इंफाल : मणिपुर हिंसा के दौरान अब तक पुलिस के नौ जवान और तीन सुरक्षा कर्मी शहीद हो गए जबकि 98 पुलिस कर्मियों सहित 165 कर्मी घायल हुए है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शुक्रवार को सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 03 मई 2023 से शुरु हुई हिंसा कोई सरकारी रिकार्ड गुम नहीं हुआ है और 80 फीसदी सरकारी रिकार्ड का डिजीटलीकरण किया जा चुका है तथा सीमावर्ती कस्बा मारेह का रिकार्ड सुरक्षित स्थान पर रखा हुआ है।
उन्होंने कहा कि चूराचांदपुरा जिले के उपायुक्त के आवास और कार्यालय , पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित सरकारी कार्यालय एवं मोरेह में सरकारी कार्यालय जल चुके है। सुरक्षा कर्मियों ने सामान्य हथियार और आंसू गैस के गोले से भीड़ को नियंत्रित किया है। चूराचांदपुर में हुए हमले के दौरान कई लोगों ने एके 47 से सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी की। एक पुलिसकर्मी को कुकी उग्रवादियों के काम करने पर निलंबित भी किया गया था।
उन्होंने कहा कि पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ बुलेटफ्रूप वाहन दिए गए। राज्य में शांति की बहाली के लिए विभिन्न पार्टियों के नेताओं के साथ बातचीत जारी है। कृषि मंत्री थोंगम बिस्वजीत ने कहा कि करीब 5127 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित होने से करीब 38.6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कांग्रेस के ओकराम सूरजकुमार ने कहा कि हिंसा के कारण सितंबर 2023 तक करीब 10000 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है वहीं करीब 211 करोड़ रुपये की फसल का नुकसान हुआ है।
श्री जोयकिशन ने स्कूलों में पुस्तकों की कमी और कमजोर बुनियाद का मुद्दा उठाया। शिक्षा मंत्री थोंगम बसंता ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर नाकाबंदी के कारण लगभग आठ लाख पुस्तकों की छपाई में देरी हुई और सरकार के पास बुनियादी ढांचे और उपकरणों को बढ़ाने के लिए सिर्फ एक करोड़ रुपये हैं।
मणिपुर हिंसा के दौरान 12 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए
