<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today university News | Latest university News | Breaking university News in English | Latest university News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का university समाचार:Today university News ,Latest university News,Aaj Ka Samachar ,university समाचार ,Breaking university News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/university</link>
        <lastBuildDate>April 27, 2026, 3:01 pm</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>डीयू में अंडरग्रेजुएट रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप एग्जिबिशन 2026 में प्रदर्शित की गई यूजी चौथे वर्ष के विद्यार्थियों की रिसर्च</title><link>https://gauravshalibharat.com/job-and-education/research-by-4th-year-ug-students-showcased-at-undergraduate-research-and-entrepreneurship-exhibition-2026-at-1253/</link><pubDate>April 23, 2026, 6:23 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Untitled-design-2-3.webp</image><category>जॉब एंड एजुकेशन</category><excerpt>नई दिल्ली : जिसे दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा एनईपी 2020 के तहत “अंडरग्रेजुएट रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप एग्जिबिशन 2026” (UGREE 2026) के तहत एक दो दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के मल्टीपर्प्ज हाल में किया गया। गुरुवार को प्रदर...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली : &lt;/strong&gt;जिसे दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा एनईपी 2020 के तहत “अंडरग्रेजुएट रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप एग्जिबिशन 2026” (UGREE 2026) के तहत एक दो दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के मल्टीपर्प्ज हाल में किया गया। गुरुवार को प्रदर्शनी के समापन अवसर पर इंटर यूनिवर्सिटी एक्सीलेटर सेंटर के निदेशक प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे, कार्यक्रम की अध्यक्षता डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने की। यूजीईई – 2026 प्रदर्शनी में कुल 480 विद्यार्थियों ने भाग लिया जिनमें से 387 के रिसर्च पोस्टर प्रदर्शित किए गए। मौखिक भाषा में 48 और उद्यमिता 45 विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया। समापन समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;एफ़वाईयूपी में रोल मॉडल बन कर आगे आया डीयू: प्रो. अविनाश पांडेय&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;चौथे वर्ष में रिसर्च पर फोकस बढ़ाने के लिए &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;6 बढ़ाकर किए जाएंगे 10 क्रेडिट: प्रो. योगेश&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p&gt;इस अवसर पर मुख्यातिथि प्रो. अविनाश चंद्र पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत जब 4-वर्षीय स्नातक डिग्री (एफ़वाईयूपी) पर काम किया जा रहा था तो इसे लागू करने में दिल्ली विश्वविद्यालय आगे आया और रोल मॉडल बना। आज उसका परिणाम इस प्रदर्शनी के रूप में सामने है। उन्होंने कहा कि आज देश और दुनिया के सामने क्लाइमेट चेंज और नेट ज़ीरो जैसी चुनौतियाँ हैं, इनसे कैसे निपटा जाए, इस पर काम करने के लिए विद्यार्थी आगे आएं। प्रो. अविनाश ने कहा कि जब हम सिलिकॉन वैली चला सकते हैं तो अपना क्वांटम प्रोग्राम क्यों नहीं! इसमें युवा भाग लें हम सहायता के लिए तैयार हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने इस प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिए डीन अकादमिक प्रो. के. रत्नाबली और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि इस शैक्षणिक सत्र  में डीयू ने पहली बार यूजी के चौथे वर्ष को शुरू किया था और करीब 60% विद्यार्थियों ने इसमें अपग्रेड किया, इसकी सफलता का परिणाम प्रदर्शनी के रूप में हमारे सामने हैं। यह रिसर्च और इनोवेशन का उत्सव है। इस अवसर पर कुलपति ने घोषणा की कि अगले वर्ष से एफ़वाईयूपी में आने वाले विद्यार्थियों के लिए डेजर्टेशन, उद्यमिता अकादमिक प्रोजेट आदि के लिए क्रेडिट 6 बढ़ाकर 10 किए जाएंगे तथा इलेक्टिव का एक पेपर कम किया जाएगा। इससे विद्यार्थी अपने रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर अच्छे से फोकस कर पाएंगे।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;कार्यक्रम के आरंभ में डीयू रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने एनईपी 2020 के डीयू में लागू करने और यूजीसीएफ़ 2022 के निर्माण की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन पर डीन अकादमिक प्रो. के. रत्नाबली ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अनेकों डीन, डायरेक्टर, प्रिंसिपल, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>वसुंधरा एनक्लेव स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय के महाराजा अग्रसेन कॉलेज में 23 अप्रैल, 2026 को कॉलेज का वार्षिकोत्सव मनाया गया</title><link>https://gauravshalibharat.com/delhi/maharaja-agrasen-college-vasundhara-enclave-university-of-delhi-celebrated-its-annual-day-on-23rd-april-2026-1220/</link><pubDate>April 23, 2026, 5:53 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Untitled-design-14-300x169.webp</image><category>जॉब एंड एजुकेशन</category><excerpt>महाराजा अग्रसेन कॉलेज में वार्षिकोत्सव का आयोजन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला रहे कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। श्री ओम बिरला ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय छात्रों में ज्...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;महाराजा अग्रसेन कॉलेज&lt;/strong&gt; में वार्षिकोत्सव का आयोजन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला रहे कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। श्री ओम बिरला ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय छात्रों में ज्ञानार्जन, शोध और सीखने की उत्कृष्ट क्षमता है। उन्होंने महाराजा अग्रसेन कॉलेज की उल्लेखनीय उपलब्धियों और विकास यात्रा की सराहना की तथा विश्वास जताया कि कॉलेज के विद्यार्थी वैश्विक चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करने तथा ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को पूरा करने में सक्रिय योगदान देंगे। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की सलाह दी। अपने संबोधन में महाराजा अग्रसेन की आर्थिक नीतियों और सामाजिक समानता के वैचारिक महत्व को रेखांकित करते हुए सरदार बल्लभभाई पटेल के कुशल प्रशासनिक नेतृत्व और डॉ. बी.आर. आंबेडकर की संवैधानिक दूरदर्शिता से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर संजीव कुमार तिवारी ने 2026 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कॉलेज के शैक्षणिक उपलब्धियों के बारे में बताते हुए कहा कि अंतिम वर्ष के कुल विद्यार्थियों में से 82 फीसदी से अधिक ने प्रथम श्रेणी के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की। इस अवसर पर उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी तथा विश्वास दिलाया कि कॉलेज विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत रहेगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इस अवसर पर कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी ने कॉलेज के सकारात्मक वातावरण और विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना की। समारोह में अकादमिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों के लिए विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। संस्कृति पुरस्कार स्नेहा मिश्रा को, श्रेष्ठ संयोजक पुरस्कार राहुल यादव को, तथा विद्योतमा पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ छात्र पुरस्कार दोनों अंशुल को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदान किए गए।&lt;br /&gt;
इसके अतिरिक्त, विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए मेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए तेरह स्मृति पुरस्कार एवं छात्रवृत्तियाँ प्रदान की गईं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;प्रो. प्रेम कुमारी श्रीवास्तव स्मृति स्वर्ण पुरस्कार ऋतिका कुमारी को प्रदान किया गया; श्रीमती आशा सिन्हा एवं प्रो. चित्तरंजन सिन्हा स्मृति रजत पुरस्कार चंचल कौशिक, सान्या त्यागी एवं भूमिका सरकार को दिया गया; श्री विनोद कुमार जैन स्मृति स्वर्ण पुरस्कार पांडे कौशल संजय को प्रदान किया गया; पं. कपिल देव ओझा एवं श्रीमती श्याम प्यारी देवी स्मृति हिंदी प्रवीणता पुरस्कार स्वाति सुरभि को दिया गया; श्री जगदीश नारायण बत्रा एवं श्रीमती सरोज बत्रा स्मृति स्वर्ण पुरस्कार तन्नु को प्रदान किया गया; स्वतंत्रता सेनानी पं. राम स्वरूप पराशर स्मृति पुरस्कार रौनक रॉय को दिया गया; डॉ. एस. पी. वर्मा स्मृति पुरस्कार (प्रथम एवं द्वितीय स्थान) तनिषा सोनी एवं रोहित कर्नाटक को प्रदान किए गए; श्री जितेंद्र नाथ सोंधी स्मृति पुरस्कार (प्रथम एवं द्वितीय स्थान) अभिषेक राज एवं आर्यन शाही को दिए गए; श्री सुल्तान चंद स्मृति छात्रवृत्तियाँ नित्या सचदेवा एवं मेहक शर्मा को प्रदान की गईं, तथा सुल्तान चंद द्रोपदी देवी स्मृति छात्रवृत्ति वरुण शर्मा को दी गई। इस अवसर पर कॉलेज के विभिन्न प्रकाशनों—ज्ञान संचय, इंडियन जर्नल ऑफ सोशल इन्क्वायरी तथा फ्लोरा एट MAC—का भी विमोचन किया गया। साथ ही, कॉलेज की वार्षिक पत्रिका अग्रणिका 2026 का औपचारिक अनावरण किया गया।कार्यक्रम का संचालन प्रो. गीतांजलि चावला तथा धन्यवाद ज्ञापन एनुअल ऐक्टिविटी कमिटी की कन्वेनर डॉ. रेणु सैनी ने दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी तथा विद्यार्थी मौजूद रहे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>भगवंत विश्वविद्यालय, अजमेर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग द्वारा एक औद्योगिक भ्रमण का सफलतापूर्वक आयोजन ।</title><link>https://gauravshalibharat.com/job-and-education/an-industrial-visit-was-successfully-organised-by-the-department-of-computer-science-engineering-and-computer-applications-bhagwant-university-ajmer-994/</link><pubDate>April 22, 2026, 1:08 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Untitled-design-4-2-300x169.webp</image><category>जॉब एंड एजुकेशन</category><excerpt>कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग तथा कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग, भगवंत विश्वविद्यालय, अजमेर (राजस्थान) द्वारा 20 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक एक औद्योगिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को वास्तविक औद्योगिक प्रक्रियाओं से अवगत क...</excerpt><content>&lt;p&gt;कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग तथा कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग, भगवंत विश्वविद्यालय, अजमेर (राजस्थान) द्वारा 20 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक एक औद्योगिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को वास्तविक औद्योगिक प्रक्रियाओं से अवगत कराना तथा उनके सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना था। इस अवसर पर छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आधुनिक आईटी उद्योग के विभिन्न पहलुओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;यह कार्यक्रम माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) वी. के. शर्मा तथा उप-कुलपति प्रो. (डॉ.) आर. के. घई के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। उनके सहयोग और प्रेरणा ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने छात्रों के करियर निर्माण में औद्योगिक अनुभव के महत्व पर भी प्रकाश डाला।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. (डॉ.) अजय कुमार शर्मा, इंजीनियरिंग निदेशक प्रो. (डॉ.) सुधीर राजगुरु, सहायक निदेशक डॉ. कोमल अलावानी, डॉ. मुन्ना वर्मा तथा डॉ. अमित चौधरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन विभागाध्यक्ष श्री अरुण कुमार मिश्रा, डॉ. मनोज कुमार शर्मा, इंजीनियर अजहर अली, इंजीनियर धर्मेंद्र शक्तावत तथा इंजीनियर इशिता जैन द्वारा किया गया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. अनिल सिंह तथा वाइस चेयरपर्सन डॉ. आशा सिंह ने आयोजन टीम को बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;कार्यक्रम के दौरान CRM Landing Software Pvt. Ltd. के निदेशक श्री नवीन कुंवल ने पारंपरिक शिक्षा की तुलना में कौशल-आधारित शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। Salesforce डेवलपर श्री फिरोज खान ने Salesforce प्लेटफॉर्म के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की और छात्रों को CRM तथा क्लाउड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए मार्गदर्शन दिया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;एआई डेवलपर सुश्री वर्षा दुबे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, भविष्य की संभावनाओं और महत्व पर प्रकाश डाला तथा छात्रों को इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, नेटवर्क सपोर्ट इंजीनियर श्री मोहम्मद सईद ने आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर में नेटवर्किंग की महत्वपूर्ण भूमिका और मजबूत आधारभूत ज्ञान की आवश्यकता पर जोर दिया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;कुशल बागड़ी, परितोष शर्मा, देवांश, आस्था, अंकित और हेमेन्द्र सहित छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस औद्योगिक भ्रमण से उनके व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि हुई और इंटरएक्टिव सत्रों के माध्यम से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान हुआ।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>डीयू के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग का 80 वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित</title><link>https://gauravshalibharat.com/delhi/dus-department-of-library-and-information-science-organised-its-80th-foundation-day-celebrations-943/</link><pubDate>April 21, 2026, 5:49 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Untitled-design-3-1-300x169.webp</image><category>गुड न्यूज़</category><excerpt>नई दिल्ली, दिल्ली विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग का 80 वां स्थापना दिवस समारोह मंगलवार, 21 अप्रैल को डीयू के वाइस रीगल लॉज स्थित कन्वेंशन हॉल में आयोजित हुआ। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि के तौर पर मिजोरम के राज्यपाल जनरल...</excerpt><content>&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली&lt;/strong&gt;,&lt;strong&gt; &lt;/strong&gt;दिल्ली विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग का 80 वां स्थापना दिवस समारोह मंगलवार, 21 अप्रैल को डीयू के वाइस रीगल लॉज स्थित कन्वेंशन हॉल में आयोजित हुआ। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि के तौर पर मिजोरम के राज्यपाल जनरल डॉ. वी.के. सिंह उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने की। सेवानिवृत आई.ए.एस डॉ. अजय शंकर पांडेय समारोह के विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;&lt;strong&gt;यूनिवर्सिटीज़ से ही निकल पाते हैं देश के उच्चतम लोग: जनरल वी.के. सिंह&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;&lt;strong&gt;बदल रहा है लाइब्रेरी का स्वरूप&lt;/strong&gt;,&lt;strong&gt; लेकिन खत्म नहीं होगी पुस्तकों की आवश्यकता: प्रो. योगेश सिंह&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;जनरल डॉ. वी.के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जब आप किसी लाइब्रेरी में जाते हैं, तो वहाँ वो चीज प्राप्त करते हैं जो कहीं और नहीं मिल सकती। अगर आप यूरोप में जाएँ तो वहां सार्वजनिक पुस्तकालयों पर सबसे ज्यादा ज़ोर मिलता है। हमारे यहाँ भी पहले सार्वजनिक पुस्तकालय थे, धीरे धीरे उनका चलन खत्म होने लगा; कुछ जगह पर अभी भी हैं, लेकिन शायद उनकी देखरेख उतनी नहीं है, जितना कि उनको सपोर्ट मिलना चाहिए। अब समय है कि हम उन्हें और अच्छा बना सकें, ताकि सब लोगों को उनका फायदा मिल सके। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यूनिवर्सिटीज़ से ही देश के उच्चतम लोग निकल पाते हैं। डॉ. वी.के. सिंह ने कहा कि एक समय था जब लाइब्रेरी का अपना महत्व था। आप किसी भी संस्था का आकलन करना चाहते थे तो, उसकी लाइब्रेरी से उसका आकलन होता था। अब लाइब्रेरी का स्वरूप बदल गया है।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;लाइब्रेरी और इनफार्मेशन साइंस का अपना एक अलग महत्व है। किसी भी देश को आगे बढ़ने के लिए शिक्षा की जरूरत होती है। शिक्षा वह नींव देती है जिस पर राष्ट्र तरक्की करता है। जितनी अच्छी शिक्षा होगी, उतना ही वो देश आगे जाएगा। उन्होंने कहा कि आजकल की नेटवर्क की दुनिया के अंदर इन्फॉर्मेशन साइंस और उस पर आधारित लाइब्रेरी का अलग ही महत्व है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. वी.के. सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलगीत की सराहना करते हुए कहा कि कुलगीत बताता है कि संस्थान का आधार क्या है, वह आगे की प्रेरणा देता है।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि तकनीक के कारण आज लाइब्रेरी का स्वरूप बदल रहा है, लेकिन पुस्तकों की आवश्यकता कभी खत्म नहीं होगी। अगर हमें आगे बढ़ना है तो पढ़ने की आदत बनाए रखना जरूरी है। पुस्तकों का तरीका बदल सकता है, उनके प्रकाशन का माध्यम बदल सकता है, लेकिन उनकी उपयोगिता कम नहीं हो सकती। प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि प्राचीन काल में हमारे नालंदा विश्वविद्यालय का पुस्तकालय विश्व प्रसिद्ध था। दुनिया के अनेकों देशों से स्कॉलर वहां पढ़ने आते थे। खिलजी ने उसे जलाने का काम किया। आखिर उसने उस ज्ञान के भंडार को ही क्यों जलाया? अगर इस देश पर आक्रमण करने वाले लाइब्रेरी को जला सकते हैं, तो समझिए ज्ञान की कितनी ताकत होती है।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;कुलपति ने कहा कि भारत में बीसवीं शताब्दी के आरंभ में सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थापना करने की शुरुआत का श्रेय बड़ौदा के महाराजा सियाजीराव को जाता है। उन्होंने अमरीका के विलियम एलनसन बोर्डेन को अपनी रियासत में पुस्तकालयों की स्थापना करने के लिए आमंत्रित किया। उस व्यक्ति ने राजी के बाहर बी भी पुस्तकों के लिए दान देने की प्रथा अपनाई। बीएचयू (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) की मुख्य लाइब्रेरी का नाम उन्हीं के नाम पर “सयाजीराव गायकवाड़ लाइब्रेरी” है, क्योंकि इसके निर्माण के लिए उन्होंने ही दान दिया था।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;कार्यक्रम के आरंभ में डीयू के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. केपी सिंह ने औपचारिक स्वागत भाषण के साथ विभाग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। कार्यक्रम के समापन पर डीयू एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग द्वारा अपने सम्मानित पूर्व छात्रों की असाधारण उपलब्धियों को सम्मानित करने हेतु “प्राइड एलुमनाई अवार्ड &amp;#8211; 2026” की भी शुरुआत की गई।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;प्रो. केपी सिंह द्वारा लिखित पुस्तक “लाइब्रेरी इन्फॉर्मेशन साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च इन इंडिया” का विमोचन भी कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस अवसर पर मिजोरम के राज्यपाल जनरल डॉ. वी.के. सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, सेवानिवृत आई.ए.एस डॉ. अजय शंकर पांडेय, डीन ऑफ कॉलेजेज़ प्रो. बलराम पाणी, दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो, रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता और प्रो. केपी सिंह सहित कई शीर्ष अधिकारी, शिक्षाविद और नौकरशाहों सहित भारी संख्या में विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;
</content></item><item><title>BHU में बुनियादी सुविधाओं पर बवाल: पानी और गंदगी से परेशान छात्रों ने किया सड़क जाम</title><link>https://gauravshalibharat.com/uttar-pradesh/uproar-over-basic-amenities-at-bhu-students-troubled-by-water-issues-and-filth-block-road-760/</link><pubDate>April 19, 2026, 6:12 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/MP-Board-Result-2026-5-300x169.webp</image><category>उत्तर प्रदेश</category><excerpt>वाराणसी: वाराणसी स्थित Banaras Hindu University (BHU) में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार देर रात बिड़ला ए छात्रावास के छात्रों ने पानी और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर ...</excerpt><content>&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;&lt;strong&gt;वाराणसी:&lt;/strong&gt; वाराणसी स्थित Banaras Hindu University (BHU) में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार देर रात बिड़ला ए छात्रावास के छात्रों ने पानी और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए छात्रों ने बिड़ला चौराहे पर पहुंचकर धरना दिया और मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया। छात्रों का आरोप है कि छात्रावास में रहने वाले करीब 100 कमरों के छात्रों के लिए &lt;strong&gt;पेयजल की कोई पर्याप्त व्यवस्था नहीं है&lt;/strong&gt;। परिसर में लगाए गए वाटर कूलर की क्षमता बेहद सीमित है, जिसके कारण मात्र आधे घंटे में ही पानी खत्म हो जाता है। इसके अलावा, छात्रों ने पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आरओ सिस्टम सही ढंग से काम नहीं कर रहा, जिससे &lt;strong&gt;स्वास्थ्य संबंधी जोखिम&lt;/strong&gt; बढ़ रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;पानी की समस्या के साथ-साथ साफ-सफाई को लेकर भी छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बाथरूम और शौचालयों की नियमित सफाई नहीं हो रही है जिससे  गंदगी की वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है । कई दिनों से शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई । छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और हॉस्टल प्रबंधन इस मुद्दे को लगातार नजरअंदाज कर रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;font-weight: 400&quot;&gt;इस पूरे मामले पर अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे छात्रों में नाराजगी और बढ़ती जा रही है। BHU जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की बुनियादी समस्याओं का सामने आना कई सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस मुद्दे पर संज्ञान लेता है और छात्रों को राहत मिलती है या नहीं।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>