कुलपति ने दिया डॉ. भीमराव अंबेडकर को अधिकाधिक पढ़ाने पर ज़ोर
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल की 1014वीं बैठक में स्नातक पाठ्यक्रम पर चर्चा के दौरान पॉलिटिकल साइंस के सिलेबस से अल्लामा इकबाल को बाहर कर दिया गया। बैठक की अध्यक्षा करते हुए कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि भारत को तोड़ने की नींव डालने वालों को सिलेबस में नहीं होना चाहिए। कुलपति के प्रस्ताव को हाउस ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। बैठक में अंडर ग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (यूजीसीएफ़) 2022 के तहत अनेकों कोर्सों के चौथे, पांचवें और छटे सेमेस्टर के पाठ्यक्रमों को पारित किया गया। इस अवसर पर कुलपति ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को अधिकाधिक पढ़ाने पर भी ज़ोर दिया।
बैठक में दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा प्रस्तावित बीए के पाठ्यक्रम के संबंध में स्थायी समिति की सिफारिशों पर भी विचार किया गया और दर्शनशास्त्र विभाग के प्रमुख सहित सर्वसम्मति से उन्हें मंजूरी दी गई। दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा प्रस्तुत किए गए बीए के पाठ्यक्रम में डॉ अम्बेडकर का दर्शन, महात्मा गांधी का दर्शन और स्वामी विवेकानंद का दर्शन भी शामिल हैं। इसके अलावा, कुलपति ने दर्शनशास्त्र विभाग के प्रमुख से अनुरोध किया की सावित्रीबाई फुले को पाठ्यक्रम में शामिल करने की संभावनाओं को भी तलाशा जाए। कुलपति ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के अर्थशास्त्र विभाग के प्रमुख को बी आर अम्बेडकर के आर्थिक विचारों पर भी एक पेपर तैयार करने की सलाह दी। उन्होने अर्थशास्त्र में इंडियन इकोनॉमिक मॉडल, यूएस मॉडल और यूरोपियन मॉडल आदि भी पढ़ाने की भी सलाह दी। कुलपति ने इकबाल को लेकर कहा कि इकबाल ने मुस्लिम लीग और पाकिस्तान आंदोलन को समर्थन करने वाले गीत लिखे। भारत के विभाजन और पाकिस्तान की स्थापना का विचार सबसे पहले इक़बाल ने ही उठाया था। ऐसे व्यक्तियों को पढ़ाने की बजाए हमें अपने राष्ट्र नायकों को पढ़ना चाहिए।
दिल्ली विश्वविद्यालय के काउंसिल हाल में शुक्रवार को सुबह साढ़े दस बजे से शुरू हुई यह बैठक रात को एक बजकर 20 मिनट पर सम्मपन हुई। करीब 15 घंटे चली इस बैठक में जहां अनेकों यूजी पाठ्यक्रमों को पारित किया गया वहीं उदमोदय फ़ाउंडेशन की यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली इनोवेशन एंड स्टार्टअप पॉलिसी को भी मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही फ़ैकल्टि ऑफ टेक्नॉलॉजी द्वारा बीटेक के तीन नए प्रोग्रामों को भी शैक्षणिक सत्र 2023-2024 से शुरू करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा एलएलबी के पांच वर्षीय दो नए कोर्सों को शुरू करने को भी बैठक में मंजूरी दी गई।
डीयू एसी की 1014वीं बैठक आयोजित
