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       <title>Today women bill News | Latest women bill News | Breaking women bill News in English | Latest women bill News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का women bill समाचार:Today women bill News ,Latest women bill News,Aaj Ka Samachar ,women bill समाचार ,Breaking women bill News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>महिला आरक्षण बिल के विरोध से कांग्रेस का चरित्र और चेहरा हो गया है बेनकाब: आरपीआई</title><link>https://gauravshalibharat.com/delhi/opposition-to-the-womens-reservation-bill-has-exposed-the-character-and-face-of-the-congress-rpi/</link><pubDate>April 20, 2026, 4:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260419-WA0031.webp</image><category>दिल्ली</category><excerpt>*नई दिल्ली*: रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री रामदास आठवले जी के निर्देशानुसार कांग्रेस पार्टी द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध में अपना समर्थन देने के कारण आरपीआई(आठवले) कार्यकर्ताओं ने जंतर मंतर पर विपक्ष की...</excerpt><content>&lt;p&gt;*&lt;strong&gt;नई दिल्ली&lt;/strong&gt;*: रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री रामदास आठवले जी के निर्देशानुसार कांग्रेस पार्टी द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध में अपना समर्थन देने के कारण आरपीआई(आठवले) कार्यकर्ताओं ने जंतर मंतर पर विपक्ष की कड़ी निंदा करते हुए ‘इंडी अलायन्स हाय हाय’ और ‘राहुल गांधी शर्म करो’ के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया ।&lt;br /&gt;
प्रदर्शन के अंतराल में सभी ने एक स्वर में राहुल गांधी सहित विपक्ष की निंदा करते हुए कहा कि&lt;br /&gt;
कांग्रेस ने &amp;#8216;नारी शक्ति वंदन अधिनियम&amp;#8217; के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के ऐतिहासिक प्रयास को विफल किया है ।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;आरपीआई दिल्ली के नेताओं ने कहा कि कांग्रेस द्वारा महिला आरक्षण विधेयक (131वां संशोधन) का विरोध एक प्रकार से &amp;#8220;महिला-विरोधी मानसिकता&amp;#8221; और &amp;#8220;ऐतिहासिक अवसर का अपमान&amp;#8221; दर्शाता है।&lt;br /&gt;
आरपीआई दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री फ़करे आलम ने कहा कि विपक्ष ने अपनी संकीर्ण राजनीति के लिए महिलाओं के अधिकारों का बलिदान किया है, और इसके लिए उन्हें देश की आधी आबादी से माफी मांगनी चाहिए ।&lt;br /&gt;
आरपीआई अध्यक्ष श्री रामदास आठवले जी के विचारों का समर्थन करते हुए आरपीआई कार्यकर्ताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, विशेषकर राहुल गांधी, हर बात का विरोध करते हैं। आज जब मोदी सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है, तब विपक्ष इसका विरोध कर रहा है।&lt;br /&gt;
आरपीआई कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण हेतु संविधान संशोधन विधेयक को जिस तरह से पराजित किया गया और जिस तरह से कांग्रेस ने एक बार फिर देश को विभाजित करने का अपना एजेंडा खुलकर सामने रखा है, उससे कांग्रेस की रणनीति, चरित्र और चेहरा बेनकाब हो गया है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;प्रदर्शन में आरपीआई के राष्ट्रीय सचिव मिर्जा महताब बेग दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री फकरे आलम, दिल्ली प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष श्री अनिल चौधरी , सहित आरपीआई दिल्ली प्रदेश के विविध पदाधिकारियों ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ भाग लिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस एवं विपक्ष ने दिया महिलाओं को धोखा: रामदास आठवले</title><link>https://gauravshalibharat.com/national/congress-and-opposition-betrayed-women-on-womens-reservation-bill-ramdas-athawale/</link><pubDate>April 19, 2026, 12:27 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Mahila-300x169.webp</image><category>दिल्ली</category><excerpt>नई दिल्ली: आरपीआई(आ.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री रामदास आठवले जी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने पारित नहीं होने दि...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt; आरपीआई(आ.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री रामदास आठवले जी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने पारित नहीं होने दिया। विपक्ष का यह विरोध देश की नारी शक्ति के साथ धोखा है।आरपीआई अध्यक्ष श्री रामदास आठवले जी ने कहा कि कांग्रेस के इस कृत्य के विरोध में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया देश भर में सड़कों पर उतरकर पुरज़ोर तरीक़े से विरोध प्रदर्शन करेगी और विपक्ष की महिला विरोधी नीतियों को जन जन तक पहुँचाने का काम करेगी।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;श्री रामदास आठवले जी ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक उत्थान हेतु एक बड़ा निर्णय होने जा रहा था, लेकिन विपक्ष ने केवल ये सोचते हुए कि कहीं माननीय प्रधानमंत्री जी को इसका श्रेय न मिल जाए, इसलिए बिल का विरोध कर अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय दिया ।&lt;br /&gt;
श्री रामदास आठवले जी ने कहा कि वर्तमान समय में जनसंख्या में बढ़ोतरी के कारण परिसीमन (delimitation) के द्वारा लोकसभा सीटों में वृद्धि करना नितांत आवश्यक है , लेकिन विपक्ष ने अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए अकारण ही इसका विरोध किया। श्री रामदास आठवले जी ने कहा कि विपक्ष ने परिसीमन का विरोध कर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हिस्से में आने वाली सीटों का भी विरोध किया है ।&lt;br /&gt;
श्री आठवले जी ने कहा कि उन्हें यह बताना चाहता हूँ कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहाँ पर ही नहीं रुकेगी, बल्कि दूर तक जाएगी। विपक्ष को ‘महिलाओं का आक्रोश’ न केवल हाल में चल रहे विधानसभा चुनावों में बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी झेलना पड़ेगा।&lt;br /&gt;
श्री आठवले जी ने कहा कि 27 वर्षों तक, महिला आरक्षण विधेयक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के हाथों एक राजनीतिक मोहरे की तरह रहा और नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े परिसीमन ढांचे का विरोध करके, कांग्रेस पार्टी प्रभावी रूप से यह सुनिश्चित कर रही है कि 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण लागू न हो पाए। केंद्रीय राज्यमंत्री के अनुसार कांग्रेस द्वारा परिसीमन बिल का विरोध केवल संयोग नहीं बल्कि इनकी सोची समझी रणनीति को दर्शाता है। श्री रामदास आठवले जी ने कहा कि कल का दिन हमारे देश के लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय था । यह केवल एक बिल का गिरना नहीं है, बल्कि करोड़ों बहनों के उस भरोसे का टूटना है जो उन्होंने एक बेहतर भविष्य के लिए संजोया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं हो सकता; हितैषी होने का संदेश देना चाह रही सरकार : राहुल गाँधी</title><link>https://gauravshalibharat.com/breaking-news-ticker/the-womens-reservation-bill-cannot-be-passed-the-government-merely-wants-to-project-an-image-of-being-well-wishing-rahul-gandhi/</link><pubDate>April 17, 2026, 5:11 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Rahul-Gandhi-300x169.webp</image><category>Breaking News Ticker</category><excerpt>नयी दिल्ली : संसद के लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा में कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हिस्सा लिया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। राहुल गाँधी ...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नयी दिल्ली :&lt;/strong&gt; संसद के लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा में कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हिस्सा लिया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। राहुल गाँधी ने सरकार से कहा कि पुराना बिल लाइए, हम उसे पास कराएंगे। महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन पर कहा कि पहला सच तो यह है कि यह महिलाओं का बिल नहीं है। इसका महिलाओं के एम्पावरमेंट से इसका कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है। सरकार ओबीसी भाइयों और बहनों को अधिकार देने से बच रही है। विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि, हम सभी ने महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि यह बिल 2023 में पास हो चुका है, पहला सच ये है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि हर कोई जानता है कि जादूगर और कारोबारी के बीच एक साझेदारी है। जैसे ही नेता प्रतिपक्ष ने ये कहा सदन में हंगामा हो गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर एक भावनात्मक अपील</title><link>https://gauravshalibharat.com/blog/prime-minister-narendra-modi-made-an-emotional-appeal-in-parliament-regarding-womens-empowerment/</link><pubDate>April 17, 2026, 4:46 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/Untitled-design-1-300x169.webp</image><category>Blog</category><excerpt>नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर एक भावनात्मक और प्रेरणादायक अपील करते हुए सभी सांसदों से देश की नारीशक्ति के अधिकारों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह समय राजनी...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नयी दिल्ली :&lt;/strong&gt; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर एक भावनात्मक और प्रेरणादायक अपील करते हुए सभी सांसदों से देश की नारीशक्ति के अधिकारों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह समय राजनीति से ऊपर उठकर एक ऐतिहासिक निर्णय लेने का है, जो भारत के लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं सभी सांसदों से कहूंगा कि आप अपने घर में मां, बहन, बेटी और पत्नी का स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा की आवाज को सुनें। यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनका हक देने का अवसर है।” उनके इस बयान ने संसद में मौजूद सभी दलों के सदस्यों को सोचने पर मजबूर कर दिया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39.webp&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; class=&quot;aligncenter size-large wp-image-663&quot; src=&quot;https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39-1024x798.webp&quot; alt=&quot;&quot; width=&quot;1024&quot; height=&quot;798&quot; srcset=&quot;https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39-1024x798.webp 1024w, https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39-300x234.webp 300w, https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39-768x599.webp 768w, https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39-150x117.webp 150w, https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-17-at-16.01.39.webp 1380w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;यह अपील ऐसे समय में आई है जब महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देशभर में चर्चा तेज है। इस विधेयक का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करना है, जिससे राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ सके।&lt;br /&gt;
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में आगे कहा कि यह संशोधन केवल कानून का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह देश की नारीशक्ति के सम्मान और उनके योगदान को स्वीकार करने का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का यह बहुत बड़ा अवसर है। उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने में सहयोग करें। उनका मानना है कि यदि यह विधेयक एकमत से पारित होता है, तो इससे न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि भारत का लोकतंत्र भी और अधिक मजबूत बनेगा।&lt;br /&gt;
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत की प्रगति में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, विज्ञान, खेल या फिर राजनीति—हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है। ऐसे में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व देना समय की मांग है।&lt;br /&gt;
संसद में इस मुद्दे पर विभिन्न दलों के नेताओं ने भी अपने विचार रखे और कई ने प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया। हालांकि, कुछ दलों ने विधेयक के प्रावधानों को लेकर सवाल भी उठाए और विस्तृत चर्चा की मांग की।&lt;br /&gt;
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह विधेयक पारित होता है, तो यह भारत की राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि नीति-निर्माण में भी उनकी आवाज को अधिक महत्व मिलेगा।&lt;br /&gt;
प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से एकजुट होकर इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आइए, हम मिलकर आज इतिहास रचें और भारत की नारी को, देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दें।” इस महत्वपूर्ण विधेयक पर फैसला लिया जाएगा। यदि यह पारित होता है, तो यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महिला आरक्षण बिल पर आधी रात को नोटिफिकेशन जारी करने के क्या मायने हैं?</title><link>https://gauravshalibharat.com/national/what-is-the-significance-of-issuing-a-notification-regarding-the-womens-reservation-bill-at-midnight/</link><pubDate>April 17, 2026, 11:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2026/04/sansad-300x159.webp</image><category>देश</category><excerpt>केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून को आधिकारिक रूप से लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। हालांकि, इस कानून के लागू होने के बावजूद इसका वास्तविक असर तुरंत दिखाई नहीं देगा। पहले जनगणना और उसके बाद परिसीमन (सीटों का पुनर्निर्धारण) की प्रक्रिया प...</excerpt><content>&lt;p&gt;केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून को आधिकारिक रूप से लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। हालांकि, इस कानून के लागू होने के बावजूद इसका वास्तविक असर तुरंत दिखाई नहीं देगा। पहले जनगणना और उसके बाद परिसीमन (सीटों का पुनर्निर्धारण) की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, तभी आरक्षण लागू हो सकेगा। बिना आधिकारिक अधिसूचना के इस कानून में कोई संशोधन संभव नहीं था, इसलिए इसे जारी करना एक आवश्यक प्रक्रियागत कदम माना जा रहा है।  संसद में महिला आरक्षण को लेकर तीखी बहस चल रही थी, और उसी दौरान सरकार ने चुपचाप यह बड़ा कदम उठा लिया। संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी कहा जाता है, को 16 अप्रैल 2026 से लागू करने की अधिसूचना जारी की गई है। इसका मतलब यह है कि कानून अब कागज पर पूरी तरह लागू हो गया है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसका प्रभाव फिलहाल नहीं दिखेगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मौजूदा लोकसभा में इसका लाभ क्यों नहीं मिलेगा?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, महिला आरक्षण सीधे लागू नहीं किया जा सकता। इसके लिए पहले जनगणना और फिर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद ही आरक्षण लागू किया जाएगा। यानी साफ है कि  मौजूदा लोकसभा में इसका कोई असर देखने को नहीं मिलेगा।&lt;/p&gt;
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