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रोहिंग्याओं के पक्षधर कर रहे हैं सीएए का विरोध

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर विपक्ष पर मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए झूठ बोल कर देश में भ्रम फैलाने का बुधवार को आरोप लगाया और कहा कि रोहिंग्याओं का पक्ष लेकर उन्हें भारत में बड़े पैमाने पर बसाने की साजिश रचने वाले लोग, पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार अल्पसंख्यकों लोगों को नागरिकता देने का विरोध कर रहे हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व केन्द्रीय मंत्री, सांसद रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा सीएए को लेकर तुष्टिकरण की राजनीति करने पर हमला करते हुए कहा कि श्री केजरीवाल वोटबैंक की प्रत्याशा में किसी भी हद तक जा सकते हैं। केजरीवाल समेत विपक्षी पार्टियों के नेता रोहिंग्या के पक्ष में तो खड़े हो जाते हैं, मगर पड़ोसी देशों से आये प्रताड़ित लोगों को नागरिकता देने का विरोध कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि सीएए कानून का भारत में रह रहे किसी नागरिक से कोई संबंध नहीं है, बल्कि सीएए के माध्यम से केवल आस्था के नाम पर प्रताड़ित होकर हिंदुस्तान में आए लोगों को नागरिकता प्रदान की जाएगी।
प्रसाद ने कहा कि श्री केजरीवाल का आज एक बहुत ही विचित्र वक्तव्य आया है कि सीएए के आने से देश के बाहर के लोग नौकरी लेंगे। यह श्री केजरीवाल का कैसा तर्क है? भारत ने अपनी आस्था के नाम पर प्रताड़ित होकर पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान से हिंदुस्तान आए हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों और पारसियों को एक अवसर प्रदान किया है। ये सभी प्रताड़ित लोग बड़ी संख्या में यहीं भारत में ही रह रहें हैं। क्या इन प्रताड़ित लोगों को कानूनी माध्यम से नागरिकता का संरक्षण देना, भारत का नैतिक, संवैधानिक और सांस्कृतिक अधिकार नहीं। उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी स्पष्ट रूप से कहना चाहती है कि सीएए कानून से न किसी की नौकरी ली जाएगी और न ही किसी की नागरिकता।”
प्रसाद ने श्री केजरीवाल से सवाल किया कि वह वोटबैंक की प्रत्याशा में कहां तक जाएंगे? केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि सीएए हिंदुस्तान के किसी नागरिक की नागरिकता नहीं लेगा और न ही इस कानून का हिंदुस्तान के किसी भी नागरिक के साथ कोई संबंध है। सीएए केवल आस्था के नाम पर प्रताड़ित होकर पाकिस्तान, बंगलादेश, अफगानिस्तान आदि से जो लोग भारत आए हैं, उनको नागरिकता प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि देश के गृह विभाग ने वक्तव्य जारी करके स्पष्ट किया है कि सीएए देश के मुसलमानों के विरोध में कुछ नहीं कहता। लेकिन फिर भी प्रोपेगंडा फैलाया जा रहा है। ये वे लोग हैं जो रोहिंग्या के पक्ष में खड़े होकर उनको अधिकार और अवसर देने की बात करते हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री ने आस्था के नाम पर प्रताड़ित होकर पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान से हिंदुस्तान आने वाले लोगों के लिए उचित निर्णय लिए और सीएए लागू किया तो आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियाँ विरोध कर रही है, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष सीएए पर झूठ फैलाकर जनता को दिग्भ्रमित करना बंद करें। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इसलिए चिंतित हैं, क्योंकि उनकी राजनीतिक जमीन खिसक रही है। श्री केजरीवाल भी उसी दौड़ में शामिल हो चुके हैं और दक्षिण भारत में वामपंथी भी इसका विरोध कर रहे हैं।
प्रसाद ने कहा कि भाजपा यह स्पष्ट करना चाहती है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम किसी भी भारतीय की नागरिकता को रद्द नहीं करता है और न ही किसी भारतीय को नागरिकता के अधिकार से वंचित करता है। सीएए का उद्देश्य पूरी तरह से उन लोगों को राहत प्रदान करना है, जिन्हें अपनी आस्था के कारण उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है और जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंगलादेश से भागने के लिए मजबूर हुए हैं। भारत सीएए के माध्यम से इन शरणार्थियों को सम्मान के साथ शरण प्रदान करता है।

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