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       <title>Today Narendra Modi News | Latest Narendra Modi News | Breaking Narendra Modi News in English | Latest Narendra Modi News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Narendra Modi समाचार:Today Narendra Modi News ,Latest Narendra Modi News,Aaj Ka Samachar ,Narendra Modi समाचार ,Breaking Narendra Modi News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>लखनऊ में आयोजित &amp;#8216;सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश&amp;#8217; का शुभारंभ कार्यक्रम</title><link>https://gauravshalibharat.com/uttar-pradesh/inaugural-programme-of-somnath-swabhiman-yatra-uttar-pradesh-organised-in-lucknow/</link><pubDate>April 20, 2026, 1:52 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260419-WA0025.webp</image><category>उत्तर प्रदेश</category><excerpt>*लखनऊ, 19 अप्रैल।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी गौरव...</excerpt><content>&lt;p&gt;*लखनऊ, 19 अप्रैल।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी गौरवशाली सनातन विरासत और आधुनिक विकास के नए युग में एक साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सदियों के आक्रमणों के बावजूद सनातन आस्था अडिग रही और आज “यतो धर्मस्ततो जयः” के भाव के साथ पुनः अपने स्वाभिमान के शिखर पर स्थापित हो रही है। मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक पुनरुत्थान का उल्लेख करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल और राजेंद्र प्रसाद के योगदान को याद किया और कहा कि आज वही सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अभियान नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है। इस अवसर पर उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा को रवाना करते हुए इसे भारत की आस्था, एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;*&lt;strong&gt;सनातन आस्था भी अजर-अमर पथ का प्रतीक*&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और दृढ़ नेतृत्व में अपनी गौरवशाली विरासत के साथ-साथ आधुनिक विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। आज का यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि भारत के शास्त्रों की मान्यता के अनुसार जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबने देखा है कि भारत की सनातन संस्कृति पर सदियों से हमले होते रहे, लेकिन हमलावर भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए। लगभग 1000 वर्ष पहले द्वादश ज्योतिर्लिंगों में देवाधिदेव महादेव के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ भगवान के मंदिर पर विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी के नेतृत्व में कायराना हमला किया गया। आक्रांताओं ने भारत की धन-संपदा लूटी, मंदिरों को अपवित्र किया और सनातन आस्था पर प्रहार किया। लेकिन भारत के सनातन धर्म की अटूट आस्था भगवा पताका के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी रही। आज 1000 वर्ष बाद जब हम देखते हैं तो भारत की सनातन आस्था पूरी दृढ़ता से विश्व के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है, जबकि आक्रांताओं का कोई नामोनिशान इस धरती पर नहीं बचा है। यही है “यतो धर्मस्ततो जयः” का शंखनाद। आक्रांताओं की बर्बरता जिसे रोक नहीं पाई, तोड़ नहीं पाई और झुका नहीं पाई, वही सनातन आस्था आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाई जा रही है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;*&lt;strong&gt;सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ*&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत में हर भारतवासी की यह अभिलाषा थी कि देश को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाधीनता भी प्राप्त हो। इसके लिए लगातार प्रयास किए गए और अनेक स्वर उठाए गए। भारत माता के सपूत, भारत की अखंडता के शिल्पी और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा देखकर संकल्प लिया था कि इस मंदिर का पूर्ण जीर्णोद्धार होगा और द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के मंदिर की गरिमामयी पुनर्स्थापना की जाएगी। लेकिन इस मार्ग में बाधक बने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू। उनकी इच्छा थी कि यह कार्य न हो, परंतु सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की नहीं चली। सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ। प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन को आगे बढ़ाने के लिए आयोजन समिति ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी को आमंत्रित किया। तभी कांग्रेस सरकार और पंडित जवाहरलाल नेहरू फिर बाधक बन गए। उन्होंने लिखित रूप से कहा कि राष्ट्रपति को इस आयोजन में भाग नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता की भावना के विपरीत होगा। एक ओर कांग्रेस की सरकार कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू कर तुष्टिकरण की पराकाष्ठा कर रही थी और आतंकवाद की नींव रख रही थी, वहीं दूसरी ओर सनातन आस्था के प्रतीक सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार और प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का विरोध कर रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कृतज्ञ हैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी के प्रति, जिन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री के विरोध की परवाह किए बिना सोमनाथ मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के भव्य कार्यक्रम को अपने हाथों से संपन्न किया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;*&lt;strong&gt;अयोध्या का नाम आते ही गूंजता है &amp;#8220;जय श्री राम&amp;#8221;*&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कार्य आजाद भारत में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी ने आगे बढ़ाया था, उसी अभियान को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा रहा है। यह भारत के स्वाभिमान को, सनातन आस्था के गौरव को और हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि 10-11 वर्ष पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो पाएगा। आज हर भारतवासी, देश या दुनिया के किसी भी कोने में जाए हर जगह एक ही आवाज गूंजती है और वह है जय श्री राम। कोई भी भारतीय चाहे देश में हो या विदेश में, जब अयोध्या का नाम सुनता है तो स्वतः उसके मुंह से “जय श्री राम” निकलता है और वह तुरंत कहता है कि उसे अयोध्या जाने की बहुत इच्छा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 वर्ष पहले जिन आक्रांताओं ने अयोध्या के राम मंदिर को अपवित्र किया और हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात किया था, आज उनका नाम तक लेने वाला नहीं बचा है। लेकिन सनातन की अटूट आस्था आज भी आकाश की ऊंचाइयों पर है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है और केसरिया ध्वज-पताका वहां लहरा रही है। इसी प्रकार काशी में काशी विश्वनाथ धाम और भव्य कॉरिडोर बन गया है। मां विंध्यवासिनी मंदिर का भव्य कॉरिडोर बन चुका है। प्रयागराज की पावन धरती पर गत वर्ष का महाकुंभ हो या 2019 का कुंभ, दुनिया को यह दिखा दिया गया है कि सांस्कृतिक आयोजन किस भव्य और समरसता भरे रूप में हो सकते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;*&lt;strong&gt;भारत की सनातन शक्ति बिना डिगे, बिना रुके और बिना झुके निरंतर अपनी यात्रा आगे बढ़ा रही है*&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में काशी की जीवंतता है, अयोध्या की मर्यादा है, मथुरा-वृंदावन की भक्ति है और प्रयागराज की समरसता है। आज ये सभी पावन स्थल पूरे देश को अपनी ओर खींच रहे हैं। महाकालेश्वर जाएं तो महाकाल का महालोक, केदारनाथ जाएं तो केदारेश्वर का भव्य मंदिर, बद्रीनाथ जाएं तो बद्री विशाल का दिव्य मंदिर और रामेश्वरम जाएं तो रामेश्वरम धाम, ये सभी हमें आकर्षित करते हैं। यही है भारत की सनातन शक्ति, जो बिना डिगे, बिना रुके और बिना झुके निरंतर अपनी यात्रा आगे बढ़ा रही है। यह पूरे भारत का गौरव है। इस गौरव का साक्षी बनने के लिए आज उत्तर प्रदेश से 1000 से अधिक श्रद्धालु भगवान सोमनाथ धाम के दर्शन करने के लिए गुजरात की धरती की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। जब ये दर्शन करेंगे, तो उनसे प्राप्त पुण्य में हम सब भी भागीदार बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों और जनपदों से कम से कम 11-11 श्रद्धालुओं को इस यात्रा के लिए चुना है। इनमें उद्यमी, नौजवान, महिला उद्यमी, छात्र और शिक्षक शामिल हैं। रेलवे इन श्रद्धालुओं को फ्री ट्रेन उपलब्ध करा रहा है, जबकि बाकी खर्चा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग उठा रहा है। ये श्रद्धालु काशी और अपने-अपने क्षेत्र के ज्योतिर्लिंग तथा तीर्थों का जल लेकर भगवान सोमनाथ का अभिषेक करेंगे और “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ यात्रा करेंगे।&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;सदियों के आक्रमणों के बावजूद आज भी अडिग है सनातन आस्था: सीएम योगी*&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित &amp;#8220;सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश&amp;#8221; का किया शुभारंभ*&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;*जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है: मुख्यमंत्री*&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;*हमलावर कभी भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए: योगी*&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;*सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की भी नहीं चली: सीएम*&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;*एक ओर कांग्रेस कश्मीर में अनुच्छेद 370 लगा रही थी तो दूसरी ओर सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार का विरोध कर रही थी: योगी आदित्यनाथ*&lt;/strong&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;*आज उत्तर प्रदेश में काशी की जीवंतता है, अयोध्या की मर्यादा है, मथुरा-वृंदावन की भक्ति है और प्रयागराज की समरसता है: मुख्यमंत्री*&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p&gt;इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, मंत्री डॉ संजय निषाद, विधायक डॉ नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य पवन चौहान, मुकेश शर्मा, लाल जी प्रसाद निर्मल और अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग अमृत अभिजात उपस्थित रहे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>TMC ने कांग्रेस संग मिलकर महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने दिया: पीएम मोदी</title><link>https://gauravshalibharat.com/breaking-news-ticker/tmc-in-alliance-with-the-congress-prevented-the-womens-reservation-bill-from-being-passed-pm-modi/</link><pubDate>April 19, 2026, 6:29 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/modi-300x169.webp</image><category>Breaking News Ticker</category><excerpt>प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में आरोप लगाया कि Trinamool Congress (टीएमसी) ने Indian National Congress के साथ मिलकर महिला आरक्षण बिल को पास नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देने ...</excerpt><content>&lt;p data-start=&quot;0&quot; data-end=&quot;391&quot;&gt;प्रधानमंत्री &lt;span class=&quot;hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline&quot;&gt;&lt;span class=&quot;whitespace-normal&quot;&gt;Narendra Modi&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; ने हाल ही में आरोप लगाया कि &lt;span class=&quot;hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline&quot;&gt;&lt;span class=&quot;whitespace-normal&quot;&gt;Trinamool Congress&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; (टीएमसी) ने &lt;span class=&quot;hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline&quot;&gt;&lt;span class=&quot;whitespace-normal&quot;&gt;Indian National Congress&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; के साथ मिलकर महिला आरक्षण बिल को पास नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों ने अपने स्वार्थ के कारण इसका विरोध किया।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;393&quot; data-end=&quot;619&quot;&gt;प्रधानमंत्री ने यह भी जोर दिया कि उनकी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। महिला आरक्षण बिल को लेकर लंबे समय से देश में बहस चल रही है, और इसे पारित करने की मांग लगातार उठती रही है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;621&quot; data-end=&quot;849&quot;&gt;इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। &lt;a href=&quot;#&quot;&gt;टीएमसी&lt;/a&gt; और कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक बयानबाजी है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।&lt;/p&gt;
&lt;p data-start=&quot;851&quot; data-end=&quot;994&quot; data-is-last-node=&quot;&quot; data-is-only-node=&quot;&quot;&gt;महिला आरक्षण बिल पर जारी यह विवाद आने वाले समय में और तेज हो सकता है, क्योंकि यह मुद्दा महिलाओं के अधिकार और राजनीतिक भागीदारी से जुड़ा हुआ है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं हो सकता; हितैषी होने का संदेश देना चाह रही सरकार : राहुल गाँधी</title><link>https://gauravshalibharat.com/breaking-news-ticker/the-womens-reservation-bill-cannot-be-passed-the-government-merely-wants-to-project-an-image-of-being-well-wishing-rahul-gandhi/</link><pubDate>April 17, 2026, 5:11 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Rahul-Gandhi-300x169.webp</image><category>Breaking News Ticker</category><excerpt>नयी दिल्ली : संसद के लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा में कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हिस्सा लिया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। राहुल गाँधी ...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नयी दिल्ली :&lt;/strong&gt; संसद के लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा में कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हिस्सा लिया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। राहुल गाँधी ने सरकार से कहा कि पुराना बिल लाइए, हम उसे पास कराएंगे। महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन पर कहा कि पहला सच तो यह है कि यह महिलाओं का बिल नहीं है। इसका महिलाओं के एम्पावरमेंट से इसका कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है। सरकार ओबीसी भाइयों और बहनों को अधिकार देने से बच रही है। विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि, हम सभी ने महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि यह बिल 2023 में पास हो चुका है, पहला सच ये है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि हर कोई जानता है कि जादूगर और कारोबारी के बीच एक साझेदारी है। जैसे ही नेता प्रतिपक्ष ने ये कहा सदन में हंगामा हो गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर एक भावनात्मक अपील</title><link>https://gauravshalibharat.com/blog/prime-minister-narendra-modi-made-an-emotional-appeal-in-parliament-regarding-womens-empowerment/</link><pubDate>April 17, 2026, 4:46 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Untitled-design-1-300x169.webp</image><category>Blog</category><excerpt>नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर एक भावनात्मक और प्रेरणादायक अपील करते हुए सभी सांसदों से देश की नारीशक्ति के अधिकारों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह समय राजनी...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नयी दिल्ली :&lt;/strong&gt; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर एक भावनात्मक और प्रेरणादायक अपील करते हुए सभी सांसदों से देश की नारीशक्ति के अधिकारों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह समय राजनीति से ऊपर उठकर एक ऐतिहासिक निर्णय लेने का है, जो भारत के लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं सभी सांसदों से कहूंगा कि आप अपने घर में मां, बहन, बेटी और पत्नी का स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा की आवाज को सुनें। यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनका हक देने का अवसर है।” उनके इस बयान ने संसद में मौजूद सभी दलों के सदस्यों को सोचने पर मजबूर कर दिया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39.webp&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; class=&quot;aligncenter size-large wp-image-663&quot; src=&quot;https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39-1024x798.webp&quot; alt=&quot;&quot; width=&quot;1024&quot; height=&quot;798&quot; srcset=&quot;https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39-1024x798.webp 1024w, https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39-300x234.webp 300w, https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39-768x599.webp 768w, https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39-150x117.webp 150w, https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39.webp 1380w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;यह अपील ऐसे समय में आई है जब महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देशभर में चर्चा तेज है। इस विधेयक का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करना है, जिससे राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ सके।&lt;br /&gt;
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में आगे कहा कि यह संशोधन केवल कानून का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह देश की नारीशक्ति के सम्मान और उनके योगदान को स्वीकार करने का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का यह बहुत बड़ा अवसर है। उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने में सहयोग करें। उनका मानना है कि यदि यह विधेयक एकमत से पारित होता है, तो इससे न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि भारत का लोकतंत्र भी और अधिक मजबूत बनेगा।&lt;br /&gt;
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत की प्रगति में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, विज्ञान, खेल या फिर राजनीति—हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है। ऐसे में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व देना समय की मांग है।&lt;br /&gt;
संसद में इस मुद्दे पर विभिन्न दलों के नेताओं ने भी अपने विचार रखे और कई ने प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया। हालांकि, कुछ दलों ने विधेयक के प्रावधानों को लेकर सवाल भी उठाए और विस्तृत चर्चा की मांग की।&lt;br /&gt;
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह विधेयक पारित होता है, तो यह भारत की राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि नीति-निर्माण में भी उनकी आवाज को अधिक महत्व मिलेगा।&lt;br /&gt;
प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से एकजुट होकर इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आइए, हम मिलकर आज इतिहास रचें और भारत की नारी को, देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दें।” इस महत्वपूर्ण विधेयक पर फैसला लिया जाएगा। यदि यह पारित होता है, तो यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।&lt;/p&gt;
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