धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के इंदोरा और फतेहपुर उपमंडल में चल रहा राहत एवं बचाव कार्य रविवार तीसरे दिन भी जारी रहा। जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य में लगी भारतीय सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों ने आज तीसरे दिन कुल 309 लोगों को सकुशल बाढ़ग्रस्त क्षेत्र से निकाला। उन्होंने बताया कि आज 228 लोगों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से और 81 लोगों को नाव के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
उपायुक्त ने बताया सेना और अन्य बचाव दलों ने तीन दिन में 2074 लोगों की जान को बचाते हुए, उन्हें इंदोरा और फतेहपुर के जलमग्न क्षेत्रों से रेस्क्यू किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान 967 लोगों को वायुसेना के हेलीकाप्टर से, 897 लोगों को नाव से और 210 लोगों को अन्य माध्यमों से बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि इंदोरा उपमंडल से सर्वाधिक 1652 फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जिनमें 792 लोगों को एयरलिफ्ट और 860 लोगों को नाव से निकाला गया। उन्होंने बताया कि इंदोरा में पहले दिन 493, दूसरे दिन 851 और आज तीसरे दिन 308 लोगों का बचाव किया गया।
वहीं फतेहपुर उपमंडल में तीन दिन में 422 लोगों को रेस्क्यू किया गया। उन्होंने बताया कि फतेहपुर में रेस्क्यू किए गए लोगों में 175 को एयरलिफ्ट किया गया, जबकि 37 को नाव और 210 को अन्य माध्यमों से सुरक्षित निकाला गया। फतेहपुर में पहले दिन 273, दूसरे दिन 148 और आज तीसरे दिन बोट से एक व्यक्ति को रेस्क्यू किया।
डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि प्रशासन द्वारा इंदोरा और फतेहपुर में स्थापित पांच राहत शिविरों में आज वीरवार को 325 लोगों ने आश्रय लिया है। उन्होंने बताया कि फतेपुर उपमंडल के बढूखर राहत शिविर में 214 और फतेहपुर राहत शिविर में 19 लोग रह रहे हैं। वहीं इंदोरा के शेखपुरा में 64 और नूरपुर के लदरोड़ी में स्थापित राहत शिविर में 28 लोगों ने शरण ली है। जबकि डमटाल के राम गोपाल मंदिर में फिलहाल कोई नहीं है।
उन्होंने बताया कि रेस्क्यू किए गए लोगों को एचआरटीसी की बसों के माध्यम से सीधा राहत शिविरों में ही ही लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां प्राथमिक चिकित्सा जांच और भोजन प्राप्त करके अधिकतम लोग अपने सगे संबंधियों के पास रहने चले जा रहे हैं।
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से निकाले 309 लोग, अभियान जारी
