<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today new News | Latest new News | Breaking new News in English | Latest new News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का new समाचार:Today new News ,Latest new News,Aaj Ka Samachar ,new समाचार ,Breaking new News in Hindi, Latest News Headlines - GauravshaliBharat</description>
        <link>https://gauravshalibharat.com/tag/new</link>
        <lastBuildDate>May 1, 2026, 2:37 pm</lastBuildDate>
        <copyright>GauravshaliBharat</copyright>
        <generator>GauravshaliBharat</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://gauravshalibharat.com/wp-content/themes/gauravshalibharat/images/logo.png</url>
            <title>GauravshaliBharat</title>
            <link>https://gauravshalibharat.com/</link>
            <description>Feed provided by GauravshaliBharat.</description>
        </image><item><title>लखनऊ में बदलते दौर की तस्वीर: सहारा सिटी खाली, नई विधानसभा का रास्ता साफ</title><link>https://gauravshalibharat.com/uttar-pradesh/a-picture-of-the-changing-times-in-lucknow-sahara-city-vacated-clearing-the-way-for-a-new-assembly-2251/</link><pubDate>April 30, 2026, 2:05 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/sahara-sata_ba986f11b68f05270f639eb64a2013ef.webp</image><category>उत्तर प्रदेश</category><excerpt>लखनऊ : लखनऊ की पहचान रही सहारा सिटी अब इतिहास बनने की कगार पर है। कभी अपनी भव्य कोठियों, चौड़ी सड़कों और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए चर्चित यह इलाका इन दिनों खाली कराया जा रहा है। पूरे परिसर में ट्रकों, डीसीएम और अन्य वाहनों की आवाजाही तेज है, जो ...</excerpt><content>&lt;p&gt;लखनऊ : लखनऊ की पहचान रही सहारा सिटी अब इतिहास बनने की कगार पर है। कभी अपनी भव्य कोठियों, चौड़ी सड़कों और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए चर्चित यह इलाका इन दिनों खाली कराया जा रहा है। पूरे परिसर में ट्रकों, डीसीएम और अन्य वाहनों की आवाजाही तेज है, जो इस बदलाव की गवाही दे रही है।&lt;br /&gt;
सहारा समूह के पूर्व प्रमुख सुब्रत राय के परिवार ने भी यहां से अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। स्वप्ना राय की ‘स्वप्ना कुटी’ से महंगे फर्नीचर और कीमती सामान को बाहर ले जाया जा रहा है, जो कभी इस सिटी की शान हुआ करता था।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इस पूरी कार्रवाई की जड़ में सुप्रीम कोर्ट का 16 मार्च का फैसला है, जिसमें सहारा सिटी की लीज समाप्त करने के निर्णय को सही ठहराते हुए जमीन नगर निगम को सौंपने का आदेश दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए परिसर खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;करीब 170 एकड़ में फैली इस प्राइम लोकेशन पर अब उत्तर प्रदेश सरकार की नजर है। यहां एक आधुनिक और भव्य विधानसभा भवन बनाने की योजना है, जो प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा देगा। सहारा सिटी, जिसकी कोठियों की तुलना कभी व्हाइट हाउस से की जाती थी, अब एक युग के अंत का प्रतीक बन रही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>दिल्ली विश्वविद्यालय ईसी की 1282 वीं बैठक</title><link>https://gauravshalibharat.com/job-and-education/1282nd-meeting-of-the-delhi-university-ec-2151/</link><pubDate>April 29, 2026, 7:10 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/29.04.2026-DU-EC-1282-Meeting-04-300x200.webp</image><category>जॉब एंड एजुकेशन</category><excerpt>नई दिल्ली, दिल्ली विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद (ईसी) की 1282 वीं बैठक का आयोजन बुधवार, 29 अप्रैल, 2026 को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज द्वारा विभिन्न विषयों में असिस्...</excerpt><content>&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;, &lt;/strong&gt;दिल्ली विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद (ईसी) की 1282 वीं बैठक का आयोजन बुधवार, 29 अप्रैल, 2026 को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज द्वारा विभिन्न विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया में शॉर्टलिस्टिंग मानदंड के उल्लंघन पर डीयू ईसी में गंभीर संज्ञान लिया गया। डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक कमेटी गठित करने का सुझाव दिया जिसे ईसी ने स्वीकार कर लिया। ईसी ने इस बारे में एक कमेटी का गठन किया है जो मामले को देखेगी। विश्वविद्यालय में दाखिलों के दौरान कॉलेजों में खाली सीटों को लेकर यह निर्णय लिया गया है कि जिन संयोजनों के लिए प्राप्त प्राथमिकताएं कम हैं, या जिनमें सीटें खाली रह गई हैं, उन पर कॉलेजों द्वारा पुनर्विचार किया जा सकता है। हालांकि, कोई भी मौजूदा प्रोग्राम बंद नहीं किया जाएगा। दिल्ली विश्वविद्यालय के मौरिस नगर में इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज के लिए 174.20 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण को भी डीयू ईसी में मंजूरी प्रदान की गई है।&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;&lt;strong&gt;सेंट स्टीफंस कॉलेज द्वारा शॉर्टलिस्टिंग मानदंड के उल्लंघन पर ईसी ने लिया गंभीर संज्ञान&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt; &lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;&lt;strong&gt;मौरिस नगर में इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज के लिए बनेगा नया भवन&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;बैठक के आरंभ में डीयू कुलसचिव डॉ विकास गुप्ता ने पिछली ईसी बैठक के मिनट्स और एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत की। गत 15 अप्रैल को आयोजित हुई डीयू एकेडमिक काउंसिल की बैठक में की गई सिफारिशों पर विचार करने के उपरांत उन्हें भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में शून्य काल के दौरान सदस्यों ने अपने अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। डीयू अकादमिक परिषद की 15 अप्रैल को हुई बैठक में पारित किए गए विभिन्न संकायों के पाठ्यक्रमों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। चार वर्षीय स्नातक का चौथा वर्ष पूर्ण होने को देखते हुए कई विभागों के लिए एक वर्षीय स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रमों को भी ईसी द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा ‘बौद्ध अध्ययन में उन्नत अध्ययन केंद्र’ (Centre for Advanced Studies in Buddhist Studies) स्थापित किया जाएगा। ‘प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम’ (PMJVK) योजना के अंतर्गत इस परियोजना के ‘प्रथम चरण’ (Phase-I) के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय से प्रशासनिक अनुमोदन पहले ही प्राप्त हो चुका है।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;&lt;strong&gt;सेंट स्टीफंस के मामले में ईसी द्वारा कमेटी गठित&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज द्वारा विभिन्न विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया में शॉर्टलिस्टिंग मानदंड के उल्लंघन पर डीयू ईसी में गंभीर संज्ञान लिया गया। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक में कॉलेज द्वारा शॉर्टलिस्टिंग मानदंड के इस उल्लंघन का विषय उठाए जाने पर कार्यकारी परिषद ने यह निर्णय लिया कि कॉलेज को अनुशंसित उम्मीदवारों को नियुक्ति आदेश जारी करने से रोका जाए और इस संबंध में परामर्श दिया जाए, क्योंकि कॉलेज द्वारा अपनाया गया शॉर्टलिस्टिंग मानदंड विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप नहीं है और त्रुटिपूर्ण है। इसे लेकर ईसी द्वारा इस मामले में एक कमेटी का गठन किया गया है। डीयू रजिस्ट्रार द्वारा सेंट स्टीफंस कॉलेज के प्रिंसिपल को एक पत्र के द्वारा सूचित किया गया है। बैठक के दौरान सदस्यों द्वारा बताया गया कि कॉलेज द्वारा प्रत्येक अनारक्षित रिक्ति के लिए 70 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के मानदंड का पालन किया जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद और कार्यकारी परिषद ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए इंटरव्यू हेतु उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग के लिए एक मानदंड पारित किया हुआ है। इस मानदंड के अनुसार प्रत्येक रिक्ति के लिए 40 उम्मीदवारों को और बाद की रिक्तियों के लिए 20 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाना होता है। इस मुद्दे की जांच हेतु कार्यकारी परिषद द्वारा गठित कमेटी में कार्यकारी परिषद (ईसी) में कुलाधिपति के नामित सदस्य प्रो. इंदर मोहन कपाही अध्यक्ष होंगे। उनके साथ ईसी सदस्य अमन कुमार, ईसी सदस्य डॉ. मोनिका अरोड़ा, ईसी सदस्य डॉ. एल.एस. चौधरी सदस्य होंगे और संयुक्त रजिस्ट्रार (कॉलेज) कमेटी के सचिव बनाए गए हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>उतरौला में अधिवक्ता संघ की नई कार्यकारिणी ने ली शपथ, बार हित में काम करने का संकल्प</title><link>https://gauravshalibharat.com/uttar-pradesh/the-new-executive-committee-of-the-bar-association-took-oath-in-uttaraula-vowing-to-work-in-the-interest-of-the-bar-2136/</link><pubDate>April 29, 2026, 6:31 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Untitled-design-27-300x169.webp</image><category>उत्तर प्रदेश</category><excerpt>बलरामपुर। अधिवक्ता संघ उतरौला की नव निर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को दीवानी संघ भवन में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। चुनाव अधिकारी शंभू लाल गुप्त ने सभी पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में अध्यक्ष पद प...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बलरामपुर&lt;/strong&gt;। अधिवक्ता संघ उतरौला की नव निर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को दीवानी संघ भवन में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। चुनाव अधिकारी शंभू लाल गुप्त ने सभी पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।&lt;br /&gt;
समारोह में अध्यक्ष पद पर प्रह्लाद यादव, महामंत्री पद पर रवि शंकर मिश्र और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर प्रमोद सोनी ने शपथ ग्रहण किया। वहीं कोषाध्यक्ष सतीश वर्मा, संयुक्त मंत्री बृजेश वर्मा, सर्वेश जायसवाल व सत्यदेव चौधरी ने भी अपने-अपने पद की जिम्मेदारी संभाली।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;कनिष्ठ उपाध्यक्ष राम शंकर मौर्य एवं उपकनिष्ठ उपाध्यक्ष मारुति नंदन मिश्र ने भी पदभार ग्रहण किया। इसके अलावा वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य के रूप में इशरत अबरार, भुग्गुल प्रसाद, अब्दुल कय्यूम, सुरेश श्रीवास्तव व कुंवर जी तथा कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य के रूप में सुनील तिवारी, दिवाकर विक्रम, विनय श्रीवास्तव, रवि गुप्त व गजनफर अली ने शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद अध्यक्ष प्रह्लाद यादव ने बार के हितों की रक्षा और विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करने का भरोसा दिलाया। महामंत्री रवि शंकर मिश्र ने कहा कि उनकी प्राथमिकता बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आमजन को सुलभ न्याय दिलाना और अधिवक्ताओं के हितों के लिए संघर्ष करना रहेगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रमेश कुमार शर्मा। गौरवशाली भारत&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को नई दिशा और रफ्तार दे रहे आईएएस राकेश कुमार सिंह   </title><link>https://gauravshalibharat.com/uttar-pradesh/ias-rakesh-kumar-singh-is-giving-new-direction-and-speed-to-the-jewar-airport-project-2080/</link><pubDate>April 29, 2026, 5:28 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Untitled-design-23-300x169.webp</image><category>उत्तर प्रदेश</category><excerpt>दिल्ली/एनसीआर : राकेश कुमार सिंह, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में एक अनुभवी और कुशल प्रशासनिक अधिकारी हैं, जिन्हें बड़े पैमाने की अवसंरचना परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन का व्यापक अन...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दिल्ली/एनसीआर :&lt;/strong&gt; राकेश कुमार सिंह, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में एक अनुभवी और कुशल प्रशासनिक अधिकारी हैं, जिन्हें बड़े पैमाने की अवसंरचना परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन का व्यापक अनुभव है। उन्होंने पूर्व में गाजियाबाद, कानपुर और मुरादाबाद जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करते हुए प्रशासनिक दक्षता और विकासात्मक दृष्टिकोण का परिचय दिया है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;वर्तमान भूमिका में वे YEIDA क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास को नई दिशा दे रहे हैं, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में इन दिनों तेज़ी देखने को मिल रही है,। इस बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतिम चरणों के कुशल प्रबंधन की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, जिसे एनआईएएल  और YEIDA के सशक्त समन्वय से आगे बढ़ाया जा रहा है। और इसके केंद्र में हैं राकेश कुमार सिंह। वर्ष 2009 बैच के आईएएस अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने 1 जुलाई 2025 को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में कार्यभार संभाला था। वे जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित कई बड़े प्रोजेक्ट्स का सक्रिय रूप से नेतृत्व कर रहे हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;उनका प्रमुख लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण हों। इसके साथ ही, वे निवेशकों के साथ पारदर्शी, भरोसेमंद और दीर्घकालिक संबंधों को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दे रहे हैं, ताकि क्षेत्र में निवेश का अनुकूल वातावरण बना रहे। उनके नेतृत्व में औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है, जिससे YEIDA क्षेत्र को एक आधुनिक, सशक्त और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है। राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में जेवर एयरपोर्ट परियोजना को एक नई गति मिली है। यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए आर्थिक विकास का एक बड़ा केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है, और अधिकारियों का दावा है कि तय समयसीमा के भीतर इसे पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सीईओ के रूप में राकेश कुमार सिंह का फोकस सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संचालन निवेश आकर्षण और औद्योगिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में YEIDA क्षेत्र में कई औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। जेवर एयरपोर्ट परियोजना को भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स में गिना जा रहा है। यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। इस परियोजना के जरिए क्षेत्र में रियल एस्टेट, होटल, ट्रांसपोर्ट और सेवा क्षेत्र में भी व्यापक विकास की संभावना है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;राकेश कुमार सिंह ने कार्यभार संभालने के बाद से परियोजना की नियमित समीक्षा बैठकों का सिलसिला शुरू किया है। वे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। साथ ही, वे निजी निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ भी लगातार संवाद कर रहे हैं, ताकि इस क्षेत्र को एक वैश्विक बिजनेस हब के रूप में विकसित किया जा सके। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही प्रमुख रूप से दिखाई देती है। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना और निर्णय प्रक्रिया को तेज़ बनाना उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण का अहम हिस्सा है। यही वजह है कि कई रुकी हुई परियोजनाएं भी अब पटरी पर लौटती नजर आ रही हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/CEO.webp&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; class=&quot;aligncenter size-full wp-image-2087&quot; src=&quot;https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/CEO.webp&quot; alt=&quot;&quot; width=&quot;217&quot; height=&quot;233&quot; srcset=&quot;https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/CEO.webp 217w, https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/CEO-150x161.webp 150w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 217px) 100vw, 217px&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इसके अलावा, YEIDA के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर भी ज़ोर दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य निवेशकों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिससे उद्योगों को आकर्षित किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परियोजना इसी गति से आगे बढ़ती रही, तो आने वाले वर्षों में जेवर एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह क्षेत्र न केवल एक एविएशन हब बनेगा, बल्कि एक मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक केंद्र के रूप में भी उभरेगा। राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में किए जा रहे ये प्रयास स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार की बुनियादी ढांचा विकास योजनाएं अब केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि ज़मीन पर प्रभावी रूप से साकार हो रही हैं। जेवर एयरपोर्ट परियोजना इसका सबसे प्रमुख उदाहरण बनकर उभर रही है, जो न केवल राज्य के विकास को नई गति देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक मंच पर भी एक मजबूत पहचान दिलाने की क्षमता रखती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>25 साल बाद तब्बू और अक्षय कुमार का रोमांस, &amp;#8216;भूत-बंगला&amp;#8217; के नए गाने में दिखी केमिस्ट्री</title><link>https://gauravshalibharat.com/entertainment/tabu-and-akshay-kumars-romance-after-25-years-chemistry-seen-in-the-new-song-of-bhoot-bangla-2037/</link><pubDate>April 29, 2026, 2:20 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Untitled-design-20-300x169.webp</image><category>मनोरंजन</category><excerpt>मुंबई : अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, राजपाल यादव और तब्बू स्टारर फिल्म &amp;#8216;भूत बंगला&amp;#8217; 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक बनकर उभरी है, जिसने बॉक्स ऑफिस से लेकर दर्शकों के दिल पर अपनी छाप छोड़ी है। फिल्म ने 2 हफ्ते पूरे होने से ...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई : &lt;/strong&gt;अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, राजपाल यादव और तब्बू स्टारर फिल्म &amp;#8216;भूत बंगला&amp;#8217; 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक बनकर उभरी है, जिसने बॉक्स ऑफिस से लेकर दर्शकों के दिल पर अपनी छाप छोड़ी है। फिल्म ने 2 हफ्ते पूरे होने से पहले ही 120 करोड़ का आंकड़ा पूरा कर लिया है, लेकिन अब फिल्म रिलीज के इतने दिनों बाद फिल्म का आइकॉनिक और क्लासिकल गाना &amp;#8216;ओ री ओ सांवरिया&amp;#8217; रिलीज कर दिया गया है। &amp;#8216;ओ री ओ सांवरिया&amp;#8217; गाना रिलीज के साथ ही पसंद किया जा रहा है, क्योंकि गाने में तब्बू और अक्षय कुमार की रोमांटिक केमिस्ट्री देखी जा रही है। तब्बू क्लासिकल डांस करते हुए बहुत प्यारी लग रही हैं, जबकि अक्षय कुमार तब्बू के प्यार में खोए दिख रहे हैं। गाना भुल-भुलैया-3 के &amp;#8216;आमी जे तोमार&amp;#8217; 3.0 से काफी मिलता जुलता है, जिसमें पहले माधुरी और विद्या बालन का शानदार क्लासिकल डांस था, हालांकि संगीत और लिरिक्स दोनों काफी अलग हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;गाने को श्रेया घोषाल, जावेद अली और पृथ्वी गंधर्व ने अपनी मीठी आवाज दी है, और यतींद्र मिश्र ने गाने के लिरिक्स लिखे हैं। गौर करने वाली बात यह भी है कि लंबे अरसे के बाद तब्बू और अक्षय कुमार को एक साथ स्क्रीन पर देखा गया है। आखिरी बार दोनों ने फिल्म हेरा-फेरी में साथ में काम किया था, और अब 25 साल बाद दोनों को साथ में काम करने का मौका मिला है। भले ही फिल्म में तब्बू का स्क्रीनप्ले काफी कम है, लेकिन उनकी दमदार एक्टिंग की भरपूर तारीफ हो रही है। बात अगर फिल्म की करें तो फिल्म लगभग 120 करोड़ का आंकड़ा पार चुकी है और वैश्विक स्तर पर आंकड़ा इससे ज्यादा है। ऐसा होना भी लाजमी है क्योंकि खट्टा मीठा के बाद अक्षय कुमार और निर्देशन प्रियदर्शन की जोड़ी ने पर्दे पर वापसी की है। अक्षय कुमार और निर्देशन प्रियदर्शन की जोड़ी ने सिनेमा में कई सुपरहिट कॉमेडी फिल्में दी है, जिसनें हेरा-फेरी, गरम मसाला और खट्टा-मीठा शामिल है। इस जोड़ी ने 16 साल बाद पर्दे पर वापसी की है और दर्शकों की उम्मीदों पर खरी भी उतरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि &amp;#8216;धुरंधर: द रिवेंज&amp;#8217; की रफ्तार के बीच फिल्म ने अपनी जगह स्थापित की है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एसोचैम ने भारत-न्यूजीलैंड व्यापार परिषद के साथ किया समझौता, आर्थिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती</title><link>https://gauravshalibharat.com/delhi/assocham-signs-mou-with-india-new-zealand-business-council-to-boost-trade-and-investment-economic-ties-to-gain-new-strengt-1760/</link><pubDate>April 27, 2026, 5:30 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Untitled-design-13-1-300x169.webp</image><category>दिल्ली</category><excerpt>नई दिल्ली : प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने सोमवार को भारत-न्यूजीलैंड व्यापार परिषद (आईएनजेडबीसी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत उद्योगों से जुड़े कदमों को व्यवस...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली :&lt;/strong&gt; प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने सोमवार को भारत-न्यूजीलैंड व्यापार परिषद (आईएनजेडबीसी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत उद्योगों से जुड़े कदमों को व्यवस्थित रूप से लागू करना और दोनों देशों के व्यवसायों को इस समझौते से मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ दिलाना है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत और न्यूजीलैंड के बीच साझेदारी की पूरी क्षमता को हासिल करने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करना बहुत महत्वपूर्ण होगा। उद्योग संगठन ने कहा कि व्यापार और उद्योग संस्थाओं के बीच बढ़ता सहयोग दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाएगा और प्रक्रियाओं में आने वाली बाधाओं को कम करेगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;साथ ही, बेहतर हवाई संपर्क और पर्यटन सहयोग आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। 22 दिसंबर 2025 को सिर्फ नौ महीनों में पूरा हुआ यह एफटीए और सोमवार को हस्ताक्षरित समझौता, दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार लगभग 1.3 अरब डॉलर और सेवाओं का व्यापार 634 मिलियन डॉलर है, जिसे अगले पांच वर्षों में 5 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। न्यूजीलैंड में लगभग 3 लाख भारतीयों का समुदाय इस साझेदारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बयान में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर व्यापार में अनिश्चितता और सप्लाई चेन में बदलाव के बीच यह समझौता इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक विविधता और मजबूत, समावेशी तथा भविष्य के लिए तैयार आर्थिक साझेदारी बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;न्यूजीलैंड के साथ एफटीए से व्यापार और निवेश की नई संभावनाएं खुल रही हैं। इसके तहत भारत के निर्यात को न्यूजीलैंड में 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जो भारत के एफटीए इतिहास में एक नया अध्याय है। इसके साथ ही अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश का भी वादा किया गया है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी को और पक्का करेगा। एसोचैम के महासचिव सौरभ सान्याल ने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने की उम्मीद है। भारत से टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोलियम उत्पाद और मशीनरी का निर्यात बढ़ेगा, जबकि न्यूजीलैंड से कच्चा माल और अन्य जरूरी वस्तुएं आयात होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि भारत का सेवा क्षेत्र, खासकर आईटी, वित्तीय सेवाएं, शिक्षा, बिजनेस सेवाएं और अन्य पेशेवर सेवाएं, न्यूजीलैंड में अपनी पहुंच बढ़ाकर खास फायदा उठा सकते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>