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डीटीयू के 9वें दीक्षांत समारोह में 3182 विद्यार्थियों को मिली डिग्री ,उपराज्यपाल ने भी दिया संबोधन  

दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का 9वां दीक्षांत समारोह गुरुवार, 25 अगस्त 2022 को डीटीयू के बीआर अंबेडकर सभागार में आयोजित किया गया। समारोह के दौरान 3182 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई। दिल्ली के उपराज्यपाल एवं डीटीयू के माननीय कुलाधिपति विनय कुमार सक्सेना ने समारोह की अध्यक्षता की जबकि आईआईटी कानपुर के पूर्व निदेशक प्रो. संजय गोविंद ढांडे मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे और दीक्षांत-भाषण दिया। इस अवसर पर बिग बास्केट, पोर्टेया मेडिकल, होमलेन व ब्लूस्टोन के प्रोमोटर गणेश कृषणन तथा डीटीटीई की सचिव सुश्री आर. एलिस वाज ने समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत की। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र भी दिये।  

दिल्ली के उपराज्यपाल एवं माननीय कुलाधिपति विनय कुमार सक्सेना ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि डीटीयू का 81 वर्ष का बहुत स्वर्णिम अतीत है। यहां से निकले हुए इंजीनियर देश और दुनिया में डीटीयू के साथ भारत का भी नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों व सभी शिक्षकों को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होने सभी डिग्री धारकों को सफल भावी जीवन की शुभकामनाएं भी दी। उपराज्यपाल ने विद्यार्थियों को भविष्य में अपनी सीखने की प्रक्रिया को जारी रखने का आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के जीवन में सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती। उन्होने कहा की जो तकनीक आज आप सीख रहे हैं, आने वाले समय में वह चलन से बाहर हो सकती है। इसीलिए अपने सीखने की प्रक्रिया को जारी रखें तभी जीवन में सफल रह सकते हैं। याद रखें की आपके काम में दुनिया को बदलने की शक्ति है, लेकिन उस बदलाव के लिए आपको अलग से सोचने की जरूरत होगी। उन्होने अपने जीवन के अनुभवों के आधार पर विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र भी दिये। उन्होने कहा कि जिस देश के युवा शिक्षित होते हैं जरूरी नहीं की वो सफल हो, लेकिन जिस देश के युवा समस्याओं और चुनौतियों से निपटना जानते हों वह अधिक सफल होता है। उन्होने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस सहित रोबोटिक तकनीक और मशीन टू मशीन कम्युनिकेशन तथा इंटरनेट ऑफ थिंगस जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकियों में दक्षता बढ़ाएँ। अंत में उन्होने विद्यार्थियों से विनम्र और व्यवहार कुशल होने का आह्वान करते हुए इन पंक्तियों के साथ अपने संबोधन को विराम दिया: “डिग्रियां तो पढ़ाई के खर्च की रसीदें होती हैं, ज्ञान वही है जो व्यवहार दर्शाता है।

उपराज्यपाल से पूर्व समारोह के मुख्यातिथि आईआईटी कानपुर के पूर्व निदेशक प्रो. संजय गोविंद ढांडे ने अपने संबोधन में डिग्रीधारकों को बधाई एवं शुभकानाएं देते हुए कहा कि भावी जीवन में वांछित सफलता के लिए उन्हें अपने लक्ष्यों को अपने दिमाग में याद रखना चाहिए। परिस्थियों से प्रभावित होकर अपने सपनों को मत छोड़ें। उन्होने शिक्षा पूरी करके विश्वविद्यालय के परिवेश से व्यावहारिक दुनिया में कदम रखने जा रहे युवाओं को संदेश दिया कि जोखिम लेने से न घबराएं, अगर जोखिम नहीं लेंगे तो टेक्नोलोजी का विस्तार नहीं होगा। उन्होने कहा कि अपने निर्णयों और अपनी महत्वाकांक्षाओं में विश्वास रखें। अच्छे व्यक्तित्व के महत्व को समझें और अपने कार्यों में ईमानदारी रखें। नकारात्मकता से दूर रहें। उन्होने विद्यार्थियों से कहा कि आज आपके परिजनों व शिक्षकों के लिए भी गर्व का दिन है। ये लोग आपसे बहुत अपेक्षाएं रखते हैं। आपको उन पर ऊर उतरना है।  

समारोह के विशिष्ट अतिथि गणेश कृष्णन ने डीटीयू के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पर खुद को गौरवान्वित महसूस करते हुए बताया कि करीब 4 दशक पहले वह स्वयं भी इसी संस्थान से ग्रेजुएट होकर दीक्षित हुए थे। उन्होने कहा की डीटीयू ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत पहचान बनाई है। यहाँ के विद्यार्थी अच्छे उद्यमी होने के अलावा दुनिया में अच्छे पैकेज भी ले रहे हैं। उन्होने अपने जीवन के अनुभवों के आधार पर विद्यार्थियों को कहा कि थोड़ा अलग करें, मजबूत बनें और नाकारात्मकता को नज़रअंदाज़ करें। गर्व और अभिमान के अंतर को समझें।

समारोह की शुरुआत में डीटीयू कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने अतिथियों का स्वागत किया और यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। कुलपति ने कहा कि डीटीयू का 8 दशकों का स्वर्णिम इतिहास है। उन्होने बताया कि डीटीयू में इस शैक्षणिक वर्ष में 14 हजार के करीब विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें 52 विभिन्न देशों के 591 अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी भी शामिल हैं। विश्वविद्यालय 15 अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम और पोस्टग्रेजुएट एवं पीएचडी के लगभग 30 प्रोग्राम प्रस्तुत कर रहा है। पूर्वी दिल्ली स्थित डीटीयू का ईस्ट दिल्ली कैंपस (यूएसएमई) 2017 में शुरू किया गया था जोकि प्रबंधन के क्षेत्र में वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप बीबीए और एमबीए के कई प्रोग्राम चला रहा है। उन्होने बताया की विश्वविद्यालय में इस वर्ष 3 नए प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं।

कुलपति ने बताया कि इस वर्ष डीटीयू को अटल रैंकिंग में दूसरा स्थान मिला है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मारुति सुजुकी और एमेजोन जैसी विश्वस्तरीय टॉप कंपनियों में डीटीयू के विद्यार्थियों के अच्छे पैकेज पर प्लेसमेंट हो रही है। 2021-22 में प्लेसमेंट के तहत औसत पैकेज 14.85 लाख रुपए का रहा है जबकि हमारे 14 विद्यार्थियों को एक करोड़ रुपए सालाना से अधिक के पैकेज ऑफर हुए हैं। डीटीयू इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन स्टार्टअप निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। डीटीयू आईआईएफ़ से 37 कंपनियां तैयार हो चुकी हैं। उन्होने बताया कि डीटीयू में हाल ही में वीरांगना लक्ष्मीबाई गर्ल्स हॉस्टल और डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ब्वायज़ हॉस्टल नामक दो नए हॉस्टलों का उद्घाटन हुआ है। इनके साथ की एक कम्प्युटर लैब का भी उद्घाटन हुआ है। डीटीयू/डीसीई के पूर्व विद्यार्थियों से भी यहाँ बहुत मदद मिलती है। उन्होने अपने संबोधन के अंत में उप राज्यपाल का डीटीयू के दीक्षांत समारोह में पहुँचने पर आभार जताया और डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दी। समारोह के सामापन पर डीटीयू कुलसचिव प्रो. मधुसूदन सिंह ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन, शिक्षक एवं गैरशिक्षक वर्ग के अधिकारी और अनेकों विद्यार्थी भी उपस्थित रहे। उपस्थित अतिथियों को विश्वविद्यालय की ओर से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। 

उपराज्यपाल ने  उपलब्धियों पर दी डीटीयू को बधाई

उपराज्यपाल एवं डीटीयू कुलाधिपति विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि यह संस्थान पिछले 8 दशकों से शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान में भी अनुकरणीय भूमिका निभा रहा है। इन्हीं विशेषताओं की बदौलत डीटीयू को इंडिया टुडे द्वारा इस वर्ष देश का 8वां सर्वश्रेष्ठ संस्थान घोषित किया गया है। उन्होने डीटीयू को इन उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए कहा कि नैशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) रैंकिंग में डीटीयू 38वें स्थान पर रहा है। द टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग (2022) द्वारा डीटीयू को 601-800 के ब्रैकेट में स्थान दिया गया है। टाईम्स इंजीनियरिंग की टॉप 170 इंजीनियरिंग इन्स्टीटूटस इन इंडिया रैंकिंग 2022 में डीटीयू को पहले स्थान पर रखा गया है। एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग (2022) में डीटीयू को 149 रैंक दिया गया है जो काफी सराहनीय है। इसके साथ ही उन्होने डीटीयू के विद्यार्थियों की प्लेसमेंट के आंकड़ों पर भी चर्चा की और करोड़ों के पैकेज मिलने पर विद्याथियों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होने पिछले वर्ष स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा जारी दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में डीटीयू के 18 फैकल्टी मेंबर्स को शामिल किए जाने की भी सराहना की। उन्होने विद्यार्थियों से कहा कि इस प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा होने पर आप सबकी गर्वित होना चाहिए।

ये रहा डिग्रियों का आंकड़ा

गुरुवार को आयोजित डीटीयू के 9वें दीक्षांत समारोह में 2413 अंडरग्रेजुएट, 715 पोस्टग्रेजुएट और 54 पीएचडी को मिलाकर कुल 3182 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई थी। कुलाधिपति एवं उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्री अपने हाथों से प्रदान की। इसके साथ ही उन्होने पीजी और यूजी में दो विद्यार्थियों को चांसलर मैडल भी प्रदान किए। अंत में डीटीयू के कुलसचिव प्रो. मधुसूदन सिंह द्वारा विद्यार्थियों को दीक्षांत सपथ भी दिलवाई गई। समारोह के दौरान जहां अनेकों डिग्रीधारक विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए वहीं अधिकतर विद्यार्थी ऑनलाइन मोड से डीटीयू स्टुडियो पर सीधे प्रसारण से भी समारोह में जुड़े रहे। इस दौरान लगभग 18000 लोगों ने डीटीयू स्टुडियो पर दीक्षांत समारोह का सीधा प्रसारण देखा। समारोह के दौरान उपराज्यपाल के हाथों कई पुस्तकों का विमोचन भी हुआ। आज विमोचित होने वाली पुस्तकों में डीटीयू के 5 साल के लेखे-जोखे पर लिखी पुस्तक “प्रोग्रेस एंड एकोम्प्लिस्मेंट 2017-22” और इयर बुक 2022 आदि का विमोचन भी किया गया।

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