नई दिल्ली: देश में आधारभूत ढांचे के विकास एवं वैश्विक स्तर पर बहुविध ज्ञान तंत्र बनाने की जरूरत को देखते हुए परिवहन के क्षेत्र में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने वाले केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2022 पर सोमवार को संसद की मुहर लग गयी। राज्यसभा ने एक घंटे की संक्षिप्त चर्चा के बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया और लोकसभा इस पहले ही पारित कर चुकी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इस विधेयक में गुजरात के राष्ट्रीय रेल और परिवहन संस्थान को गतिशक्ति विश्वविद्यालय में परिवर्तित करने का प्रावधान है। देश में जिस प्रकार से आधारभूत संरचना का विकास हो रहा है और आधारभूत ढांचे की रूपरेखा बन रही है, उसके लिए उपयुक्त मानव संसाधन की आवश्यकता है। इससे न केवल भारत में मानव संसाधन को प्रशिक्षित किया जा सकेगा बल्कि दुनियाभर के लोग इसमें प्रशिक्षण ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में परिवहन का ढ़ांचा इस तरह का है कि यहां हर प्रकार व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गतिशक्ति की परिकल्पना के तहत इसमें परिवहन के सारे विभाग रेलवे, सड़क, जलमार्ग, विमानन और पत्तन के साथ सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार को एक मंच पर लाने की योजना को क्रियान्वित किया जा रहा है। बडोदरा में राष्ट्रीय रेल और परिवहन संस्थान के रूप में एक मानद विश्वविद्यालय चल रहा है, जिसे रेलवे की अगुवाई में वैश्विक स्तर के गतिशक्ति विश्वविद्यालय का रूप प्रदान किया जाएगा।
रेल मंत्री ने कहा कि 21वीं सदी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर यह विधेयक लाया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ऐसे प्रावधान किये गये हैं जिसमें रोजगार पाने की सिर्फ आवश्यकता नहीं होगी बल्कि रोजगार देने वाला भी बने ऐसी कल्पना की गयी है और यही कल्पना गतिशक्ति में की गयी है। चर्चा में कांग्रेस के एल. हनुमंतैया, तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के शिवदासन, वाईएसआरसीपी के वी. विजय साईं रेड्डी, आईयूएमएल के अब्दुल वहाब, अन्ना द्रमुक के एम. थंबीदुरई, तेलुगू देशम पार्टी के कनक मेदला रविंद्र कुमार, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संतोष कुमार पी. और समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव ने भाग लिया। सभी सदस्यों ने देश के अन्य भागों में भी ऐसे विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग की।
केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पर संसद की मुहर