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       <title>Today investment News | Latest investment News | Breaking investment News in English | Latest investment News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का investment समाचार:Today investment News ,Latest investment News,Aaj Ka Samachar ,investment समाचार ,Breaking investment News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <lastBuildDate>April 30, 2026, 2:54 pm</lastBuildDate>
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        </image><item><title>अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोना-चांदी फिसले, कीमतों में आधा प्रतिशत तक गिरावट</title><link>https://gauravshalibharat.com/business/gold-silver-price-fall-us-iran-tension-mcx-market-update-1912/</link><pubDate>April 28, 2026, 4:39 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/gold-rate-down.webp</image><category>दुनिया</category><excerpt>अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजार पर साफ नजर आ रहा है। इसी के चलते मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा।...</excerpt><content>&lt;p data-start=&quot;254&quot; data-end=&quot;498&quot;&gt;&lt;strong&gt;अमेरिका और ईरान&lt;/strong&gt; के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजार पर साफ नजर आ रहा है। इसी के चलते मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;500&quot; data-end=&quot;936&quot;&gt;&lt;span class=&quot;hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline&quot;&gt;&lt;span class=&quot;whitespace-normal&quot;&gt;Multi Commodity Exchange&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; (एमसीएक्स) पर सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछले बंद भाव 1,51,721 रुपये के मुकाबले मामूली गिरावट के साथ 1,51,700 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह और फिसलकर करीब 1,51,514 रुपये तक आ गया, जो लगभग 0.14 प्रतिशत की कमजोरी को दर्शाता है। दिन के कारोबार में सोने ने 1,51,500 रुपये का निचला स्तर और 1,51,802 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार फिलहाल सीमित दायरे में बना हुआ है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;938&quot; data-end=&quot;1255&quot;&gt;चांदी की बात करें तो इसका 5 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 2,41,824 रुपये के पिछले बंद स्तर से गिरकर 2,40,490 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान चांदी में और कमजोरी देखने को मिली और यह करीब 0.59 प्रतिशत गिरकर 2,40,400 रुपये के आसपास पहुंच गई। इंट्राडे में चांदी ने 2,40,218 रुपये का न्यूनतम और 2,41,250 रुपये का अधिकतम स्तर छुआ।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1257&quot; data-end=&quot;1517&quot;&gt;अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी का रुख देखा गया। &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/business/stock-market-outlook-fed-crude-oil-iran-us-talks-impact-india-1579/&quot;&gt;&lt;span class=&quot;hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline&quot;&gt;&lt;span class=&quot;whitespace-normal&quot;&gt;COMEX&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/a&gt; पर सोना करीब 0.27 प्रतिशत गिरकर 4,680 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी में 0.73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 74.48 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1519&quot; data-end=&quot;1795&quot;&gt;विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट का प्रमुख कारण निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक अनिश्चितता है। आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में डॉलर की मजबूती और बाजार की रणनीतिक चालों ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1797&quot; data-end=&quot;2074&quot;&gt;अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए प्रस्ताव दिया था, लेकिन अमेरिका ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ गई है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;2076&quot; data-end=&quot;2356&quot;&gt;हालांकि, लंबे समय के नजरिए से देखें तो सोना और &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/business/small-shares-make-a-big-splash-from-14-paise-to-rs-36-investors-become-millionaires-568/&quot;&gt;चांदी ने&lt;/a&gt; निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। बीते एक साल में सोना डॉलर के हिसाब से 40 प्रतिशत से अधिक और चांदी 126 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दे चुकी है। यह दर्शाता है कि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए ये धातुएं अभी भी आकर्षक बनी हुई हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;2358&quot; data-end=&quot;2615&quot;&gt;बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर अमेरिका-ईरान संबंध, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक आर्थिक संकेतकों का असर देखने को मिलेगा। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय सोच-समझकर निवेश करें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>कच्चे तेल में उछाल से शेयर बाजार धड़ाम, बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली</title><link>https://gauravshalibharat.com/business/crude-oil-rise-share-market-falls-banking-sector-selling-india-1909/</link><pubDate>April 28, 2026, 4:03 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/share-market-tuesday-300x169.webp</image><category>दुनिया</category><excerpt>Sensex और Nifty 50 में मंगलवार को गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई, जिसका मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को माना जा रहा है। बाजार खुलते ही निवेशकों में सतर्कता देखने को मिली, खासकर बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में दबाव साफ नजर आया। ...</excerpt><content>&lt;p data-start=&quot;250&quot; data-end=&quot;553&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span class=&quot;hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline&quot;&gt;&lt;span class=&quot;whitespace-normal&quot;&gt;Sensex&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt; और &lt;span class=&quot;hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline&quot;&gt;&lt;span class=&quot;whitespace-normal&quot;&gt;Nifty 50&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; में &lt;strong&gt;मंगलवार&lt;/strong&gt; को गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई, जिसका मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को माना जा रहा है। बाजार खुलते ही निवेशकों में सतर्कता देखने को मिली, खासकर बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में दबाव साफ नजर आया।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;555&quot; data-end=&quot;839&quot;&gt;सुबह 9:17 बजे, सेंसेक्स 203 अंकों की गिरावट के साथ 77,099 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 भी 50 अंक फिसलकर 24,042 पर पहुंच गया। बाजार में इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग सेक्टर पर पड़ा, जहां &lt;span class=&quot;hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline&quot;&gt;&lt;span class=&quot;whitespace-normal&quot;&gt;Nifty Bank&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; में आधे प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;841&quot; data-end=&quot;1098&quot;&gt;विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/business/stock-market-outlook-fed-crude-oil-iran-us-talks-impact-india-1579/&quot;&gt;भारतीय अर्थव्यवस्था&lt;/a&gt; के लिए चिंता का विषय हैं क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका रहती है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1100&quot; data-end=&quot;1355&quot;&gt;दूसरी ओर, सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी फार्मा, फाइनेंशियल सर्विसेज, हेल्थकेयर और सर्विस सेक्टर में गिरावट देखी गई। हालांकि, कुछ सेक्टर जैसे एनर्जी, ऑटो, मेटल और इंफ्रास्ट्रक्चर में सीमित बढ़त देखने को मिली, जिससे बाजार को थोड़ी राहत जरूर मिली।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1357&quot; data-end=&quot;1635&quot;&gt;मिडकैप और &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/business/small-shares-make-a-big-splash-from-14-paise-to-rs-36-investors-become-millionaires-568/&quot;&gt;स्मॉलकैप शेयरों&lt;/a&gt; में हल्की मजबूती दर्ज की गई। &lt;span class=&quot;hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline&quot;&gt;&lt;span class=&quot;whitespace-normal&quot;&gt;Nifty Midcap 100&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; में 0.26 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स भी हरे निशान में कारोबार करता दिखा। यह संकेत देता है कि निवेशक बड़े शेयरों से निकलकर छोटे और मध्यम कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1637&quot; data-end=&quot;1880&quot;&gt;वैश्विक बाजारों का भी भारतीय शेयर बाजार पर असर पड़ा है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला, जबकि अमेरिकी बाजारों में भी सीमित उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1882&quot; data-end=&quot;2174&quot;&gt;कच्चे तेल की कीमतों की बात करें तो &lt;span class=&quot;hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline&quot;&gt;&lt;span class=&quot;whitespace-normal&quot;&gt;Brent Crude&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; लगभग 109 डॉलर प्रति बैरल और &lt;span class=&quot;hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline&quot;&gt;&lt;span class=&quot;whitespace-normal&quot;&gt;WTI Crude&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; करीब 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। तेल की कीमतों में यह उछाल अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;2176&quot; data-end=&quot;2426&quot;&gt;रिपोर्ट्स के मुताबिक, &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/world/questions-on-jd-vances-diplomacy-after-islamabad-america-also-suffered-a-setback-in-hungary-390/&quot;&gt;अमेरिका&lt;/a&gt; और ईरान के बीच जारी तनाव और परमाणु समझौते को लेकर अनिश्चितता ने भी बाजार में अस्थिरता बढ़ाई है। निवेशकों को डर है कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं, जिससे शेयर बाजार पर दबाव और बढ़ेगा।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;2428&quot; data-end=&quot;2657&quot;&gt;विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है, खासकर बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एसोचैम ने भारत-न्यूजीलैंड व्यापार परिषद के साथ किया समझौता, आर्थिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती</title><link>https://gauravshalibharat.com/delhi/assocham-signs-mou-with-india-new-zealand-business-council-to-boost-trade-and-investment-economic-ties-to-gain-new-strengt-1760/</link><pubDate>April 27, 2026, 5:30 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Untitled-design-13-1-300x169.webp</image><category>दिल्ली</category><excerpt>नई दिल्ली : प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने सोमवार को भारत-न्यूजीलैंड व्यापार परिषद (आईएनजेडबीसी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत उद्योगों से जुड़े कदमों को व्यवस...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली :&lt;/strong&gt; प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने सोमवार को भारत-न्यूजीलैंड व्यापार परिषद (आईएनजेडबीसी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत उद्योगों से जुड़े कदमों को व्यवस्थित रूप से लागू करना और दोनों देशों के व्यवसायों को इस समझौते से मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ दिलाना है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत और न्यूजीलैंड के बीच साझेदारी की पूरी क्षमता को हासिल करने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करना बहुत महत्वपूर्ण होगा। उद्योग संगठन ने कहा कि व्यापार और उद्योग संस्थाओं के बीच बढ़ता सहयोग दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाएगा और प्रक्रियाओं में आने वाली बाधाओं को कम करेगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;साथ ही, बेहतर हवाई संपर्क और पर्यटन सहयोग आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। 22 दिसंबर 2025 को सिर्फ नौ महीनों में पूरा हुआ यह एफटीए और सोमवार को हस्ताक्षरित समझौता, दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार लगभग 1.3 अरब डॉलर और सेवाओं का व्यापार 634 मिलियन डॉलर है, जिसे अगले पांच वर्षों में 5 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। न्यूजीलैंड में लगभग 3 लाख भारतीयों का समुदाय इस साझेदारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बयान में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर व्यापार में अनिश्चितता और सप्लाई चेन में बदलाव के बीच यह समझौता इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक विविधता और मजबूत, समावेशी तथा भविष्य के लिए तैयार आर्थिक साझेदारी बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;न्यूजीलैंड के साथ एफटीए से व्यापार और निवेश की नई संभावनाएं खुल रही हैं। इसके तहत भारत के निर्यात को न्यूजीलैंड में 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जो भारत के एफटीए इतिहास में एक नया अध्याय है। इसके साथ ही अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश का भी वादा किया गया है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी को और पक्का करेगा। एसोचैम के महासचिव सौरभ सान्याल ने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने की उम्मीद है। भारत से टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोलियम उत्पाद और मशीनरी का निर्यात बढ़ेगा, जबकि न्यूजीलैंड से कच्चा माल और अन्य जरूरी वस्तुएं आयात होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि भारत का सेवा क्षेत्र, खासकर आईटी, वित्तीय सेवाएं, शिक्षा, बिजनेस सेवाएं और अन्य पेशेवर सेवाएं, न्यूजीलैंड में अपनी पहुंच बढ़ाकर खास फायदा उठा सकते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>सीएम योगी ने निवेशकों को उत्तर प्रदेश में सफलतम निवेश की दी शुभकामना, बोले- 25 करोड़ जनता के विश्वास के साथ जुड़ा है आपका निवेश</title><link>https://gauravshalibharat.com/uttar-pradesh/cm-yogi-wishes-investors-for-successful-investment-in-uttar-pradesh-says-your-investment-is-linked-with-the-trust-of-25-crore-people-1700/</link><pubDate>April 26, 2026, 10:30 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260426-WA0012-300x259.webp</image><category>उत्तर प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 17 फॉर्मा कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) प्रदान किया। मुख्यमंत्री जी ने सभी निवेशकों को सफलतम निवेश की शुभकामना दी और कहा कि आज का दिन प्रदेश के औद्योगिक व स्वास्थ्य सेवा के लिए ऐतिहासिक पड़ाव...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ&lt;/strong&gt;,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 17 फॉर्मा कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) प्रदान किया। मुख्यमंत्री जी ने सभी निवेशकों को सफलतम निवेश की शुभकामना दी और कहा कि आज का दिन प्रदेश के औद्योगिक व स्वास्थ्य सेवा के लिए ऐतिहासिक पड़ाव है। मुख्यमंत्री जी ने निवेशकों को विश्वास दिलाया कि उत्तर प्रदेश में सेफ्टी, स्टेबिलिटी व स्पीड की गारंटी है। प्रदेश अब ट्रस्ट व टाइमली डिलीवरी के लिए पहचाना जा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उत्तर प्रदेश हर रिलायबल पॉलिसी पार्टनर के साथ खड़ा है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में नए भारत का दर्शन हो रहा है। देश की अर्थव्यवस्था ने नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। हम 200 देशों को सस्ती व गुणवत्तापरक दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;विगत दिनों हुए फॉर्मा कॉन्क्लेव ने ग्लोबल हेल्थटेक के मैप पर उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि आपका निवेश केवल फॉर्मा/मेडिकल डिवाइस के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि प्रदेश की 25 करोड़ जनता के विश्वास के साथ जुड़ा है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;लगभग 2000 करोड़ का निवेश रिसर्च एवं डवलपमेंट में उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायता करेगा। इस निवेश से उत्तर प्रदेश के 10 हजार से अधिक स्किल्ड/अनस्किल्ड युवाओं को रोजगार मिलेगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम धरातल पर दिखाई दे रहा है। यूपी में निवेश से नई संभावनाएं पैदा हुई हैं। विगत 9 वर्ष में सरकार की स्पष्ट नीति व साफ नीयत के कारण उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य से निकलकर देश का ग्रोथ इंजन बना है। यूपी का जीएसडीपी बढ़कर 36 लाख करोड़ हो गया है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सीएम योगी ने निवेशकों से कहा कि यूपी बड़ा मार्केट है। यहां का माहौल उद्योगों के अनुकूल है। यहां पर्याप्त लैंडबैंक है। यूपी में हर सेक्टर में कार्य करने वाला वर्कफोर्स उपलब्ध है। यहां का 56 फीसदी वर्कफोर्स युवा है। इन युवाओं को स्किल, इनोवेशन व टेक्नोलॉजी से जोड़कर मार्केट की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में 21 हजार से अधिक स्टार्टअप कार्य कर रहे हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने निवेशकों से कहा कि विकास की पहली शर्त कानून व्यवस्था है। 2017 के पश्चात यूपी की सुदृढ़ कानून व्यवस्था से देश-दुनिया परिचित है। प्रदेश अब पॉलिसी पैरालिसिस से निकलकर पॉलिसी स्टेबिलिटी तक पहुंच गया है। यहां 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसी है। निवेश मित्र, निवेश सारथी, उद्यमी मित्र उद्यमियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहे हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद यूपी में आए बदलावों से भी अवगत कराया। कहा कि 2017 में यूपी में 14 हजार कारखाने थे, जो आज बढ़कर 32 हजार हो गए हैं। इनसे व्यापक रोजगार सृजन हुआ है। यूपी में अब तक 45 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 15 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर उतारे जा चुके हैं। जल्द ही 7 से 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारे जाएंगे।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री जी ने निवेशकों को यूपी की सफलता की कहानी भी बताई। 2017 तक यूपी में 40 मेडिकल कॉलेज थे, आज यह संख्या बढ़कर 83 हो गई है। हर मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज भी है। यहां दो एम्स (गोरखपुर व रायबरेली) भी हैं। राज्य में आयुष विश्वविद्यालय संचालित हो चुका है। ललितपुर में 1500 एकड़ में फॉर्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। नोएडा में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित कर रहे हैं। इसमें अब तक 100 से अधिक कंपनियां जुड़ चुकी हैं।&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;उत्तर प्रदेश यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी एंड स्पीड की गारंटीः मुख्यमंत्री&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 फॉर्मा कंपनियों को प्रदान किया लेटर ऑफ कम्फर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;मुख्यमंत्री बोले- ट्रस्ट व टाइमली डिलीवरी के लिए पहचाना जा रहा उतर प्रदेश&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;हर रिलायबल पॉलिसी पार्टनर के साथ खड़ा है उत्तर प्रदेशः मुख्यमंत्री&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p&gt;फॉर्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर उत्सुकता जताई और विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उनका निवेश ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुख्यमंत्री जी ने इन 17 निवेशकों को लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किए&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री जी ने 17 निवेशकों को लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किए। इनमें बायोजेंटा लाइफसाइंस प्राइवेट लिमिटेड (बाराबंकी में 1250 करोड़), रोमन्स मेडवल्र्ड प्राइवेट लिमिटेड (नोएडा में 136.89 करोड़), हाईग्लांस लेबोरेट्रीज प्रा. लि. (नोएडा में 120 करोड़), कोटेक हेल्थकेयर (गाजियाबाद में 100 करोड़), जेबी रेमेडीज प्रा. लि. (हाथऱस/नोएडा में 70 करोड़), पॉजिट्रॉन बायोजेनिक्स प्रा. लि. (कानपुर में 60.24 करोड़), आईवी टेक हेल्थकेयर एलएलपी (अलीगढ़ में 56.12 करोड़), जेबीजेएम पैरेंट्रल्स प्रा. लि. (ललितपुर में 51 करोड़), रास्पा फॉर्मा प्रा. लि. (रायबरेली में 45.21 करोड़), एनबीएस ग्रुप (सीतापुर में 42.59 करोड़), वेलनेस जेडक्योर फॉर्मास्यूटिकल्स प्रा. लि. (जालौन में 11.65 करोड़), कैमले इंडस्ट्रीज प्रा. लि. (सहारनपुर में 10 करोड़), रेडिकॉन लैबोरेट्रीज लि. (नोएडा में 10 करोड़), संजीवनी मेडिटेक प्रा. लि. (बरेली में 7.95 करोड़), सेफकॉन लाइफसाइंसेज प्रा. लि. (बरेली में 6.43 करोड़), आरएपी मेड सर्जिकल प्रोडक्ट्स (हाथरस में 5.53 करोड़), वोडा केमिकल प्रा. लि. (हापुड़ में 4.84 करोड़) रुपये से निवेश करेगी।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>