प्रयागराज : दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम महाकुंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए गंगा के ऊपर 30 पीपा पुल का निर्माण कराया जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। बड़ी भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए मेला प्रशासन गंगा और यमुना नदी पर 30 पीपा पुल का निर्माण करवाएगी। सभी पीपा पुल 30 नवंबर तक पूर्ण हो जाएंगे। 2019 के कुंभ में करीब 24 करोड़ श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए 22 पीपा पुल का निर्माण कराया गया था।
उन्होंने बताया कि पहली बार त्रिवेणी, काली और अक्षयवट मार्ग पर दो-दो के बजाए तीन-तीन पुल बनाए जाएंगे। तीनों स्थानों पर एक पुल आने, एक जाने और एक विशेष पुल रहेगा। भीड़ अधिक होने की स्थिति तीसरे पुल का उपयोग किया जाएगा। नागवासुकी के आगे एक पुल रहेगा जबकि दो अतिरिक्त पुल अरैल और दो फाफामऊ में बनाया जाएगा।
निर्माण विभाग निर्माण खंड चार कुंभ मेला की ओर से सोमवार से पीपा पुल बनाने का काम शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि दो पीपा पुल ओल्ड जीटी रोड, एक-एक पुल गंगोली शिवाला और हरिश्चंद्र मार्ग पर बनाने का काम शुरू हो गया।
उन्होंने बताया कि मंगलवार से अन्य चार पुलों के निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। झुंसी की ओर दो पुलिया बनाने का कार्य पिछले एक सप्ताह से चल रहा है। उन्होंने बताया कि पुल बनाने वाले स्थान पर चकर प्लेट भी बिछाने का काम चल रहा है।
गौरतलब है कि पीपा पुल को पंटून पुल भी कहा जाता है। इस पुल के नीचे जल के ऊपर पंटून जैसी संरचना लगाई जाती है, जो इसे पानी में स्थिर रखती है। यह पानी में नहीं डूबता। इसके ऊपर पैदल के अलावा मुख्य स्नान पर्व के अलावा चार पहिया वाहन भी चलता है।
महाकुंभ के लिए गंगा पर बनेंगे 30 पीपा पुल
