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        <title></title>
        <description></description>
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        <lastBuildDate>April 16, 2026, 3:20 am</lastBuildDate>
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                    <title><![CDATA[क्वांटम कंप्यूटिंग में भारत का बड़ा कदम]]></title>
                    <link>https://gauravshalibharat.com/tech/indias-big-step-in-quantum-computing/</link>
                    <description><![CDATA[देश में अब क्वांटम हार्डवेयर की टेस्टिंग भारत में ही संभव हो सकेगी। आंध्र प्रदेश के अमरावती में दो क्वांटम कंप्यूटर शुरू किए गए हैं, और अगले दो वर्षों में ऐसे 100 सिस्टम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अमरावती के मेधा टावर में जब “अमरावती 1Q” क्वांटम कंप्यूटर का स्विच ऑन हुआ, तो भारत [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG_3277.webp"/>देश में अब क्वांटम हार्डवेयर की टेस्टिंग भारत में ही संभव हो सकेगी। आंध्र प्रदेश के अमरावती में दो क्वांटम कंप्यूटर शुरू किए गए हैं, और अगले दो वर्षों में ऐसे 100 सिस्टम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। <span class="s2">अमरावती के मेधा टावर में जब </span><span class="s1">“अमरावती 1Q” क्वांटम कंप्यूटर</span><span class="s2"> का स्विच ऑन हुआ, तो भारत क्वांटम कंप्यूटिंग क्षमता वाले चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया। अगले 30 घंटों में इस क्वांटम कंप्यूटर के चैंबर का तापमान -273°C तक पहुंच जाएगा, जिसके बाद भारत में ही क्वांटम हार्डवेयर की टेस्टिंग संभव होगी।</span>
<p class="p1"><span class="s2">आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एसआरएम यूनिवर्सिटी कैंपस में “अमरावती 1S” देश को समर्पित कर दिया, साथ ही उन्होंने रिमोट के जरिए मेधा टावर में स्थापित “अमरावती 1Q” का संचालन भी शुरू किया।
“1S” का उपयोग शोधकर्ता करेंगे, जबकि “1Q” का उपयोग स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री के लिए किया जाएगा।</span></p>
<p class="p1"><span class="s2">एसआरएम यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. पी. सत्यनारायण ने बताया कि अगले दो वर्षों में यहां 100 क्वांटम कंप्यूटर तैयार करने की योजना है। भारतीय क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी की सबसे बड़ी खासियत इसका </span><span class="s1">ओपन एक्सेस</span><span class="s2"> होना है।</span></p>
<p class="p3"><span class="s3"><b>आईबीएम का क्वांटम कंप्यूटर भी लगेगा</b></span></p>
<p class="p1"><span class="s2">मुख्यमंत्री ने बताया कि दिसंबर 2026 में IBM का क्वांटम कंप्यूटर लगाने की योजना थी। इसी दौरान आईबीएम के वैज्ञानिक वेंकट सुब्रह्मण्यम से स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटर पर चर्चा हुई। उन्होंने नौकरी छोड़कर भारत में “Qubit Force” नाम से स्टार्टअप शुरू किया और देशी कंपोनेंट्स के साथ काम करते हुए मात्र 3 महीनों में 4 क्यूबिट के दो क्वांटम कंप्यूटर तैयार कर दिए।</span></p>


[caption id="attachment_585" align="alignnone" width="216"]<img class="size-medium wp-image-585" src="https://mediumspringgreen-chimpanzee-105331.hostingersite.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG_3278-216x300.webp" alt="" width="216" height="300" /> India's big step towards quantum computing[/caption]
<p class="p3"><span class="s3"><b>लागत और भविष्य की योजना</b></span></p>
<p class="p1"><span class="s2">इन दोनों उपकरणों को स्थापित करने में कुल लगभग 30 करोड़ रुपये का खर्च आया (प्रत्येक पर 15 करोड़ रुपये)।
इसके अलावा, 100 समस्याओं के समाधान के लिए क्वांटम एल्गोरिद्म विकसित किए जा रहे हैं, जिन पर Tata Institute of Fundamental Research और Indian Institute of Science ने काम किया है।</span></p>
<p class="p1"><span class="s2">क्वांटम वैली प्रोजेक्ट के तहत केंद्रीय भवन में IBM का 133 क्यूबिट वाला क्वांटम कंप्यूटर भी स्थापित किया जाएगा। </span><span class="s2">भारत के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार अजय सूद ने कहा कि आज मोबाइल जैसे हार्डवेयर सेक्टर में चीन, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान का दबदबा है, जबकि भारत का योगदान सीमित है। भारत सॉफ्टवेयर में पहले से ही मजबूत है, और इस पहल से अब हार्डवेयर क्षेत्र में भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।</span></p>]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 15, 2026, 12:13 pm</pubDate>
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                    <copyright>Inkhabar</copyright>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[आधुनिक खेती में ड्रोन टेक्नोलॉजी: किसानों के लिए नया वरदान]]></title>
                    <link>https://gauravshalibharat.com/tech/drone-technology-in-modern-farming-a-new-boon-for-farmers/</link>
                    <description><![CDATA[आज के समय में खेती-बाड़ी केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसमें नई-नई तकनीकों का तेजी से समावेश हो रहा है। इन्हीं तकनीकों में से एक है ड्रोन टेक्नोलॉजी, जो किसानों के लिए एक नया वरदान साबित हो रही है। ड्रोन के माध्यम से खेती को अधिक आसान, सटीक और लाभदायक [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG_3277.webp"/><p data-start="280" data-end="585">आज के समय में खेती-बाड़ी केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसमें नई-नई तकनीकों का तेजी से समावेश हो रहा है। इन्हीं तकनीकों में से एक है ड्रोन टेक्नोलॉजी, जो किसानों के लिए एक नया वरदान साबित हो रही है। ड्रोन के माध्यम से खेती को अधिक आसान, सटीक और लाभदायक बनाया जा सकता है।</p>
<p data-start="587" data-end="868">ड्रोन का उपयोग खेतों की निगरानी, फसल की स्थिति का आकलन, कीटनाशकों और उर्वरकों के छिड़काव में किया जा रहा है। पहले जहां किसानों को पूरे खेत में घूमकर फसल की स्थिति देखनी पड़ती थी, वहीं अब ड्रोन कुछ ही मिनटों में पूरे खेत की जानकारी दे देता है। इससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है।</p>
<p data-start="870" data-end="1151">ड्रोन की मदद से प्रिसिजन फार्मिंग (Precision Farming) को बढ़ावा मिल रहा है। इसमें खेत के हर हिस्से की जरूरत के अनुसार उर्वरक और पानी दिया जाता है। इससे उत्पादन बढ़ता है और लागत कम होती है। साथ ही, यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है क्योंकि इसमें रसायनों का अनावश्यक उपयोग नहीं होता।</p>
<p data-start="1153" data-end="1384">सरकार भी ड्रोन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। किसानों को ड्रोन खरीदने पर सब्सिडी दी जा रही है और उन्हें इसके उपयोग की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इससे छोटे और मध्यम किसान भी इस तकनीक का लाभ उठा सकते हैं।</p>
<p data-start="1386" data-end="1583">हालांकि, ड्रोन तकनीक के कुछ चुनौतियां भी हैं। इसकी लागत अभी भी कई किसानों के लिए अधिक है और इसे चलाने के लिए तकनीकी ज्ञान की जरूरत होती है। लेकिन समय के साथ यह तकनीक और सस्ती और सरल होती जा रही है।</p>
<p data-start="1585" data-end="1778">कुल मिलाकर, ड्रोन टेक्नोलॉजी खेती के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। यह किसानों को कम मेहनत में अधिक उत्पादन करने में मदद करती है और खेती को एक स्मार्ट और आधुनिक व्यवसाय बना रही है।</p>]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 15, 2026, 12:13 pm</pubDate>
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                    <copyright>Inkhabar</copyright>
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                    <title><![CDATA[सोलर दीदी योजना: गांवों में रोशनी के साथ महिलाओं के सशक्तीकरण की नई क्रांति]]></title>
                    <link>https://gauravshalibharat.com/state/religious-faith-scheme-a-new-revolution-in-the-exploitation-of-women/</link>
                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में “सोलर दीदी” योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिख रही है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत महिलाओं को सोलर उपकरणों की स्थापना, संचालन [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG_3277.webp"/><p data-start="3299" data-end="3558">उत्तर प्रदेश में “सोलर दीदी” योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिख रही है। <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">योगी आदित्यनाथ</span></span> के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।</p>
<p data-start="3560" data-end="3847">इस योजना के तहत महिलाओं को सोलर उपकरणों की स्थापना, संचालन और मरम्मत का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही उन्हें यह भी सिखाया जाता है कि वे इन उत्पादों की बिक्री कर कैसे अपनी आय बढ़ा सकती हैं। इससे महिलाएं न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बन रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रही हैं।</p>
<p data-start="3849" data-end="4076">ग्रामीण इलाकों में जहां बिजली की समस्या आम है, वहां “सोलर दीदी” एक भरोसेमंद समाधान बनकर उभरी हैं। अब गांवों में छोटी-बड़ी सौर ऊर्जा से जुड़ी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो जाता है, जिससे लोगों को काफी राहत मिल रही है।</p>
<p data-start="4078" data-end="4336">इस पहल से महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। वे अपनी आय से परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधार रही हैं और समाज में अपनी एक नई पहचान बना रही हैं। इसके साथ ही वे लोगों को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक भी कर रही हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है।</p>
<p data-start="4338" data-end="4632">सरकार और सामाजिक संगठनों के सहयोग से यह योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ने की संभावना है, जिससे अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सकेंगी। “सोलर दीदी” योजना न केवल गांवों में ऊर्जा पहुंचा रही है, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।</p>]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 15, 2026, 12:13 pm</pubDate>
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                    <copyright>Inkhabar</copyright>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[भारत के आत्मविश्वास का ऐलान है इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन&#8217;- गुजरात में बोले PM मोदी]]></title>
                    <link>https://gauravshalibharat.com/national/india-semiconductor-mission-is-a-declaration-of-indias-self-confidence-said-pm-modi-in-gujarat-2/</link>
                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में अहमदाबाद के साणंद में कायन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन किया. केन्स सेमिकोन द्वारा 3300 करोड़ की लागत से तैयार हुए प्लांट का पीएम मोदी ने उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने कई यूनिवर्सिटियों के छात्रों को संबोधित किया और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को माइक्रॉन के प्लांट में प्रोडक्शन की शुरुआत हुई और आज 31 मार्च को Kaynes टेक्नोलॉजी के सेमीकंडक्टर प्लांट का प्रोडक्शन शुरू हो रहा है. यह मात्र संयोग नहीं है, यह इस बात का प्रमाण है कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम किस गति से विकसित हो रहा है.]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://gauravshalibharat.com/wp-content/uploads/2026/03/69cb8c087377a-pm-modi-gujarat-31553159-16x9-1.webp"/>नरेंद्र मोदी ने कहा, "साल 2021 में भारत ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन शुरू किया, जो भारत के आत्मविश्वास का ऐलान है और इसका प्रभाव सबके सामने है."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में अहमदाबाद के साणंद में कायन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन किया. केन्स सेमिकोन द्वारा 3300 करोड़ की लागत से तैयार हुए प्लांट का पीएम मोदी ने उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने कई यूनिवर्सिटियों के छात्रों को संबोधित किया और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को माइक्रॉन के प्लांट में प्रोडक्शन की शुरुआत हुई और आज 31 मार्च को Kaynes टेक्नोलॉजी के सेमीकंडक्टर प्लांट का प्रोडक्शन शुरू हो रहा है. यह मात्र संयोग नहीं है, यह इस बात का प्रमाण है कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम किस गति से विकसित हो रहा है.

नरेंद्र मोदी ने कहा, "साल 2021 में भारत ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन शुरू किया, जो भारत के आत्मविश्वास का ऐलान है और इसका प्रभाव सबके सामने है."

पीएम मोदी ने कहा, "मुझे इस बात से बेहद खुशी है कि एक भारतीय कंपनी ने सेमीकंडक्टर चिप मैन्युफैक्चरिंग में दिलचस्पी दिखाई है और अब हम इसके नतीजे देख सकते हैं. Kaynes, जो भारत की अपनी कंपनी है, ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का हिस्सा बन गई है. यह हर भारतीय के लिए बड़े गर्व की बात है."

<strong>'दुनिया भर की इंडस्ट्रीज को बिजली...'
</strong>
कैलिफ़ोर्निया की एक कंपनी के लिए, साणंद प्लांट में एडवांस्ड इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल बनाए जाएंगे. मुझे पता चला है कि यहां अभी जो उत्पादों का एक बड़ा बैच बन रहा है, उसे एक्सपोर्ट के लिए पहले ही बुक कर लिया गया है. साणंद में बने ये मॉड्यूल अमेरिकी कंपनियों को सप्लाई किए जाएंगे, जिससे दुनिया भर की इंडस्ट्रीज को बिजली देने में मदद मिलेगी. ‘Make in India, Make for the World’ पहल का असर दुनिया के हर कोने में महसूस किया जाएगा.]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 31, 2026, 9:14 am</pubDate>
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                  </item></channel></rss>