बांदा : उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में लाइलाज फाइलेरिया बीमारी से 1100 मरीज अब भी पीड़ित हैं।
फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तत्वावधान में शुक्रवार को आयोजित कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में फाइलेरिया पीड़ित 1100 मरीजों में से 702 हाथीपांव के और 398 मरीज हाइड्रोसील के हैं। जिनमें से अब तक 155 हाइड्रोसील पीडितों के ऑपरेशन कराए गए और 545 मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की गई।
वेक्टर बोर्न डिसीज के नोडल अधिकारी/मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कौशिक ने कहा कि फाइलेरिया ला इलाज बीमारी है , इसकी दवा खाने में ही फायदा है। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में 85 प्रतिशत के लक्ष्य पूरा करने का संकल्प लिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एके श्रीवास्तव ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम 27 फरवरी तक आयोजित होगा जिसमें दो वर्ष की ऊपर की आयु के सभी लोगों को प्रत्येक घर में दवा खाना और खिलाना होगा। शरीर में फाइलेरिया के परिजीवी मौजूद होने पर यदि दवा खाने के बाद चक्कर, मितली या हल्के बुखार के साथ शरीर में चकत्ते की शिकायत होना पाया जाता है तो यह लक्षण स्वतः दूर हो जाता है। इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।
बांदा में फाइलेरिया के 1100 मरीज
