प्रयागराज : माघ मेला के चौथे स्नान पर्व वसंत पंचमी पर करीब 43 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम तट तथा गंगा के तट पर बनाये गये विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई। देर शाम तक मेला क्षेत्र में स्नानर्थियों की भारी भीड़ विभिन्न घाटों पर रही।
मंगलवार की रात्रि से ही पंचमी तिथि लग जाने के कारण श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने लगे थे। तड़के से विभिन्न घाटों पर स्नानर्थियों की भीड़ पहुंच गई। ग्रामीण क्षेत्र से समूह में लोग मेला क्षेत्र में पहुंचे थे। करीब पांच लाख संत-महात्मा, कल्पवासी और धार्मिक संस्थाओं के लोगों ने भी संगम में स्नान किया। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सुरक्षा के भी सख्त इतजांम किए गए थे। माघ मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई थी। स्वजनों से बिछड़ने वाले लोगो के लिए खोया-पाया केन्द्र से लगातार एनाउंस कर उनके स्वजनों से उन्हें मिलाया गया।
श्रद्धालुओं को मेले में भटकना न पड़े, इसके लिए संगम जाने का मार्ग वापस लौटने का मार्ग व अन्य मार्गों को प्रदर्शित करते हुए साइन बोर्ड रास्तों पर लगाये गये है। एडीजी जोन भानु भाष्कर, मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस आयुक्त रमित शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक प्रेम कुमार गौतम, कुम्भ मेलाधिकारी विजय किरण आनंद,सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी निरंतर भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। आठ सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में बसे माघ मेला में कुल 18 हजार टायलेट और तीन हजार यूरिनल लगाए गए हैं। संगम तक लगभग पांच सौ सीसीटीवी लगे हैं।
वसंत पंचमी पर 43 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी
