नई दिल्ली : ईधन एवं विनिर्मित उत्पादों की कीमतें कम होने से जून में थोक मुद्रास्फीति की दर में 4.12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी करते हुए यह जानकारी दी। महीने-दर-महीने आधार पर इस साल जून में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति में 0.40 फीसदी की गिरावट आई है।
एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है, “जून 2023 में मुद्रास्फीति की दर में गिरावट मुख्य रूप से खनिज तेल, खाद्य उत्पादों, बुनियादी धातुओं, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और वस्त्रों की कीमतों में गिरावट के कारण हुई है।” बारह जुलाई को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक जून में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.81 प्रतिशत हो गई। खुदरा मुद्रास्फीति में वृद्धि मुख्य रूप से उच्च खाद्य कीमतों के कारण हुई थी।
थोक मुद्रास्फीति आंकड़े के मुताबिक, “थोक मूल्य सूचकांक में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति जून में घटकर (-) 1.24 फीसदी हो गई, जो मई में (-) 1.59 प्रतिशत थी। वहीं ईंधन और बिजली बास्केट की मुद्रास्फीति जून में कमी होकर अब (-) 12.63 प्रतिशत हो गई। ये पिछले महीने मई में (-) 9.17 प्रतिशत थी। विनिर्मित उत्पादों में मुद्रास्फीति दर इस महीने में (-) 2.71 प्रतिशत थी, जो मई में (-) 2.97 फीसदी थी।
थोक मुद्रास्फीति दर में 4.12 फीसदी की गिरावट
