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हत्या व लूटपाट के आरोप में 41 लोगों को जेल

देवरिया : उत्तर प्रदेश में देवरिया की एक सेशन अदालत ने शुक्रवार को हत्या और लूटपाट के मामले में दोनों तरफ से क्रास केस के मामले में 41 आरोपियों को दोषी पाये जाने पर सजा सुनाकर जेल भेज दिया। सहायक शासकीय अधिवक्ता नितेश पाण्डेय ने बताया कि आज करीब उन्नतीस वर्ष पूर्व खानपान थाना क्षेत्र के बलुअन खास गांव में सायकिल से टक्कर के मामले में दो पक्षों में विवाद हो गया था, जिसमें एक पक्ष के तरफ से काम पार थाने में धारा 395,397 आईपीसी में कुल 59 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

श्री पाण्डेय ने बताया कि मुकदमा वादी अजय कुमार श्रीवास्तव ने दिये गये तहरीर में कहा था कि वह 17 जनवरी 1995 को अपने मोटरसायकिल से बाजार जा रहे थे कि रास्ते मे छोटेलाल के साइकिल से टक्कर हो गई। छोटेलाल आईपीएफ के सदस्य थे ,दोनों लोगों के बीच कहा सुनी हुई तथा उस समय लोगों ने बीच बचाव कर मामले को शांत करा दिया था।
उन्होंने बताया कि उसी रात आईपीएफ की एक मीटिंग के बाद 18 जनवरी 1995 को सुबह करीब 7.20 बजे करीब सौ डेढ़ सौ की संख्या में लोगों ने नारा लगाते हुए अजय लाल के घर हमला कर दिए, उनके हाथ भाला, लाठी, डण्डा ,इट पत्थर ,बम थे।उनके घर के लोग डर कर घर में व छत के ऊपर भागे ।इस हमले से गांव के अन्य लोग अपने घर मे भागे। उन्होंने बताया कि पूरा गांव भय ,आतंक से कांप गया।इन लोगों ने अजय लाल के घर के अलावा बगल के हरदेव भगत व रामनाथ के घर भी लूट पाट व मारपीट की।
सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इनके हमले से दर्जनों लोग घायल हो गये ,जिनमे कुछ एक लोगों को फ्रेक्चर भी हुआ। अपने बचाव में अजय लाल ने अपने बाबा के नाम से लाइसेंसी दोनाली बन्दूक से फायर किया जिससे कुछ लोगों को चोटे आई थी।इस फायरिंग में हमलावर के तरफ से दो लोगो की मृत्यु हो गई थी। इस घटना में दोनों तरफ से मुकदमा दर्ज हुआ था। हत्या के मामले में 6 आरोपी बने थे। जिसमें एक बाल अपचारी था तथा एक आरोपी की विचारण के दौरान मौत हो गई थी। तीन आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिये गये।
श्री पाण्डेय ने बताया कि आज एडीजे प्रथम श्रीमती इंदिरा सिंह की अदालत ने आज उभय पक्षों के तर्कों और दलीलों को सुनने के लूट और डकैती के आरोप में एक पक्ष से 40 लोगों को 10 वर्ष की सजा तथा एक हजार का जुर्माना तथा दूसरे पक्ष से हत्या के आरोप में अजय श्रीवास्तव को आजीवन कारावास तथा 10 हजार रूपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।

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