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       <title>Today CM News | Latest CM News | Breaking CM News in English | Latest CM News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का CM समाचार:Today CM News ,Latest CM News,Aaj Ka Samachar ,CM समाचार ,Breaking CM News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>राष्ट्रीय मंच पर चमका यूपी का हरित परिवहन मॉडल, भविष्य की मोबिलिटी का रोडमैप पेश</title><link>https://gauravshalibharat.com/uttar-pradesh/ups-green-transport-model-shines-on-the-national-stage-presenting-a-roadmap-for-future-mobility/</link><pubDate>April 21, 2026, 9:53 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/1776784778-5335.webp</image><category>उत्तर प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ, दिल्ली में आयोजित ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश ने हरित, आधुनिक और तकनीक-आधारित परिवहन मॉडल की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) के मुख्य कार्यकार...</excerpt><content>&lt;p style=&quot;text-align: left&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ, दिल्ली&lt;/strong&gt; में आयोजित ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश ने हरित, आधुनिक और तकनीक-आधारित परिवहन मॉडल की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार सिंह ने प्रदेश के सतत मोबिलिटी, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और भविष्य उन्मुख अवसंरचना के विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश हरित परिवहन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: left&quot;&gt;इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव: एक्सेलेरेटिंग टुवर्ड्स द फ्यूचर ऑफ सस्टेनेबल एंड ग्रीन मोबिलिटी’ का मंगलवार को नई दिल्ली में शुभारंभ हुआ। इस दौरान कॉन्क्लेव में ऑटोमोबाइल, रेलवे, मरीन, एविएशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, जैव ईंधन, लंबी दूरी माल परिवहन, शहरी परिवहन, स्मार्ट मोबिलिटी और ऊर्जा संक्रमण जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल, निवेश संभावनाओं और हरित परिवहन दृष्टिकोण को सभी ने सराहा।&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: left&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में यूपी का दमदार प्रदर्शन, एसटीसी के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया हरित परिवहन मॉडल&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: left&quot;&gt;&lt;strong&gt;*विकसित हो रहे सतत परिवहन मॉडल, स्वच्छ ऊर्जा आधारित ग्रीन मोबिलिटी, आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तथा भविष्य उन्मुख अवसंरचना विकास की प्रस्तुत की व्यापक रूपरेखा&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: left&quot;&gt;&lt;strong&gt;हरित परिवहन, कुशल लॉजिस्टिक्स और सतत अवसंरचना ‘विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ तथा ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा उत्तर प्रदेश: मनोज सिंह&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: left&quot;&gt;&lt;strong&gt;सतत मोबिलिटी, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक अवसंरचना पर यूपी के विजन को राष्ट्रीय मंच पर मिली सराहना&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: left&quot;&gt;केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस आयोजन में देशभर से नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, परिवहन विशेषज्ञों, निवेशकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने हरित एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था के भविष्य पर यूपी का पक्ष रखा।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: left&quot;&gt;उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने राज्य में विकसित हो रहे सतत परिवहन मॉडल, स्वच्छ ऊर्जा आधारित ग्रीन मोबिलिटी, आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तथा भविष्य उन्मुख अवसंरचना विकास की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य होने के साथ-साथ आर्थिक प्रगति का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रदेश के तीव्र एवं संतुलित विकास के लिए परिवहन व्यवस्था का हरित, सुरक्षित, आधुनिक और तकनीक-आधारित होना आवश्यक है।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: left&quot;&gt;उन्होंने बताया कि राज्य सरकार परिवहन क्षेत्र में व्यापक सुधार, निवेश प्रोत्साहन, नवाचार, मजबूत कनेक्टिविटी तथा पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश आज देश में एक्सप्रेस-वे विकास का अग्रणी राज्य बन चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे सहित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में तेज और सुगम संपर्क व्यवस्था विकसित की जा रही है। इनसे यात्रा समय में कमी, ईंधन की बचत, औद्योगिक निवेश में वृद्धि और माल परिवहन की दक्षता में सुधार हुआ है। श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ई-बसों, चार्जिंग नेटवर्क और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे रही है। साथ ही एथेनॉल, बायोगैस, संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) और कृषि अपशिष्ट आधारित ऊर्जा के क्षेत्र में भी प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, डिजिटल टोलिंग और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकें भविष्य के परिवहन क्षेत्र को नई दिशा देंगी।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: left&quot;&gt;उत्तर प्रदेश इन नवाचारों को अपनाकर नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हरित परिवहन, कुशल लॉजिस्टिक्स और सतत अवसंरचना ‘विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ तथा ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>परिषदीय विद्यालयः योगी सरकार ने 20 दिनों में ही पूरा किया नवीन नामांकन का एक चौथाई लक्ष्य</title><link>https://gauravshalibharat.com/state/council-schools-yogi-government-achieves-one-fourth-of-new-enrollment-target-in-just-20-days/</link><pubDate>April 21, 2026, 6:42 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/yogi-adityanath-school-300x169.webp</image><category>उत्तर प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ। योगी सरकार द्वारा संचालित स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत प्रदेश में नवीन नामांकन की प्रक्रिया ने शुरुआती चरण में ही तेज गति पकड़ ली है। अप्रैल माह से गतिशील इस अभियान के अंतर्गत पिछले सत्र में लगभग 34 लाख से अधिक नये नामांकन हुए थे। उसके साप...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; योगी सरकार द्वारा संचालित स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत प्रदेश में नवीन नामांकन की प्रक्रिया ने शुरुआती चरण में ही तेज गति पकड़ ली है। अप्रैल माह से गतिशील इस अभियान के अंतर्गत पिछले सत्र में लगभग 34 लाख से अधिक नये नामांकन हुए थे। उसके सापेक्ष इस सत्र में 20 अप्रैल तक यानी मात्र 20 दिनों में ही 8 लाख 79 हजार से अधिक नए बच्चों का नामांकन दर्ज किया जा चुका है। यह परिषदीय शिक्षा को सार्वभौमिक बनाने के प्रति योगी सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;प्रदेश के लगभग 1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों में यह अभियान सक्रिय रूप से संचालित हो रहा है। योगी सरकार के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग घर-घर संपर्क, जन-जागरूकता और स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ते हुए सार्वभौमिक शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कक्षा 1 और कक्षा 6 में नामांकन की गति सबसे तेज&lt;br /&gt;
&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;
योगी सरकार द्वारा परिषदीय कक्षाओं पर विशेष फोकस का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। आंकड़े बताते हैं कि कक्षा 1 और कक्षा 6 में नामांकन की गति सर्वाधिक है। कक्षा 1 में वर्ष 2025-26 के 16,03,833 के सापेक्ष वर्ष 2026-27 में मात्र 20 दिनों में ही 5,29,726 नामांकन दर्ज किए गए हैं, जबकि कक्षा 6 में वर्ष 2025-26 के 10,94,026 के मुकाबले वर्ष 2026-27 में 2,73,621 नामांकन हो चुके हैं। अन्य कक्षाओं में भी नामांकन की प्रक्रिया निरंतर गतिशील है, जहां कक्षा 2 में 28,571, कक्षा 3 में 17,686, कक्षा 4 में 10,772, कक्षा 5 में 8,418, कक्षा 7 में 6,513 तथा कक्षा 8 में 3,302 नामांकन दर्ज किए गए हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;समन्वित प्रयासों से मिले परिणाम, आगे और तेजी की तैयारी&lt;br /&gt;
&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;
यह उपलब्धि पिछले शैक्षिक सत्र &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/state/delhi-wheat-procurement-fci-rekha-gupta-msp-2026/&quot;&gt;2025-26&lt;/a&gt; के कुल नवीन नामांकन (लगभग 34 लाख) के सापेक्ष करीब 26 प्रतिशत है। यह अभियान की प्रभावी रणनीति और सशक्त जमीनी क्रियान्वयन से संभव हुआ है। अब शेष लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और अधिक सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;चूंकि यह अभियान जुलाई माह तक संचालित होगा, इसलिए आगामी चरणों में नामांकन को और गति देने के लिए विभागीय अधिकारियों से लेकर शिक्षकों तक समन्वित और सुदृढ़ प्रयास किए जा रहे हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>वाहन प्रदूषण पर सख्ती तेज, PAC रिपोर्ट पर 2027 तक एक्शन रिपोर्ट अनिवार्य</title><link>https://gauravshalibharat.com/state/strictness-on-vehicle-pollution-intensified-action-report-on-pac-report-mandatory-by-2027/</link><pubDate>April 20, 2026, 6:18 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/bijendra-gupta-300x169.webp</image><category>दिल्ली</category><excerpt>नई दिल्ली में बढ़ते वाहन जनित प्रदूषण को लेकर अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के आधार पर लोक लेखा समिति (PAC) की सिफारिशों को संबंधित विभागों तक भेजते हुए समयबद्ध कार्रवाई सु...</excerpt><content>&lt;p data-start=&quot;89&quot; data-end=&quot;556&quot;&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली&lt;/strong&gt; में बढ़ते वाहन जनित प्रदूषण को लेकर अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के आधार पर लोक लेखा समिति (PAC) की सिफारिशों को संबंधित विभागों तक भेजते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को साफ तौर पर कहा गया है कि वे 31 दिसंबर 2026 तक सिफारिशों के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट करें और 31 जनवरी 2027 तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;558&quot; data-end=&quot;910&quot;&gt;इस संबंध में &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/national/government-statement-on-lpg-supply-in-delhi-sufficient-stock-no-shortage-appeals-to-avoid-rumours/&quot;&gt;परिवहन मंत्री&lt;/a&gt; और परिवहन विभाग के आयुक्त को औपचारिक पत्र जारी कर दिया गया है, जिसमें समिति की सिफारिशों पर ठोस और समयबद्ध जवाब मांगा गया है। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि वाहन प्रदूषण से निपटने के लिए सिर्फ योजनाएं बनाना काफी नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देना जरूरी है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;912&quot; data-end=&quot;1228&quot;&gt;रिपोर्ट में दिल्ली में वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कई अहम पहलुओं की समीक्षा की गई है। इसमें नियामक ढांचे की कमजोरियां, प्रवर्तन में कमी और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी जैसे मुद्दों को प्रमुख रूप से उजागर किया गया है। इन कमियों के चलते वायु गुणवत्ता सुधार की कोशिशें अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1230&quot; data-end=&quot;1534&quot;&gt;विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए बेहतर मॉनिटरिंग सिस्टम, पर्याप्त एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन और सटीक उत्सर्जन डेटा बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा व्यवस्थाओं में इन सभी क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है, ताकि नीतियां साक्ष्य आधारित बन सकें और उनका असर जमीन पर दिखाई दे।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1536&quot; data-end=&quot;1885&quot;&gt;सार्वजनिक परिवहन को लेकर भी चिंता जताई गई है। बसों की कमी, सीमित रूट कवरेज और कमजोर लास्ट माइल कनेक्टिविटी के कारण लोग निजी वाहनों पर अधिक निर्भर हो रहे हैं, जिससे प्रदूषण और बढ़ता है। इसके अलावा, वाहन उत्सर्जन जांच प्रणाली में खामियां, पीयूसी सर्टिफिकेट में अनियमितताएं और पुराने वाहनों की धीमी स्क्रैपिंग प्रक्रिया भी समस्या को गंभीर बना रही है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1887&quot; data-end=&quot;2195&quot;&gt;हालांकि सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और चार्जिंग &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/state/violation-of-tree-protection-laws-will-no-longer-be-tolerated-under-any-circumstances-chief-minister-rekha-gupta/&quot;&gt;इंफ्रास्ट्रक्चर&lt;/a&gt; विकसित करने जैसे कदम उठाए गए हैं, लेकिन इनके प्रभावी क्रियान्वयन में अभी भी सुधार की जरूरत है। विजेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सभी विभागों को मिलकर एक समन्वित रणनीति के तहत काम करना होगा, तभी प्रदूषण पर काबू पाया जा सकेगा।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;2197&quot; data-end=&quot;2386&quot;&gt;उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों से अपील की कि वे समिति की सिफारिशों पर तेजी से काम करें और तय समयसीमा के भीतर परिणाम प्रस्तुत करें, ताकि दिल्ली के लोगों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>पेड़ संरक्षण कानूनों का उल्लंघन अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता</title><link>https://gauravshalibharat.com/state/violation-of-tree-protection-laws-will-no-longer-be-tolerated-under-any-circumstances-chief-minister-rekha-gupta/</link><pubDate>April 20, 2026, 4:24 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/rekha-gupta-forest-300x169.webp</image><category>दिल्ली</category><excerpt>नई दिल्ली । दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने पेड़ों से जुड़े अपराधों से निपटने के लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एस...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली ।&lt;/strong&gt; दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने पेड़ों से जुड़े अपराधों से निपटने के लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अधिसूचित कर दी है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को दिल्ली की हरियाली की रक्षा और पेड़ संरक्षण कानूनों के सख्त प्रवर्तन की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कानून को मिली धार, होगी प्रभावी व्यवस्था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा दिल्ली प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट 1994 की धारा 33 के अंतर्गत यह एसओपी अधिसूचित की गई है। इसके तहत पेड़ों की अवैध कटाई, क्षति पहुंचाने और अनधिकृत गतिविधियों की रोकथाम, पहचान और अभियोजन के लिए एक मजबूत, पारदर्शी और समयबद्ध तंत्र स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि इस एसओपी के लागू होने से कानून उल्लंघन के प्रत्येक मामले में प्रभावी और जवाबदेह कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र से मौके पर तुरंत कार्रवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि एसओपी के तहत एक सुदृढ़ त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन, ऑनलाइन पोर्टल और ऑफलाइन माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सभी शिकायतें वास्तविक समय में संबंधित फील्ड अधिकारियों तक प्रेषित की जाएंगी, जिससे तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। मुख्यालय और डिवीजन स्तर पर गठित क्विक रिस्पॉन्स टीमें (क्यूआरटी) निर्धारित समय सीमा में मौके पर पहुंचकर आगे होने वाले नुकसान को रोकेंगी। साथ ही, जियो टैग्ड फोटो और वीडियो के माध्यम से साक्ष्य का वैज्ञानिक संकलन करेंगी।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; class=&quot;aligncenter&quot; src=&quot;https://encrypted-tbn0.gstatic.com/images?q=tbn:ANd9GcSh4EOJR3d2FeToxLbM3oihus-htVK7_hPJ5Q&amp;amp;s&quot; alt=&quot;मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बीएसएफ कैंप में &#039;एक पेड़ माँ के नाम&#039; अभियान में  हिस्सा लिया &quot; width=&quot;275&quot; height=&quot;183&quot; /&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;फील्ड स्तर पर सशक्त निगरानी और विशेष अधिकार&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/state/yamuna-flood-protection-wall-project-approved-delhi-to-get-permanent-relief/&quot;&gt;रेखा गुप्ता&lt;/a&gt; ने कहा कि एसओपी के अंतर्गत फील्ड स्तर पर प्रवर्तन को और अधिक सशक्त किया गया है। वन विभाग के अधिकारी, जिनमें बीट ऑफिसर और ट्री ऑफिसर शामिल हैं, को उल्लंघनों को रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने, अपराध में प्रयुक्त उपकरणों को जब्त करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने के अधिकार प्रदान किए गए हैं, जिससे पेड़ संरक्षण से जुड़े मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;24 घंटे निगरानी के लिए कंट्रोल रूम&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के लिए मुख्यालय स्तर पर फॉरेस्ट कंट्रोल रूम और डिवीजन स्तर पर डिवीजन कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो चौबीसों घंटे कार्य करेंगे। इन कंट्रोल रूम को आवश्यक अवसंरचना से सुसज्जित किया गया है ताकि शिकायतों की निरंतर निगरानी की जा सके और विभिन्न आपात सेवाओं के साथ समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; class=&quot;aligncenter&quot; src=&quot;https://www.agniban.com/wp-content/uploads/2025/09/rekha-gupta-cm.jpeg&quot; alt=&quot;मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने &#039;एक पेड़ मां के नाम&#039; अभियान के तहत दिल्ली में  पौधारोपण किया | Chief Minister Rekha Gupta planted tree in Delhi under the  &#039;One Tree in the Name&quot; width=&quot;1600&quot; height=&quot;1066&quot; /&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;ग्रीन हेल्पलाइन व पोर्टल से जन-भागीदारी&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने ग्रीन हेल्पलाइन नंबर &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/state/chief-minister-rekha-gupta-takes-strict-action-on-development-works-in-azadpur-mandi-gives-strict-instructions-to-officials/&quot;&gt;1800118600&lt;/a&gt; को दोबारा सक्रिय किया है। साथ ही, ग्रीन हेल्पलाइन पोर्टल (https://ghl.eforest.delhi.gov.in) भी है। इन्हें व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसका उपयोग कर सकें। ग्रीन हेल्पलाइन पोर्टल पूरी तरह कार्यरत है, जो शिकायत दर्ज करने और उसकी प्रगति की निगरानी के लिए सुलभ मंच प्रदान करता है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप कदम&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के पर्यावरण संरक्षण संबंधी विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘प्रकृति के साथ विकास’ का उनका दृष्टिकोण देश के लिए प्रेरणास्रोत है। हरित भारत और सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से प्रेरित होकर दिल्ली सरकार भी ठोस कदम उठा रही है। यह एसओपी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;हरित संपदा की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/state/yamuna-flood-protection-wall-project-approved-delhi-to-get-permanent-relief/&quot;&gt;मुख्यमंत्री&lt;/a&gt; का कहना है कि दिल्ली सरकार राजधानी की हरित संपदा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पेड़ संरक्षण कानूनों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं और किसी भी प्रकार के उल्लंघन की सूचना तत्काल संबंधित तंत्र को दें ताकि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज़ादपुर मंडी में विकास कार्यों पर सख्ती, अधिकारियों को कड़े निर्देश</title><link>https://gauravshalibharat.com/state/chief-minister-rekha-gupta-takes-strict-action-on-development-works-in-azadpur-mandi-gives-strict-instructions-to-officials/</link><pubDate>April 20, 2026, 2:45 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/rekha-gupta-azadpurmandi-300x169.webp</image><category>दिल्ली</category><excerpt>नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज आज़ादपुर मंडी, गुप्ता मार्केट और आसपास के इलाकों का ऑन-ग्राउंड निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली मेट्रो (DMRC) और लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों से ...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज आज़ादपुर मंडी, गुप्ता मार्केट और आसपास के इलाकों का ऑन-ग्राउंड निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली मेट्रो (DMRC) और लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट मांगी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यों में देरी और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्थानीय नागरिकों के आवागमन और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/state/yamuna-flood-protection-wall-project-approved-delhi-to-get-permanent-relief/&quot;&gt;सीएम&lt;/a&gt; ने यह भी कहा कि सभी विकास कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ, तय समय-सीमा के भीतर और गुणवत्ता से बिना किसी समझौते के पूरे किए जाएं, ताकि जनता को समय पर सुविधाएं मिल सकें।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इसके अलावा, आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, कूड़ा उठान और बेहतर &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/national/government-statement-on-lpg-supply-in-delhi-sufficient-stock-no-shortage-appeals-to-avoid-rumours/&quot;&gt;प्रबंधन&lt;/a&gt; को लेकर भी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्लीवासियों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लंबे समय से उपेक्षित क्षेत्रों में शुरू किए गए विकास कार्यों को मिशन मोड में तेजी से पूरा कर जनता को समर्पित किया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा को दिखाई हरी झंडी</title><link>https://gauravshalibharat.com/uttar-pradesh/chief-minister-yogi-adityanath-flagged-off-the-somnath-swabhiman-parv-yatra-from-lucknow/</link><pubDate>April 20, 2026, 4:05 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/images-1-1-300x168.webp</image><category>उत्तर प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा &amp;#8216;उत्तर प्रदेश&amp;#8217; का शुभारंभ किया। धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के बीच शुरू हुई इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओ...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ,  उत्तर प्रदेश&lt;/strong&gt; के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा &amp;#8216;उत्तर प्रदेश&amp;#8217; का शुभारंभ किया। धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के बीच शुरू हुई इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रवाना हुई इस विशेष ट्रेन ने श्रद्धालुओं की आस्था को नया आयाम दिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने आम लोगों की वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी करने का कार्य किया है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;*&lt;strong&gt;श्रद्धालुओं ने सीएम योगी का जताया आभार* &lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;खासतौर पर मुजफ्फरनगर के बंती खेड़ा निवासी सतीश कुमार भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से उनकी इच्छा थी कि बाबा सोमनाथ मंदिर के दर्शन करने जाएं, लेकिन कभी अवसर नहीं मिला। सरकार की पहल से यह यात्रा शुरू होने से उनका सपना पूरा हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने आम लोगों की भावनाओं को समझा है। वहीं बरेली की बिंदु इशिका सिंघानिया ने कहा कि यह यात्रा केवल दर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति को मजबूत करने वाली पहल है। इससे एक राज्य के लोग दूसरे राज्य की संस्कृति को जान सकेंगे और युवा पीढ़ी भी अपनी परंपराओं से जुड़ेगी। बिंदु इशिका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;*&lt;strong&gt;यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान*&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;आजमगढ़ के अनंत तिवारी ने कहा कि सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान है। कई लोग श्रद्धा रखते हैं, लेकिन आर्थिक अभाव में तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते। अब उन्हें भी सोमनाथ धाम जाने का अवसर मिलेगा। मेरठ के अनंत राना ने बताया कि वह पहली बार सोमनाथ दर्शन के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को इस यात्रा से बड़ा लाभ मिलेगा। बिजनौर और गोरखपुर से आए श्रद्धालुओं ने भी सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि योगी सरकार हर वर्ग की आस्था का सम्मान कर रही है। सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के शुभारंभ के साथ योगी सरकार ने यह संदेश दिया है कि विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी प्राथमिकता दी जा रही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>लखनऊ में आयोजित &amp;#8216;सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश&amp;#8217; का शुभारंभ कार्यक्रम</title><link>https://gauravshalibharat.com/uttar-pradesh/inaugural-programme-of-somnath-swabhiman-yatra-uttar-pradesh-organised-in-lucknow/</link><pubDate>April 20, 2026, 1:52 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260419-WA0025-300x208.webp</image><category>उत्तर प्रदेश</category><excerpt>*लखनऊ, 19 अप्रैल।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी गौरव...</excerpt><content>&lt;p&gt;*लखनऊ, 19 अप्रैल।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी गौरवशाली सनातन विरासत और आधुनिक विकास के नए युग में एक साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सदियों के आक्रमणों के बावजूद सनातन आस्था अडिग रही और आज “यतो धर्मस्ततो जयः” के भाव के साथ पुनः अपने स्वाभिमान के शिखर पर स्थापित हो रही है। मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक पुनरुत्थान का उल्लेख करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल और राजेंद्र प्रसाद के योगदान को याद किया और कहा कि आज वही सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अभियान नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है। इस अवसर पर उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा को रवाना करते हुए इसे भारत की आस्था, एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;*&lt;strong&gt;सनातन आस्था भी अजर-अमर पथ का प्रतीक*&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और दृढ़ नेतृत्व में अपनी गौरवशाली विरासत के साथ-साथ आधुनिक विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। आज का यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि भारत के शास्त्रों की मान्यता के अनुसार जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबने देखा है कि भारत की सनातन संस्कृति पर सदियों से हमले होते रहे, लेकिन हमलावर भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए। लगभग 1000 वर्ष पहले द्वादश ज्योतिर्लिंगों में देवाधिदेव महादेव के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ भगवान के मंदिर पर विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी के नेतृत्व में कायराना हमला किया गया। आक्रांताओं ने भारत की धन-संपदा लूटी, मंदिरों को अपवित्र किया और सनातन आस्था पर प्रहार किया। लेकिन भारत के सनातन धर्म की अटूट आस्था भगवा पताका के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी रही। आज 1000 वर्ष बाद जब हम देखते हैं तो भारत की सनातन आस्था पूरी दृढ़ता से विश्व के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है, जबकि आक्रांताओं का कोई नामोनिशान इस धरती पर नहीं बचा है। यही है “यतो धर्मस्ततो जयः” का शंखनाद। आक्रांताओं की बर्बरता जिसे रोक नहीं पाई, तोड़ नहीं पाई और झुका नहीं पाई, वही सनातन आस्था आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाई जा रही है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;*&lt;strong&gt;सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ*&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत में हर भारतवासी की यह अभिलाषा थी कि देश को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाधीनता भी प्राप्त हो। इसके लिए लगातार प्रयास किए गए और अनेक स्वर उठाए गए। भारत माता के सपूत, भारत की अखंडता के शिल्पी और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा देखकर संकल्प लिया था कि इस मंदिर का पूर्ण जीर्णोद्धार होगा और द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के मंदिर की गरिमामयी पुनर्स्थापना की जाएगी। लेकिन इस मार्ग में बाधक बने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू। उनकी इच्छा थी कि यह कार्य न हो, परंतु सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की नहीं चली। सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ। प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन को आगे बढ़ाने के लिए आयोजन समिति ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी को आमंत्रित किया। तभी कांग्रेस सरकार और पंडित जवाहरलाल नेहरू फिर बाधक बन गए। उन्होंने लिखित रूप से कहा कि राष्ट्रपति को इस आयोजन में भाग नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता की भावना के विपरीत होगा। एक ओर कांग्रेस की सरकार कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू कर तुष्टिकरण की पराकाष्ठा कर रही थी और आतंकवाद की नींव रख रही थी, वहीं दूसरी ओर सनातन आस्था के प्रतीक सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार और प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का विरोध कर रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कृतज्ञ हैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी के प्रति, जिन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री के विरोध की परवाह किए बिना सोमनाथ मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के भव्य कार्यक्रम को अपने हाथों से संपन्न किया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;*&lt;strong&gt;अयोध्या का नाम आते ही गूंजता है &amp;#8220;जय श्री राम&amp;#8221;*&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कार्य आजाद भारत में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी ने आगे बढ़ाया था, उसी अभियान को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा रहा है। यह भारत के स्वाभिमान को, सनातन आस्था के गौरव को और हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि 10-11 वर्ष पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो पाएगा। आज हर भारतवासी, देश या दुनिया के किसी भी कोने में जाए हर जगह एक ही आवाज गूंजती है और वह है जय श्री राम। कोई भी भारतीय चाहे देश में हो या विदेश में, जब अयोध्या का नाम सुनता है तो स्वतः उसके मुंह से “जय श्री राम” निकलता है और वह तुरंत कहता है कि उसे अयोध्या जाने की बहुत इच्छा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 वर्ष पहले जिन आक्रांताओं ने अयोध्या के राम मंदिर को अपवित्र किया और हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात किया था, आज उनका नाम तक लेने वाला नहीं बचा है। लेकिन सनातन की अटूट आस्था आज भी आकाश की ऊंचाइयों पर है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है और केसरिया ध्वज-पताका वहां लहरा रही है। इसी प्रकार काशी में काशी विश्वनाथ धाम और भव्य कॉरिडोर बन गया है। मां विंध्यवासिनी मंदिर का भव्य कॉरिडोर बन चुका है। प्रयागराज की पावन धरती पर गत वर्ष का महाकुंभ हो या 2019 का कुंभ, दुनिया को यह दिखा दिया गया है कि सांस्कृतिक आयोजन किस भव्य और समरसता भरे रूप में हो सकते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;*&lt;strong&gt;भारत की सनातन शक्ति बिना डिगे, बिना रुके और बिना झुके निरंतर अपनी यात्रा आगे बढ़ा रही है*&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में काशी की जीवंतता है, अयोध्या की मर्यादा है, मथुरा-वृंदावन की भक्ति है और प्रयागराज की समरसता है। आज ये सभी पावन स्थल पूरे देश को अपनी ओर खींच रहे हैं। महाकालेश्वर जाएं तो महाकाल का महालोक, केदारनाथ जाएं तो केदारेश्वर का भव्य मंदिर, बद्रीनाथ जाएं तो बद्री विशाल का दिव्य मंदिर और रामेश्वरम जाएं तो रामेश्वरम धाम, ये सभी हमें आकर्षित करते हैं। यही है भारत की सनातन शक्ति, जो बिना डिगे, बिना रुके और बिना झुके निरंतर अपनी यात्रा आगे बढ़ा रही है। यह पूरे भारत का गौरव है। इस गौरव का साक्षी बनने के लिए आज उत्तर प्रदेश से 1000 से अधिक श्रद्धालु भगवान सोमनाथ धाम के दर्शन करने के लिए गुजरात की धरती की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। जब ये दर्शन करेंगे, तो उनसे प्राप्त पुण्य में हम सब भी भागीदार बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों और जनपदों से कम से कम 11-11 श्रद्धालुओं को इस यात्रा के लिए चुना है। इनमें उद्यमी, नौजवान, महिला उद्यमी, छात्र और शिक्षक शामिल हैं। रेलवे इन श्रद्धालुओं को फ्री ट्रेन उपलब्ध करा रहा है, जबकि बाकी खर्चा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग उठा रहा है। ये श्रद्धालु काशी और अपने-अपने क्षेत्र के ज्योतिर्लिंग तथा तीर्थों का जल लेकर भगवान सोमनाथ का अभिषेक करेंगे और “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ यात्रा करेंगे।&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;सदियों के आक्रमणों के बावजूद आज भी अडिग है सनातन आस्था: सीएम योगी*&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित &amp;#8220;सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश&amp;#8221; का किया शुभारंभ*&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;*जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है: मुख्यमंत्री*&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;*हमलावर कभी भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए: योगी*&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;*सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की भी नहीं चली: सीएम*&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;*एक ओर कांग्रेस कश्मीर में अनुच्छेद 370 लगा रही थी तो दूसरी ओर सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार का विरोध कर रही थी: योगी आदित्यनाथ*&lt;/strong&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;*आज उत्तर प्रदेश में काशी की जीवंतता है, अयोध्या की मर्यादा है, मथुरा-वृंदावन की भक्ति है और प्रयागराज की समरसता है: मुख्यमंत्री*&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p&gt;इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, मंत्री डॉ संजय निषाद, विधायक डॉ नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य पवन चौहान, मुकेश शर्मा, लाल जी प्रसाद निर्मल और अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग अमृत अभिजात उपस्थित रहे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आर.के. आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्यों का विस्तृत निरीक्षण, गुणवत्ता, सुरक्षा और समयसीमा पर विशेष जोर</title><link>https://gauravshalibharat.com/delhi/detailed-inspection-of-construction-works-at-rk-ashram-marg-metro-station-with-special-emphasis-on-quality-safety-and-timeliness/</link><pubDate>April 18, 2026, 9:50 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Untitled-design-11-300x169.webp</image><category>गुड न्यूज़</category><excerpt>नई दिल्ली: राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चल रहे दिल्ली मेट्रो फेज 4 के तहत आर.के. आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन पर जारी निर्माण कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (D...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt; राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चल रहे दिल्ली मेट्रो फेज 4 के तहत आर.के. आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन पर जारी निर्माण कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा की गई।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;निरीक्षण के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारियों और परियोजना से जुड़े इंजीनियरों के साथ साइट पर ही बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने परियोजना के विभिन्न चरणों की जानकारी दी और बताया कि कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए कई स्तरों पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। साथ ही, सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्यस्थल पर श्रमिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा बनी रहे। इसके अतिरिक्त, परियोजना में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और बेहतर निर्माण पद्धतियों को अपनाने पर भी जोर दिया गया।&lt;br /&gt;
यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पर बेहतर पहुंच, साफ-सफाई, संकेतक प्रणाली, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी व्यवस्थाओं को उच्च स्तर पर विकसित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि निर्माण कार्यों के दौरान आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और आम जनता को न्यूनतम असुविधा का सामना करना पड़े। बैठक में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि परियोजना की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और समय-समय पर इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि नागरिकों का भरोसा बना रहे।&lt;br /&gt;
यह भी रेखांकित किया गया कि मेट्रो दिल्ली की जीवनरेखा है, जिसमें प्रतिदिन लाखों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार न केवल यातायात को सुगम बनाता है, बल्कि प्रदूषण को कम करने और शहर के सतत विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि फेज-4 के पूरा होने के बाद दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और अधिक बेहतर होगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा और लोगों को अधिक सुविधाजनक एवं सुरक्षित परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा। राजधानी की बढ़ती आबादी और परिवहन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। विकसित और आधुनिक दिल्ली के निर्माण की दिशा में यह परियोजना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राष्ट्रीय महिला उद्यमी सम्मेलन ने महिला आरक्षण विधेयक की हार की कड़ी निंदा की</title><link>https://gauravshalibharat.com/delhi/national-women-entrepreneurs-conference-strongly-condemns-the-defeat-of-the-womens-reservation-bill/</link><pubDate>April 18, 2026, 2:40 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Untitled-design-10-300x169.webp</image><category>दिल्ली</category><excerpt>काले झंडे लहराते हुए और हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए, देशभर से आई 300 से अधिक महिला उद्यमियों ने कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय महिला उद्यमी सम्मेलन में एकत्र होकर संसद में कल महिला आरक्षण विध...</excerpt><content>&lt;p&gt;काले झंडे लहराते हुए और हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए, देशभर से आई 300 से अधिक महिला उद्यमियों ने कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय महिला उद्यमी सम्मेलन में एकत्र होकर संसद में कल महिला आरक्षण विधेयक को हराने पर कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के प्रति गहरा आक्रोश, पीड़ा और तीव्र नाराजगी व्यक्त की।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में महिला उद्यमियों की अभूतपूर्व एकजुटता और दृढ़ संकल्प देखने को मिला। उन्होंने इस घटनाक्रम को देश की महिलाओं की आकांक्षाओं के साथ “ऐतिहासिक विश्वासघात” करार दिया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सम्मेलन में सर्वसम्मति से एक कड़े शब्दों में प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें विपक्ष द्वारा महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में लंबे समय से लंबित 33 प्रतिशत आरक्षण से वंचित करने के इस कदम को एक सुनियोजित और दुर्भावनापूर्ण प्रयास बताया गया। प्रतिभागियों ने स्पष्ट कहा कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में उनकी समान भागीदारी के प्रति घोर उदासीनता और पिछड़ी सोच को दर्शाता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सभा को संबोधित करते हुए सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “कांग्रेस और उसके सहयोगी आज जिस ‘जीत’ का जश्न मना रहे हैं, वह कोई राजनीतिक विजय नहीं, बल्कि देश की महिलाओं के अधिकारों और उनकी आकांक्षाओं पर किया गया एक शर्मनाक और प्रतिगामी प्रहार है। यह तथाकथित ‘जीत’ हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक काला धब्बा है और महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति इन दलों की खोखली प्रतिबद्धता को उजागर करती है।”&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;उन्होंने आगे कहा, “महिला आरक्षण विधेयक को पराजित कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी के साथ जानबूझकर अन्याय किया है। यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं, बल्कि हर उस महिला का अपमान है जो सम्मान, समानता और अपने अधिकारपूर्ण प्रतिनिधित्व के लिए संघर्ष कर रही है। देश की महिलाएं इस विश्वासघात को न तो भूलेंगी और न ही माफ करेंगी।”&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सम्मेलन में उपस्थित महिला उद्यमियों ने कहा कि इस कदम के दूरगामी दुष्परिणाम होंगे, जो केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों को भी प्रभावित करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्णय लेने वाली संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी से वंचित करना लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सम्मेलन में यह भी निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे पर देशभर में एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा, जिसमें महिला उद्यमियों और व्यापारी वर्ग को संगठित कर महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में जनजागरण किया जाएगा और इस ऐतिहासिक अवसर पर महिलाओं के साथ खड़े न होने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सम्मेलन का माहौल एक स्पष्ट संदेश दे रहा था कि देश की महिलाएं एकजुट, सजग और दृढ़ हैं, और उनके अधिकारों को कमजोर करने का कोई भी प्रयास सख्त और निर्णायक प्रतिरोध का सामना करेगा।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>