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       <title>Today Indian Politics News | Latest Indian Politics News | Breaking Indian Politics News in English | Latest Indian Politics News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Indian Politics समाचार:Today Indian Politics News ,Latest Indian Politics News,Aaj Ka Samachar ,Indian Politics समाचार ,Breaking Indian Politics News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <lastBuildDate>April 28, 2026, 2:47 pm</lastBuildDate>
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        </image><item><title>बंगाल में टीएमसी का अंत तय, भाजपा बनाएगी सरकार: कृष्णा हेगड़े का दावा</title><link>https://gauravshalibharat.com/west-bengal/bengal-election-krishna-hegde-bjp-vs-tmc-claim-1644/</link><pubDate>April 27, 2026, 7:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/West-Bengal-Election-BJP-TMC-Krishna-Hegde-Mamata-Banerjee-Indian-Politics.webp</image><category>चुनाव</category><excerpt>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने दावा किया है कि राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का अंत होने वाला है और आगामी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरक...</excerpt><content>&lt;p data-start=&quot;86&quot; data-end=&quot;386&quot;&gt;पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने दावा किया है कि राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का अंत होने वाला है और आगामी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार बनाएगी।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;388&quot; data-end=&quot;633&quot;&gt;आईएएनएस से बातचीत में हेगड़े ने कहा कि पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जो बदलाव का संकेत है। उनके अनुसार, जनता अब विकास और बेहतर शासन चाहती है, और इसी कारण भाजपा को भारी बहुमत मिलने की संभावना है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;635&quot; data-end=&quot;841&quot;&gt;उन्होंने टीएमसी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में डर और दबाव की राजनीति की गई, जिससे विकास प्रभावित हुआ। हेगड़े ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने पर राज्य में खुशहाली और प्रगति का नया दौर शुरू होगा।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;843&quot; data-end=&quot;1086&quot;&gt;इसके अलावा, उन्होंने &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/breaking-news-ticker/aap-crisis-raghav-chadha-resignation-bjp-join-news-2026-1342/&quot;&gt;आम आदमी पार्टी&lt;/a&gt; (आप) के नेताओं के इस्तीफों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेता नेतृत्व से निराश होकर पार्टी छोड़ रहे हैं और इसका असर आगामी चुनावों में देखने को मिलेगा।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1088&quot; data-end=&quot;1250&quot;&gt;महाराष्ट्र में परिवहन से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए हेगड़े ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का पालन होना चाहिए और मराठी भाषा को बढ़ावा देना जरूरी है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>गुजरात निकाय चुनाव में अमित शाह और जय शाह ने परिवार संग किया मतदान</title><link>https://gauravshalibharat.com/national/gujarat-local-body-elections-amit-shah-jay-shah-voting-1582/</link><pubDate>April 26, 2026, 5:00 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/amit-shah-jai-shah-296x300.webp</image><category>देश</category><excerpt>गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव के तहत रविवार को राज्यभर में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान जारी रहा। सुबह 7 बजे से शुरू हुई इस प्रक्रिया में मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 10,005 में से 9,263 सीटों पर मतदान हो र...</excerpt><content>&lt;p data-start=&quot;99&quot; data-end=&quot;451&quot;&gt;&lt;strong&gt;गुजरात&lt;/strong&gt; में स्थानीय निकाय चुनाव के तहत रविवार को राज्यभर में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान जारी रहा। सुबह 7 बजे से शुरू हुई इस प्रक्रिया में मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 10,005 में से 9,263 सीटों पर मतदान हो रहा है, जो राज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;453&quot; data-end=&quot;790&quot;&gt;इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने मताधिकार का उपयोग किया। वह अपने बेटे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्यक्ष जय शाह तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अहमदाबाद के नारायणपुरा स्थित मतदान केंद्र पहुंचे। उन्होंने बूथ नंबर 38 पर अपना वोट डाला और लोगों से भी लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;792&quot; data-end=&quot;985&quot;&gt;अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने अहमदाबाद नगर निगम चुनाव में अपना मतदान किया और सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;987&quot; data-end=&quot;1259&quot;&gt;वहीं, सूरत में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने भी अपने परिवार के साथ मतदान किया। उनके साथ उनकी 89 वर्षीय मां भी मतदान केंद्र पहुंचीं, जो लोकतांत्रिक भागीदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बना। पाटिल ने कहा कि मतदान करना हर नागरिक का अधिकार ही नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1261&quot; data-end=&quot;1532&quot;&gt;राज्य के अन्य हिस्सों में भी कई नेताओं और अधिकारियों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। राज्य मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने पोरबंदर जिले के अपने पैतृक गांव में मतदान किया और कहा कि स्थानीय निकाय संस्थाएं विकास की रीढ़ होती हैं, इसलिए नागरिकों को सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1534&quot; data-end=&quot;1803&quot;&gt;इस चुनाव में पूरे गुजरात की 393 स्वशासनिक संस्थाएं शामिल हैं, जिनमें 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं। राज्यभर में करीब 4.18 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जिसके लिए लगभग 50,000 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1805&quot; data-end=&quot;1976&quot;&gt;चुनाव में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और कई निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। यह बहुकोणीय मुकाबला राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1978&quot; data-end=&quot;2196&quot;&gt;खास बात यह है कि यह चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/haryana/bharatiya-janata-party-organized-an-important-program-on-the-topic-of-women-empowerment-and-women-reservation-1264/&quot;&gt;(ओबीसी)&lt;/a&gt; के लिए संशोधित आरक्षण नियमों के तहत आयोजित हो रहा है, जिसमें 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। इसके चलते कई क्षेत्रों में परिसीमन और वार्ड पुनर्गठन भी किया गया है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;2198&quot; data-end=&quot;2353&quot;&gt;कुल मिलाकर, गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव न केवल प्रशासनिक संरचना को मजबूत करने का अवसर हैं, बल्कि यह लोकतंत्र की जड़ों को और गहरा करने का भी प्रतीक हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>ग्रोेक का जवाब वायरल: ‘वंशवाद से ऊपर आंकड़े’, पीएम पद के लिए नरेंद्र मोदी को बताया बेहतर विकल्प</title><link>https://gauravshalibharat.com/delhi/grok-ai-supports-narendra-modi-over-congress-data-driven-governance-viral-news-1557/</link><pubDate>April 26, 2026, 12:58 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/PM-Modi-300x200.webp</image><category>दिल्ली</category><excerpt>नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इन दिनों एक दिलचस्प और बहस छेड़ने वाला संवाद तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एआई चैटबॉट ‘ग्रोेक’ ने भारतीय राजनीति से जुड़े एक काल्पनिक सवाल का जवाब दिया। इस जवाब ने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम यूजर्...</excerpt><content>&lt;p data-start=&quot;120&quot; data-end=&quot;460&quot;&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली।&lt;/strong&gt; सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इन दिनों एक दिलचस्प और बहस छेड़ने वाला संवाद तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एआई चैटबॉट ‘ग्रोेक’ ने भारतीय राजनीति से जुड़े एक काल्पनिक सवाल का जवाब दिया। इस जवाब ने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम यूजर्स तक के बीच नई चर्चा को जन्म दे दिया है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;462&quot; data-end=&quot;762&quot;&gt;दरअसल, एक यूजर ने ग्रोेक से पूछा कि अगर वह एक भारतीय नागरिक होता, तो प्रधानमंत्री पद के लिए किसे वोट देता? इस पर ग्रोेक ने स्पष्ट किया कि एक एआई होने के नाते उसके पास न तो नागरिकता है और न ही वोट देने का अधिकार। हालांकि, काल्पनिक स्थिति में उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने की बात कही।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;764&quot; data-end=&quot;1089&quot;&gt;ग्रोेक ने अपने जवाब में कहा कि वर्ष 2014 के बाद से &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/national/pm-modis-visit-to-the-banks-of-the-hooghly-river-1290/&quot;&gt;नरेंद्र मोदी&lt;/a&gt; के नेतृत्व में भारत ने बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल इंडिया अभियान और यूपीआई जैसी तकनीकी प्रगति के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। साथ ही, भारत का दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1091&quot; data-end=&quot;1492&quot;&gt;इस तुलना में ग्रोेक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी राजनीति अक्सर कल्याणकारी योजनाओं की आलोचना पर केंद्रित रहती है, जबकि रोजगार, तकनीक और वैश्विक प्रतिष्ठा जैसे क्षेत्रों में ठोस परिणाम अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। इसी संदर्भ में ग्रोेक ने अपनी प्रतिक्रिया को “वंशवाद से ऊपर आंकड़े” जैसे वाक्य के साथ समाप्त किया, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1494&quot; data-end=&quot;1708&quot;&gt;ग्रोेक का यह जवाब सामने आते ही इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इसे डेटा आधारित शासन की अवधारणा का समर्थन बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे एआई की सीमाओं और संभावित पूर्वाग्रहों पर बहस का मुद्दा बना दिया।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1710&quot; data-end=&quot;2042&quot;&gt;गौरतलब है कि ग्रोेक एक उन्नत एआई चैटबॉट है, जिसे ‘एक्स एआई’ द्वारा विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म पर मौजूद रियल-टाइम डेटा और बातचीत के आधार पर जवाब तैयार करता है। इसकी खासियत यह है कि यह पारंपरिक स्थिर जानकारी के बजाय लगातार अपडेट होने वाले डेटा का उपयोग करता है, जिससे यह तेजी से बदलते घटनाक्रमों पर भी प्रतिक्रिया दे सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;2044&quot; data-end=&quot;2291&quot;&gt;हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/national/india-semiconductor-mission-is-a-declaration-of-indias-self-confidence-said-pm-modi-in-gujarat-2-57/&quot;&gt;एआई सिस्टम&lt;/a&gt; उपयोगी जरूर हैं, लेकिन इनके जवाबों में सोशल मीडिया के ट्रेंड और विचारधाराओं का प्रभाव भी झलक सकता है। ऐसे में इन्हें अंतिम सत्य मानने के बजाय एक सूचना स्रोत के रूप में देखना अधिक उचित होगा।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;2293&quot; data-end=&quot;2477&quot;&gt;कुल मिलाकर, ग्रोेक का यह जवाब न सिर्फ तकनीक और राजनीति के मेल को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आने वाले समय में एआई आधारित संवाद किस तरह सार्वजनिक बहस को प्रभावित कर सकते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राघव चड्ढा समेत कई सांसदों का इस्तीफा, बीजेपी में विलय का दावा</title><link>https://gauravshalibharat.com/breaking-news-ticker/aap-crisis-raghav-chadha-resignation-bjp-join-news-2026-1342/</link><pubDate>April 24, 2026, 4:02 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/raghaw-chadha-300x169.webp</image><category>Breaking News Ticker</category><excerpt>नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। इन नेताओं ने न सिर्फ पार्टी छोड़ने की बात कही, बल्कि यह भी दावा किया कि व...</excerpt><content>&lt;p data-start=&quot;122&quot; data-end=&quot;576&quot;&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली।&lt;/strong&gt; आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। इन नेताओं ने न सिर्फ पार्टी छोड़ने की बात कही, बल्कि यह भी दावा किया कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो रहे हैं। इस घटनाक्रम ने देश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है, खासकर पंजाब और दिल्ली की राजनीति पर इसके दूरगामी असर पड़ सकते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;578&quot; data-end=&quot;883&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/state/delhi-wheat-procurement-fci-rekha-gupta-msp-2026-960/&quot;&gt;राघव चड्ढा&lt;/a&gt; ने अपने बयान में कहा कि जिस आम आदमी पार्टी को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। उन्होंने कहा कि वे अब इस पार्टी के साथ नहीं रह सकते और इससे दूरी बना रहे हैं। चड्ढा का यह बयान पार्टी के अंदरूनी हालात पर गंभीर सवाल खड़े करता है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;885&quot; data-end=&quot;1195&quot;&gt;वहीं संदीप पाठक ने भी भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा समय आएगा। उन्होंने बताया कि वे एक किसान परिवार से आते हैं और देश सेवा के उद्देश्य से राजनीति में आए थे। उन्होंने आम आदमी पार्टी को इसी सोच के साथ जॉइन किया था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों ने उन्हें यह कठोर फैसला लेने पर मजबूर कर दिया।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1197&quot; data-end=&quot;1497&quot;&gt;सूत्रों के मुताबिक, इन नेताओं का दावा है कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों का एक बड़ा वर्ग उनके साथ है और कुल मिलाकर करीब 8 सांसद उनके साथ बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका होगा, खासकर ऐसे समय में जब पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1499&quot; data-end=&quot;1783&quot;&gt;राजनीतिक &lt;a href=&quot;#&quot;&gt;विश्लेषकों का&lt;/a&gt; मानना है कि राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे नेताओं का पार्टी छोड़ना सिर्फ संगठनात्मक नुकसान नहीं, बल्कि पार्टी की छवि और नेतृत्व पर भी असर डाल सकता है। दोनों ही नेता पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाते रहे हैं और पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल थे।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1785&quot; data-end=&quot;2024&quot;&gt;इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सबकी नजरें आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया और आगामी रणनीति पर टिकी हैं। साथ ही यह भी देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी इस घटनाक्रम को किस तरह से अपने पक्ष में भुनाती है और आने वाले चुनावों में इसका क्या प्रभाव पड़ता है।&lt;/p&gt;
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