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       <title>Today Iran News | Latest Iran News | Breaking Iran News in English | Latest Iran News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Iran समाचार:Today Iran News ,Latest Iran News,Aaj Ka Samachar ,Iran समाचार ,Breaking Iran News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <lastBuildDate>April 21, 2026, 3:13 pm</lastBuildDate>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टकराव से अटकी शांति वार्ता, आसिम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से की बात</title><link>https://gauravshalibharat.com/national/peace-talks-stalled-due-to-conflict-on-strait-of-hormuz-asim-munir-spoke-to-us-president-trump/</link><pubDate>April 20, 2026, 4:34 pm</pubDate><image></image><category>दुनिया</category><excerpt>मिडिल ईस्ट में शांति की कोशिशों पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। प्रस्तावित दूसरी मध्यस्थ वार्ता से पहले ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। जानकारी के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान अपने रुख पर अड़ा हुआ है। इस ...</excerpt><content>&lt;div&gt;
&lt;p&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;मिडिल ईस्ट में शांति की कोशिशों पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। प्रस्तावित दूसरी मध्यस्थ वार्ता से पहले &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;ईरान &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;और &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;अमेरिका &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है।&lt;/span&gt; &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;जानकारी के मुताबिक&lt;/span&gt;, &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;स्ट्रेट ऑफ होर्मुज&lt;/span&gt; &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;को लेकर ईरान अपने रुख पर अड़ा हुआ है। इस समुद्री मार्ग की दोबारा नाकेबंदी ने शांति वार्ता की संभावनाओं को झटका दिया है।&lt;/span&gt; &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;इस बीच&lt;/span&gt;, &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;आसिम &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;मुनीर &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;ने अमेरिकी राष्ट्रपति &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। बातचीत में हॉर्मुज की स्थिति को वार्ता में बड़ी बाधा बताया गया। ट्रंप ने इस पर विचार करने की बात कही है।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;सीजफायर की समय-सीमा समाप्ति के करीब&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;
&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;दोनों देशों के बीच घोषित अस्थायी युद्धविराम &lt;/span&gt;21 &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;अप्रैल को समाप्त होने वाला है। ऐसे में एक बार फिर तनावपूर्ण बयानबाजी तेज हो गई है और हालात अनिश्चित बने हुए हैं।&lt;/span&gt; &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक&lt;/span&gt;, &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;अमेरिका के विशेष दूत &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;स्टीव विटकॉफ&lt;/span&gt; &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;और &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;जेरेड कुशनर&lt;/span&gt; &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;पाकिस्तान में प्रस्तावित वार्ता में शामिल हो सकते हैं। हालांकि&lt;/span&gt;, &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;इस बार उपराष्ट्रपति &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;जेडी वेंस के दौरे की संभावना नहीं जताई जा रही है।&lt;/span&gt; &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;हाल ही में &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;इस्लामाबाद &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;में उस समय हलचल तेज हो गई&lt;/span&gt;, &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;जब &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;नूर &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;ख़ान एयरबेस &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;पर अमेरिका के चार सैन्य विमान उतरने की खबर सामने आई। इसके साथ ही सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए गए और ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई।&lt;/span&gt; &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;सूत्रों के मुताबिक&lt;/span&gt;, &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी पाकिस्तान पहुंचे हैं&lt;/span&gt;, &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;जिससे यह संकेत मिलते हैं कि वार्ता की तैयारियां तेज हो रही थीं।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div&gt;
&lt;p&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;वहीं&lt;/span&gt;, &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;ईरान &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;ने अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका अत्यधिक शर्तें थोप रहा है।&lt;/span&gt; &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;ईरान के राष्ट्रपति &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;पेजेशकियान&lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;  &lt;/span&gt;&lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;ने स्पष्ट कहा है कि उनका देश अपने परमाणु कार्यक्रम और तकनीकी अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगा।&lt;/span&gt; &lt;span lang=&quot;HI&quot;&gt;मौजूदा हालात में शांति वार्ता का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है और क्षेत्रीय स्थिरता पर इसका असर पड़ सकता है।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;/div&gt;
</content></item><item><title>होर्मुज के साये में डूबता बांग्लादेश, ईंधन के लिए कतारों में खड़ा एक देश</title><link>https://gauravshalibharat.com/breaking-news-ticker/bangladesh-sinking-in-the-shadow-of-hormuz-a-nation-standing-in-queues-for-fuel/</link><pubDate>April 19, 2026, 9:01 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/MP-Board-Result-2026-2-300x169.webp</image><category>Breaking News Ticker</category><excerpt>दक्षिण एशिया का छोटा लेकिन तेजी से उभरता देश बांग्लादेश इन दिनों एक ऐसे संकट से गुजर रहा है, जिसने आम जनजीवन को लगभग ठहराव पर ला दिया है। सड़कों पर गाड़ियों की अंतहीन कतारें, पेट्रोल पंपों के बाहर घंटों का इंतज़ार, और शहरों में पसरी बेचैनी ।  इ...</excerpt><content>&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;दक्षिण एशिया का छोटा लेकिन तेजी से उभरता देश बांग्लादेश इन दिनों एक ऐसे संकट से गुजर रहा है, जिसने आम जनजीवन को लगभग ठहराव पर ला दिया है। सड़कों पर गाड़ियों की अंतहीन कतारें, पेट्रोल पंपों के बाहर घंटों का इंतज़ार, और शहरों में पसरी बेचैनी ।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt; इस संकट की जड़ें हजारों किलोमीटर दूर स्थित &lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/national/strait-of-hormuz-closed-again-crisis-looms-once-more-over-global-oil-supply-are-petrol-and-diesel-prices-set-to-rise-in-india/&quot;&gt;स्ट्रेट ऑफ होर्मुज&lt;/a&gt; से जुड़ी हैं। दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक यह जलडमरूमध्य, इन दिनों बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव की वजह से लगभग ठप पड़ गया है। ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने इस रास्ते को असुरक्षित बना दिया है, जिसका सीधा असर उन देशों पर पड़ रहा है जो ऊर्जा के लिए आयात पर निर्भर हैं। ऐसे देशों में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है बांग्लादेश, जो अपनी लगभग 95 प्रतिशत ईंधन जरूरतों के लिए बाहरी आपूर्ति पर निर्भर है। जैसे ही तेल की सप्लाई बाधित हुई, देश के भीतर ऊर्जा संकट गहराता चला गया।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;राजधानी ढाका  से लेकर तटीय शहरों तक हालात बिगड़ चुके हैं। खासकर कॉक्स बाजार जैसे पर्यटन केंद्रों में स्थिति और भी विकट है। यहां पेट्रोल पंपों के बाहर सुबह से लगी कतारें देर रात तक खत्म नहीं होतीं। बांग्लादेश की सरकार ने हालात संभालने के लिए तात्कालिक कदम उठाए हैं। दफ्तरों के कामकाजी घंटे घटा दिए गए हैं, ताकि बिजली की खपत कम हो सके। स्कूल और कॉलेज अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं, क्योंकि परिवहन लगभग ठप हो चुका है। देश का नेशनल ग्रिड भी भारी दबाव में है।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;इस संकट ने बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। उद्योगों की रफ्तार धीमी पड़ गई है, व्यापार ठप होने लगा है और आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी संघर्ष में बदल गई है। लोगों के बीच गुस्सा भी बढ़ रहा है,क्योंकि जिस जंग का मैदान उनके देश से हजारों किलोमीटर दूर है, उसकी कीमत उन्हें अपनी जेब और जीवन से चुकानी पड़ रही है।होर्मुज का यह संकट सिर्फ एक क्षेत्रीय समस्या नहीं, बल्कि वैश्विक निर्भरता की उस सच्चाई को उजागर करता है, जहां एक रास्ते के बंद होते ही पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं हिल जाती हैं। बांग्लादेश आज उसी हकीकत का सबसे ताजा और दर्दनाक उदाहरण बन चुका है।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;
</content></item><item><title>Strait of Hormuz फिर बंद:  वैश्विक तेल सप्लाई पर फिर मंडराया संकट,क्या भारत में बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?</title><link>https://gauravshalibharat.com/national/strait-of-hormuz-closed-again-crisis-looms-once-more-over-global-oil-supply-are-petrol-and-diesel-prices-set-to-rise-in-india/</link><pubDate>April 19, 2026, 5:33 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/MP-Board-Result-2026-2-300x169.webp</image><category>दुनिया</category><excerpt>मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz एक बार फिर चर्चा में आ गया है। ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस अहम समुद्री रास्ते को दोबारा बंद करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद वैश्विक तेल बाजार में हलचल तेज हो गई है और इसक...</excerpt><content>&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच &lt;strong&gt;Strait of Hormuz&lt;/strong&gt; एक बार फिर चर्चा में आ गया है। ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस अहम समुद्री रास्ते को दोबारा बंद करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद वैश्विक तेल बाजार में हलचल तेज हो गई है और इसके असर को लेकर भारत समेत कई देशों में चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर सहमति बनी थी। इस खबर से दुनियाभर के शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। शनिवार दोपहर ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने घोषणा की कि होर्मुज का नियंत्रण फिर से पहले जैसी स्थिति में आ गया है और इसे बंद किया जा रहा है। इस चेतावनी के बाद कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों ने अपने रास्ते बदल लिए या वापस लौटना शुरू कर दिया।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;&lt;strong&gt;दुनिया के &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;20% &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;तेल की लाइफलाइन है होर्मुज&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक स्तर पर करीब &lt;strong&gt;20% &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;कच्चा तेल&lt;/strong&gt; गुजरता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकतर तेल इसी रास्ते से एशिया, यूरोप और अमेरिका तक पहुंचता है। ऐसे में अगर यह मार्ग बंद होता है, तो सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ता है और तेल की कीमतों में तेजी आना लगभग तय माना जाता है।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; class=&quot;alignnone  wp-image-752&quot; src=&quot;https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/MP-Board-Result-2026-3-300x169.webp&quot; alt=&quot;&quot; width=&quot;520&quot; height=&quot;293&quot; srcset=&quot;https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/MP-Board-Result-2026-3-300x169.webp 300w, https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/MP-Board-Result-2026-3-1024x576.webp 1024w, https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/MP-Board-Result-2026-3-768x432.webp 768w, https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/MP-Board-Result-2026-3-150x84.webp 150w, https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/MP-Board-Result-2026-3.webp 1366w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 520px) 100vw, 520px&quot; /&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;&lt;strong&gt;तेल की कीमतों में उछाल का खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज लंबे समय तक बंद रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल आ सकता है। पहले भी जब इस मार्ग पर संकट आया था, तब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम तेजी से बढ़े थे। हालांकि उस समय भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सीमित असर देखा गया था, लेकिन लंबे समय तक संकट बने रहने पर इसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;&lt;strong&gt;तेल की कीमतों में उछाल का खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज लंबे समय तक बंद रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल आ सकता है। पहले भी जब इस मार्ग पर संकट आया था, तब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम तेजी से बढ़े थे। हालांकि उस समय भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सीमित असर देखा गया था, लेकिन लंबे समय तक संकट बने रहने पर इसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारत पर क्या पड़ेगा असर&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें खाड़ी देशों की बड़ी भूमिका है। ऐसे में अगर सप्लाई बाधित होती है या तेल महंगा होता है, तो इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li&gt;पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी संभव&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;एलपीजी सिलेंडर महंगा हो सकता है&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों की लागत बढ़ सकती है&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;महंगाई दर पर दबाव बढ़ सकता है&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;फिलहाल क्या है स्थिति&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;?&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;अभी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर बातचीत भी जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच शांति समझौते और होर्मुज को दोबारा खोलने को लेकर चर्चा अंतिम चरण में है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि&lt;strong&gt;Strait of Hormuz&lt;/strong&gt; कितने समय तक बंद रहता है। अगर यह स्थिति जल्दी सामान्य हो जाती है, तो तेल बाजार स्थिर रह सकता है। लेकिन अगर तनाव बढ़ता है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल सकता है  और भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा।&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
</content></item><item><title>स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट गहराया: अमेरिका-ईरान तनाव से वैश्विक तेल सप्लाई पर खतरा</title><link>https://gauravshalibharat.com/world/strait-of-hormuz-crisis-deepens-us-iran-tensions-threaten-global-oil-supplies/</link><pubDate>April 13, 2026, 4:27 pm</pubDate><image></image><category>दुनिया</category><excerpt>मध्य पूर्व में स्थित रणनीतिक जलमार्ग Strait of Hormuz एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तनाव का केंद्र बन गया है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को गंभीर संकट में डाल दिया है। रिपो...</excerpt><content>&lt;p data-start=&quot;502&quot; data-end=&quot;762&quot;&gt;मध्य पूर्व में स्थित रणनीतिक जलमार्ग &lt;span class=&quot;hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline&quot;&gt;&lt;span class=&quot;whitespace-normal&quot;&gt;Strait of Hormuz&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तनाव का केंद्र बन गया है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को गंभीर संकट में डाल दिया है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;764&quot; data-end=&quot;1152&quot;&gt;रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने पहले से ही कुछ शर्तों के आधार पर इस जलमार्ग पर नियंत्रण बढ़ाया हुआ था, जिसके तहत केवल चुनिंदा देशों के जहाजों को ही गुजरने की अनुमति दी जा रही थी। कई जहाजों से टोल वसूली की खबरें भी सामने आई थीं। इसी बीच अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;होर्मुज में टकराव चरम पर: ईरान और अमेरिका के फैसलों से समुद्री रास्ता संकट में&lt;/h2&gt;
&lt;p data-start=&quot;1154&quot; data-end=&quot;1439&quot;&gt;सूत्रों के अनुसार, इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता असफल होने के बाद अमेरिका ने अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव किया है और ओमान की खाड़ी में पनडुब्बियों और युद्धपोतों की तैनाती बढ़ाने की बात कही है। अमेरिकी नेतृत्व का कहना है कि ईरान को इस रणनीतिक मार्ग से आर्थिक लाभ नहीं उठाने दिया जाएगा।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;इधर गड्ढा उधर खाई: होर्मुज में फंसा दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग&lt;/h3&gt;
&lt;p data-start=&quot;1441&quot; data-end=&quot;1731&quot;&gt;दूसरी ओर, ईरान का दावा है कि वह केवल सुरक्षा और नियंत्रण के उद्देश्य से कार्रवाई कर रहा है, जबकि अमेरिका इसे समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता पर हमला मान रहा है। इस टकराव के चलते इस मार्ग से गुजरने वाले लगभग 650 से अधिक मालवाहक जहाज फंस गए हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;1733&quot; data-end=&quot;1894&quot;&gt;स्थिति को और जटिल इसलिए माना जा रहा है क्योंकि दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत फिलहाल ठप है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;होर्मुज में टकराव चरम पर: ईरान और अमेरिका के फैसलों से समुद्री रास्ता संकट में&lt;/h3&gt;
&lt;p data-start=&quot;1896&quot; data-end=&quot;2170&quot;&gt;रूस ने कूटनीतिक पहल करते हुए ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू कराने का संकेत दिया है। वहीं तुर्की बैकडोर चैनलों के जरिए दोनों पक्षों के बीच संवाद बहाल करने की कोशिश में लगा है। फ्रांस ने भी कहा है कि वह यूरोपीय देशों के साथ मिलकर इस संकट के समाधान में भूमिका निभा सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;2172&quot; data-end=&quot;2341&quot;&gt;विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इससे वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;2343&quot; data-end=&quot;2509&quot;&gt;फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस संकटपूर्ण स्थिति में कौन मध्यस्थता कर दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाएगा और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से सामान्य करेगा।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>