देहरादून : उत्तराखंड राज्य सूचना आयोग के समक्ष इस वर्ष 30 नवम्बर तक आयोग में कुल 2236 प्रकरण सुनवायी हेतु लम्बित हैं। यह जानकारी मुख्य सूचना आयुक्त अनिल चन्द्र पुनेठा ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में दी। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत, प्राप्त अपीलों व शिकायतों के पंजीकरण एवं निस्तारण की प्रगति के सम्बन्ध में बताया कि माह जनवरी, 2022 से नवम्बर, 2022 तक की अवधि में आयोग द्वारा कुल 3960 सुनवायी की गयी। इनमें से कुल 2631 वादों को निस्तारित किया गया। इस अवधि में दोषी लोक सूचना अधिकारियों को दंडित करते हुए 43 प्रकरणों में लगभग पांच लाख रूपये की शास्ति अथवा क्षतिपूर्ति भी आयोग द्वारा आरोपित की गयी।
मुख्य सूचना आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष माह नवम्बर में आयोग द्वारा कुल 442 सुनवायी कर कुल 269 वादों को निस्तारित किया गया। उन्होंने बताया कि विभागों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, सूचना अनुरोध पत्रों के सापेक्ष 10-12 प्रतिशत प्रथम अपील की गयी है। इसी प्रकार, सूचना अनुरोध पत्रों के सापेक्ष आयोग में मात्र लगभग चार प्रतिशत द्वितीय अपील ही प्राप्त हुयी हैं। उन्होंने कहा कि लोक सूचना अधिकारियों द्वारा 90 प्रतिशत सूचना आवेदन पत्रों के अपने स्तर पर निस्तारण किये जाने के लिए किए गये प्रयासों की आयोग द्वारा भी सराहना की गयी।
श्री पुनेठा ने बताया कि उन्होंने उन सभी प्रथम अपीलीय अधिकारियों के कार्यों तथा प्रयासों की भी सराहना की है, जिनके द्वारा अपने स्तर पर प्राप्त 60 प्रतिशत अपीलों का निस्तारण किया गया। उन्होंने बताया कि तथापि उनके द्वारा सभी लोक सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों कि वे सूचना आवेदन पत्रों और प्रथम अपीलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें, जिससे कोविड काल के कारण लम्बित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण हो सके। उन्होंने कहा कि आवेदनकर्ता को समय से सूचना दिलाने से उनके विभाग एवं सरकार की छवि और अधिक उज्जवल होगी। साथ ही सूचना आवेदनकर्ताओं को संतुष्टि भी प्राप्त होगी।
मुख्य सूचना आयुक्त द्वारा नागरिकों को सूचना का अधिकार अधिनियम का अधिक से अधिक लाभ लेने का भी अनुरोध किया गया। इस अवसर पर नवनियुक्त राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट, जिन्हें आज राज्यपाल द्वारा सूचना आयुक्त के रूप में शपथ दिलायी गयी, तथा आयोग के सूचना आयुक्तगण विवेक शर्मा, विपिन चन्द्रा, अर्जुन सिंह उपस्थित थे।
राज्य सूचना आयोग में 2236 वाद लम्बित
