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त्रिपुरा : 15 आदिवासी प्रदर्शनकारी हिरासत में

अगरतला : त्रिपुरा में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ माणिक साहा के आवास के सामने प्रदर्शन कर रहे करीब 15 आदिवासी प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शनकारी माध्यमिक तथा एचएस की आगामी बोर्ड परीक्षाओं में कोकबोरोक भाषा के लिए रोमन लिपि की मांग कर रहे थे।
पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) (अपराध, खुफिया और सुरक्षा) कृष्णेंदु चक्रवर्ती ने बताया कि युवाओं का एक समूह अचानक गणराज चौमुहानी पर मुख्यमंत्री के आवास के पास एकत्र हुआ और हिंसक नारे लगाने लगे । उन्हें मौके से चले जाने की सलाह दी गई, लेकिन वे लोग नहीं गये, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने शांति बनाए रखने और स्थिति को व्यवस्थित रखने के लिए सभी इंतजाम किए हैं, लेकिन अगर कोई तनाव पैदा करने की कोशिश करता है, तो कानून अपना काम करेगा।”
प्रदर्शनकारी आठ जिलों में 33 स्थानों की सड़कों पर उतरें हैं और अपनी मांगो को लेकर दबाव बनाने के लिए अनिश्चित काल के लिए अपने निर्धारित सड़क और रेल नाकाबंदी कार्यक्रम के तहत तीन स्थानों पर ट्रेनों को रोक दिया गया। सड़क और रेलवे लाइनों के पहाड़ी स्थानों पर 10 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। फिलहाल, अभी तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
स्टूडेंट्स फेडरेशन (टीआईएसएफ) कई अन्य संगठनों के सहयोग से विपक्षी टिपरा मोथा की छात्र शाखा त्रिपुरा इंडिजिनस की अनिश्चितकालीन सड़क और रेल नाकेबंदी के कारण सोमवार को राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों (असम-अगरतला, कैलाशहर-खोवाई, खोवाई-अगरतला और अगरतला-सबरूम) मार्गों और रेलवे पर वाहनों की आवाजाही गंभीर रूप से बाधित हो गई।
इससे पहले त्रिपुरा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कोकबोरोक परीक्षाओं के लिए रोमन लिपि की अनुमति देने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में आदिवासी भाजपा नेताओं के एक समूह के मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अपना रुख बदल लिया और बंगाली तथा रोमन दोनों को अनुमति दे दी। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि उन्हें किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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