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सहकारिता से हासिल समृद्धि समानता लाएगी

गांधीनगर : भूपेंद्र पटेल ने रविवार को कहा कि सहकारिता से हासिल समृद्धि समानता लाएगी, बंधुता का पोषण करेगी और सामाजिक न्याय का मार्ग प्रशस्त करेगी।
पटेल ने कहा कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर द्वारा दिए गए समानता, बंधुता और सामाजिक न्याय के लक्ष्य को साधने के लिए सहकारिता एक बड़ा चालक बल बन सकता है। गांधीनगर में आज डॉ. बी.आर. आंबेडकर को-ऑपरेटिव क्रेडिट एंड सप्लाई सोसायटीज फेडरेशन के महाधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार अच्छा काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहन देने के लिए तत्पर है। अनुसूचित जाति की सहकारी मंडलियों का फेडरेशन समाज के अदने व्यक्ति, विशेषकर महिलाओं के लिए लाभकारी रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात ने बैंकिंग, दुग्ध उत्पादन, चीनी और कपास क्षेत्र में को-ऑपरेटिव मॉडल को अपनाकर सफलता हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और देश के सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हमें ‘सहकारिता से समृद्धि’ की दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश में पहली बार एक अलग सहकारिता मंत्रालय कार्यरत हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत में आजादी से पहले जो आर्थिक सुधार और बड़े बदलाव हुए, उसमें बाबा साहब के विचारों का काफी बड़ा योगदान रहा है। ब्रिटिश हुकूमत के दौरान भारत की आर्थिक स्थिति और समस्याओं को बाबा साहब विशेष रूप से समझ पाए थे।
उन्होंने फेडरेशन के पदाधिकारियों और अग्रणियों को बधाई देते हुए कहा कि वंचित, दलित और शोषित वर्ग के साधारण व्यक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त करने का फेडरेशन का काम सराहनीय है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब बैंक वंचित वर्ग के साधारण व्यक्ति को जल्दी ऋण नहीं देते थे, छोटे व्यक्ति को कोई जमानतदार (गारंटर) भी नहीं मिलता था। लेकिन अब समय बदल चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी साधारण, गरीब वर्ग के लोगों के गारंटर बने हैं और उन्होंने साधारण व्यक्ति को ऋण की गारंटी दी है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मुद्रा लोन और स्वनिधि योजना के माध्यम से छोटे व्यापारियों और फेरीवालों को ऋण मिलने लगा है। उनके हाथों में पैसा आ गया है और अब उनका व्यापार-रोजगार फल-फूल कर आत्मनिर्भर बना है। उन्होंने कहा कि गुजरात के सहकारी आंदोलन ने समाजवाद और पूंजीवाद के समक्ष सहकारितावाद के रूप में एक वैकल्पिक मॉडल तैयार किया है। समान हित के लिए एक समान ध्येय के साथ ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की नींव पर यह व्यवस्था बनी है।
उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की आर्थिक गति और प्रगति की रूपरेखा लोगों के समक्ष प्रस्तुत की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने टारगेटेड बेनिफिट प्रदान करने की जो नई राह अपनाई है, उससे जरूरतमंद लोगों, गरीबों, युवाओं, अन्नदाता और महिलाओं को सीधा लाभ मिलता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आजादी का अमृतकाल सभी के प्रयासों से गुजरात के सहकारी क्षेत्र के लिए समृद्धि का काल सिद्ध होगा।
सहकारिता राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से देश में खादी का टर्नओवर सवा लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। मोदी साहब का यह खादी अभियान इस बात का उदाहरण है कि एक विचार से सामाजिक जीवन में कितना बड़ा परिवर्तन आ सकता है। उन्होंने कहा कि खादी की बिक्री में वृद्धि होने से वणकर समाज के कारीगर भाइयों और बहनों को बहुत बड़ा लाभ हुआ है। उन्होंने ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा रथ’ के संदर्भ में कहा कि प्रधानमंत्री ने इस यात्रा के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया है।
सहकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल के सदस्य और अधिकारी विकसित भारत संकल्प यात्रा के अंतर्गत गांवों और लाभार्थियों तक पहुंचकर लाभ वितरण का जो काम कर रहे हैं, उसकी विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त कर मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य में इस यात्रा को सफल बनाया है। कार्यक्रम में पूर्व सांसद और मौजूदा विधायक महंत शंभुनाथ जी टुंडिया, पूर्व मंत्री ईश्वरभाई मकवाणा, कसनदास सोनेरी, पूर्व सांसद रतिलाल वर्मा, पूर्व सांसद राजूभाई परमार, पूर्व मंत्री प्रदीपभाई परमार, महिला अग्रणी कमलाबेन गुर्जर, पूर्व मंत्री गिरीशभाई परमार, गांधीनगर की विधायक श्रीमती रीटाबेन पटेल, पूर्व संसदीय सचिव पूनमभाई मकवाणा, अनुसूचित जाति निगम के पूर्व चेयरमैन अश्विन बैंकर, सफाई कामदार विकास निगम के पूर्व चेयरमैन महेन्द्र परमार सहित कई विधायक, पूर्व विधायक, समाज के अग्रणी, सरकार के पदाधिकारी और अधिकारी तथा सहकारी नेताओं सहित गुजरात राज्य की बचत, जमा और वितरण करने वाली अनुसूचित जाति की 150 सहकारी मंडलियों के पदाधिकारी और सभासद विशाल संख्या में उपस्थित रहे।

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