गांधीनगर : गुजरात के कच्छ में 30 गीगावॉट विंड-सोलर हाइब्रिड आरई पार्क विकसित हो रहा है। सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि गुजरात अब कच्छ में दुनिया का सबसे बड़ा 30 गीगावॉट विंड-सोलर हाइब्रिड आरई पार्क विकसित कर रहा है। साथ ही गुजरात ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा को अपनाने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता के साथ 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा को 80 गीगावॉट तक पहुंचाने का लक्ष्य भी रखा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के दूरदर्शी नेतृत्व में गुजरात ने नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले कुछ वर्षों में गुजरात ने कई अग्रणी पहल पूरी की हैं, जिनमें चारणका में गुजरात सोलर पार्क भारत की पहली केनाल-टॉप सौर ऊर्जा परियोजना और भारत की पहली ग्रिड-कनेक्टेड मेगावाट आवर-स्केल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) परियोजना शामिल है।
मेहसाणा जिले के मोढेरा गांव के प्रत्येक घर को 24 घंटे बिजली सौर ऊर्जा और बीईएसएस परियोजना के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इतना ही नहीं, इस परियोजना ने मोढेरा को 24 घंटे सौर ऊर्जा से बिजली ज़रूरत को पूरा करने वाला भारत का पहला गाँव बनने का गौरव भी दिया है। इससे आगे बढ़ते हुए, गुजरात अब कच्छ में दुनिया का सबसे बड़ा 30 गीगावॉट विंड-सोलर हाइब्रिड आरई पार्क विकसित कर रहा है। साथ ही गुजरात ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा को अपनाने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता के साथ 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा को 80 गीगावॉट तक पहुंचाने का लक्ष्य भी रखा है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य का 30 प्रतिशत यानी लगभग 22.5 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन गुजरात ने अभी हासिल कर लिया है।
गुजरात जमीनी स्तर से 150 मीटर की ऊंचाई पर 180 गीगावॉट की तटवर्ती पवन ऊर्जा क्षमता का दोहन करने और अपने समुद्री तट में 30-35 गीगावॉट अपतटीय पवन ऊर्जा क्षमता का दोहन करने के लिए रणनीति विकसित करने में अग्रणी है। इसके अलावा गुजरात इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवीएस) को भी तेजी से अपना रहा है। यह प्रशंसनीय है कि गुजरात, साल 2025 तक लक्षित दो लाख इलेक्ट्रिक वाहनों में से 60,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को पहले ही पंजीकृत कर चुका है। अपने सतत औद्योगिक विकास मॉडल के साथ गुजरात आज देश के लिए ही नहीं बल्कि विश्व के लिए भी औद्योगिक निवेश व व्यापारिक गतिविधियों के लिए सबसे पसंदीदा राज्य बन गया है।
राज्य की रणनीतिक और भौगोलिक स्थिति, समुद्र तट और पवन व सौर ऊर्जा के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ इसे नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए एक अग्रणी गंतव्य बनाती हैं। वाइब्रेंट गुजरात समिट जैसे वैश्विक मंच के माध्यम से राज्य सरकार ने सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित किया है और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग करते हुए विंड फार्म, सोलर पार्क और अन्य क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के विकास को राज्य में बढ़ावा दिया है।
प्रदेश में निवेश के अवसर गुजरात नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेस और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट के विकास सहित विविध निवेश के अवसर प्रदान करता है। इनमें सोलर सेल एंड मॉड्यूल्स, विंड टरबाइन्स एंड ब्लेड्स, सहायक पॉवर सिस्टम्स और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की मैन्युफैक्चरिंग शामिल है। इसके अतिरिक्त गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी पार्क डेवलपमेन्ट, ईपीसी कॉन्ट्रैक्ट्स, और ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को स्थापित करने जैसे सेक्टर्स में भी काफी संभावनाएँ है। साथ ही, इन्स्टॉलेशन, टेक्निकल सपोर्ट, ऑपरेशनल एंड मेन्टेनेन्स सपोर्ट और थर्ड-पार्टी पॉवर प्रोवाइडर्स जैसे सेक्टर्स में भी गुजरात में काफी संभावनाएँ हैं। साथ ही गुजरात वेस्ट सेगरेगेशन, ब्रिकेट प्रोडक्शन और उसकी प्रोसेसिंग, और सस्टेनेबल डेवलपमेन्ट के लिए कॉम्प्रेहेन्सिव ईकोसिस्टम को बढ़ावा देने में भी
निवेश के लिए प्रोत्साहित करता है।
30 गीगावॉट विंड-सोलर हाइब्रिड आरई पार्क हो रहा है विकसित
