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हिमाचल विधानसभा के तीन निर्दलीय विधायकों का इस्तीफा

शिमला : 27 फरवरी के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार को गत 27 फरवरी के चुनाव में वोट देने वाले तीन निर्दलीय विधायकों ने शुक्रवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा ने कहा कि तीन निर्दलीय विधायकों- होशियार सिंह, केएल ठाकुर और आशीष शर्मा ने शुक्रवार को उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया और जिसे अंतिम निर्णय के लिए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के समक्ष रखा जाएगा।
इस्तीफा देने के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए तीनों निर्दलीय विधायकों ने कहा कि वे भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का समर्थन करेंगे। श्री आशीष शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन को वोट देने के अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है लेकिन राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान करने के बाद उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वह भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और जनता उनका समर्थन करेगी। श्री होशियार सिंह ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि चुनाव लड़ने के बाद वे इसे लोगों तक नहीं पहुंचा सके।
श्री केएल ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और उन्हें अपना पारिवारिक व्यवसाय चलाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था लेकिन अब भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने उन्हें पार्टी में सम्मान देने का वादा किया है।
मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वे कांग्रेस सरकार को दोष नहीं दे सकते क्योंकि उन्हें कांग्रेस के टिकट पर वोट नहीं मिला था और हेलीकॉप्टर में उड़ान भरने और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सुरक्षा घेरे में रहने के बाद निर्दलीय विधायक ऐसा व्यवहार कर रहे थे मानो वे कांग्रेस के विधायक हों। उन्होंने हालांकि कहा कि उनकी सरकार उनके साथ कभी भेदभाव नहीं करती है और वे राज्य में रहने और अपने मतदाताओं की सेवा करने के लिए स्वतंत्र हैं।

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