटी में लगे हरे भरे पेड़ पोधों को निर्दयतापूर्वक जिन्होंने भी पेड़ उखाडे हैं उनपर हम सख्त कार्यवाही करने की मांग करते है क्योकि पेड़ उखाड़ना भी गैर क़ानूनी हैं |

आरडब्ल्यूए के एक सामान्य विवाद को राजनीतिक हित साधने के लिए न केवल अकारण ही तूल दे दिया गया, बल्कि पूरे त्यागी समाज की छवि को बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। देश के एक सभ्य, सुसंस्कृत और शिक्षित समाज को अपराधी बताने-दिखाने का भरसक प्रयास मीडिया, सांसद डॉ. महेश शर्मा, सांसद राजेंद्र अग्रवाल और भाजपा नेता विनीत अग्रवाल शारदा आदि ने किया, यह पूरी तरह से निंदनीय है। इन लोगों के कृत्यों को कभी माफ नहीं किया जा सकता।
त्यागी समाज श्रीकांत की पत्नी अन्नू त्यागी के सम्मान की खातिर हर संभव संघर्ष को तैयार है। हमें यदि आर-पार की लड़ाई भी लड़नी पड़ी तो डटकर लड़ेंगे। हमारी मांग है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और संबंधित सभी दोषी पक्षों पर विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीँ आगामी 21 अगस्त को नोएडा के गेझा गांव में एक विशाल महापंचायत करने का निर्णय त्यागी, ब्राह्मण, भूमिहार समाज के देशव्यापी संगठनों ने लिया है।