संगरूर : भगवंत मान ने बुधवार को नवीनीकरण के बाद बाबा बन्दा सिंह बहादुर ज़िला लाइब्रेरी संगरूर के लोगों को समर्पित की। इस अवसर पर मान को कहा कि कंप्यूटर सैक्शन, एयर कंडीशनिंग, आर. ओ. वाटर आपूर्ति और आधुनिक लैंड सकेपिंग सहित इस लाइब्रेरी में तकरीबन 250 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सहूलतों वाली इस लाइब्रेरी को 1.12 करोड़ रुपए की लागत के साथ एक आदर्श लाइब्रेरी के तौर पर स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी 28 अन्य लाइब्रेरियां संगरूर ज़िले में और बनाईं जाएंगी, जिससे ज़िले में ज्ञान के प्रसार का लोक लहर में बदलना यकीनी बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी को लाभ देने के लिए राज्य भर की लाइब्रेरी का इसी तर्ज़ पर नवीनीकरण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस, प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) सहित अन्य मुकाबले वाली परीक्षाओं की मुफ़्त कोचिंग देने के लिए पंजाब भर में आठ कोचिंग सेंटर खोले जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये सेंटर छात्रों को इस योग्य बनाएंगे कि पंजाबी विद्यार्थी इन मुकाबले वाली परीक्षाओं में पास होकर पूरे उत्साह के साथ देश की सेवा करें।
मान ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने शासनकाल के एक साल के अंदर राज्य के नौजवानों को 30,000 सरकारी नौकरियाँ दीं हैं और आगे भर्ती भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि समूची भर्ती पारदर्शी और मेरिट के आधार पर की गई है। पिछली सरकारों की सख़्त आलोचना करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते समय में सरकार भ्रष्टाचार में शामिल थी और बाकी नेताओं के साथ मिलकर पूर्व मंत्रियों ने लोगों का पैसा लूटा। इसकी मिसाल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि होशियारपुर से सम्बन्धित एक पूर्व मंत्री के घर से नोट गिनने वाली दो मशीनें बरामद हुई, जिससे स्पष्ट होता है कि इन लोगों ने पद का दुरुपयोग करके ग़ैर-कानूनी ढंग से किस तरह पैसा कमाया हुआ था।
उन्होंने लोगों से भ्रष्टाचार के खि़लाफ़ जंग शुरू करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पहले दिन से एंटी करप्पशन एक्शन लाईन की शुरुआत करके भ्रष्टाचार के खि़लाफ़ बिगुल बजा दिया था। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार को गोआ में पंजाब की तकरीबन 09 एकड़ ज़मीन का पता लगा है जो पिछली सरकार के समय मामूली कीमत पर लीज़ पर दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि यह ज़मीन जल्द ही खाली हो जायेगी और इसमें शामिल किसी भी नेता को बक्शा नहीं जायेगा।
संगरूर में 28 और पुस्तकालय बनाए जाएंगे
