Aug 03, 2026
Gauravshali Bharat Desk
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सोमनाथ ज्योतिर्लिंग
मान्यता है कि चंद्रदेव ने यहां भगवान शिव की तपस्या कर श्राप से मुक्ति पाई थी।
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर को स्वयंभू ज्योतिर्लिंग माना जाता है, जो भक्तों की रक्षा करते हैं।
केदारनाथ ज्योतिर्लिंग
महाभारत के बाद पांडवों ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यहां तपस्या की थी।
काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग
वाराणसी का यह ज्योतिर्लिंग मोक्ष प्रदान करने वाला सबसे पवित्र धाम माना जाता है।
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग
मान्यता है कि यहीं से पवित्र गोदावरी नदी का उद्गम हुआ था।
रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग
भगवान श्रीराम ने लंका विजय से पहले यहां शिवलिंग की स्थापना कर पूजा की थी।
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग (आंध्र प्रदेश)
यहां भगवान शिव और माता पार्वती अपने पुत्र कार्तिकेय को मनाने आए थे।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (मध्य प्रदेश)
राजा मांधाता की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव यहां प्रकट हुए थे।
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग
भगवान शिव ने यहां राक्षस भीम का संहार कर भक्तों की रक्षा की थी।
वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग
रावण की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे वरदान दिया था।
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग
भगवान शिव ने यहां अपने भक्त की रक्षा कर दारुक नामक राक्षस का अंत किया।
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग
घुष्मा नाम की शिवभक्त की अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव यहां प्रकट हुए थे।
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