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शिक्षक दिवस के अवसर पर डीटीयू में आयोजित हुए अनेकों कार्यक्रम

दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के छात्र कल्याण व साइंस ऑफ हैप्पीनेस एंड ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर के उत्कृष्टता केंद्र द्वारा एआईसीटीई से प्राप्त निर्देश के अनुसार एनईपी 2020 के अनुरूप 5-9 सितंबर तक शिक्षक दिवस मनाया गया। इस समारोह के दौरान शिक्षकों को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का संबोधन, शिक्षक दिवस पर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का संबोधन, शिक्षकों के महत्व और भूमिका पर शिक्षक छात्रों द्वारा कविता और भाषण, वेबिनार और विशेषज्ञ व्याख्यान के आयोजन सहित फिल्मों की स्क्रीनिंग भी की गई। डॉ सामदु छेत्री, जिन्होंने भूटान के प्रधान मंत्री कार्यालय में सुशासन के प्रमुख और आईआईटी खड़गपुर के विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में काम किया, ने “मॉडर्न साइंस एंड एनसिएंट विशडम” पर एक व्याख्यान दिया जिसके तहत पूर्वी गोलार्ध में हैप्पीनेसिस सामूहिक पर जोर दिया गया।

उन्होने बताया कि माइंडफुलनेस एक प्राचीन कला है जो वैदिक काल जितनी पुरानी है। लगभग 2500 से अधिक साल पहले बुद्ध के समय में इसका उच्चारण और अभ्यास हुआ। संस्कृत में इसे सम्यग्स्मृति कहते हैं। आज माइंडफुल और योग पश्चिम में 50 अरब का उद्योग बन गया है। वे उस देश को सिखाने के लिए वापस आते हैं जहाँ से यह शुरू हुआ था। समारोह का समापन डीटीयू के छात्रों की सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ हुआ। इस दौरान डीटीयू कुलसचिव प्रोफेसर मधुसूदन सिंह, डीन छात्र कल्याण प्रोफेसर एस इंदु, प्रो टी विजय कुमार, प्रोफेसर अंबु कुमार आदि उपस्थित रहे।

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