लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हज़रतगंज क्षेत्र में स्थित होटेल लेवाना सुइट्स में आग लगने से हुई चार लोगों की मौत और कई लोगों के घायल समेत अन्य आरोपो में गिरफ़्तार किए गए होटल मालिक रोहित अग्रवाल,राहुल अग्रवाल और मैनेजर सागर श्रीवास्तव का रिमांड निरस्त करने की माँग वाली अर्ज़ी को ख़ारिज करते हुए सीजेएम रवि कुमार गुप्त ने मंगलवार को आरोपियों को 19 सितम्बर तक जेल भेजने का आदेश दिया ।
इसके पहले हज़रत गंज पुलिस ने आरोपी रोहित अग्रवाल, राहुल अग्रवाल और सागर श्रीवास्तव को गिरफ़्तार करके कोर्ट में पेश किया और आरोपी को 14 दिन न्यायिक रिमांड में लेकर जेल भेजने की माँग की, वहीं आरोपी की ओर से रिमांड को निरस्त के उन्हें रिहा करने की माँग वाली अर्ज़ी देकर बताया कि आरोपियो को इस मामले में ग़लत फंसाया गया है।
बचाव पक्ष के वकील की दलील थी कि यह घटना शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने से हुई जो एक हादसा है। पुलिस ने उनके मुवक्किल को को ग़ैर इरादतन हत्या के आरोपी में गिरफ़्तार किया है जबकि दुर्घटना होने के कारण यह मामला अधिकतम लापरवाही से मौत का बनता है।
अर्ज़ी का विरोध करते हुए अभियोजन की ओर से कहा गया कि आरोपी नियमों को धता बताकर,बिना फ़ायर सेफ़्टी की उचित व्यवस्था किए और बिना आकस्मिक निकासी व प्रवेश की व्यवस्था किए होटल का संचालन कर रहे थे जिससे स्पष्ट है कि आरोपीओ को पता था कि उनकी इस हरकत से कोई घटना हो सकती है।
अभियोजन की ओर से बताया गया कि मामले की रिपोर्ट हज़रतगंज के पुलिस उपनिरीक्षक दया शंकर द्विवेदी ने 5 सितम्बर को दर्ज कराकर बताया था कि प्रातः सात बजे होटल लेवाना सुइट्स में आग लग गई। पुलिसकर्मी, फ़ायर फाइटर और एसडीआरएफ की काफ़ी मशक़्क़त के बाद आग ओर क़ाबू पाया गया। इस घटना में चार व्यक्तियो की झुलसने और दम घुटने से मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए। रिपोर्ट में बताया गया कि होटल मालिक और मैनेजर ने होटल में फ़ायर सेफ़्टी की कोई व्यवस्था नहीं की थी ।
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