नई दिल्ली : मनसुख मांडविया ने टीबी मुक्त भारत अभियान व्यापक के लिए जन सहयोग का आह्वान करते हुए गुरुवार को कहा कि साझा सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के साथ भारत का अपना स्वास्थ्य सेवा मॉडल है।
केंद्रीय मंत्री ने यहां क्षय रोग (टीबी) के खिलाफ पार्टनरशिप एक्शन (पीएसीटी) शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा देश टीबी उन्मूलन की दिशा में काम करने के लिए जनभागीदारी की भावना से उत्साहित और एकजुट है। संयुक्त राष्ट्र के एसडीजी 2030 लक्ष्य से पांच साल पहले देश में टीबी को समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के साथ, 71,000 से अधिक नि-क्षय मित्र आगे आए हैं और पोषण संबंधी सहायता और अन्य माध्यमों से 10 लाख से अधिक टीबी रोगियों का सहयोग कर रहे हैं। इनमें कॉरपोरेट्स, गैर-सरकारी संगठन, जनप्रतिनिधि, व्यक्ति आदि में टीबी के उन्मूलन के लिए केंद्र सरकार की निक्षय योजना के हिस्से के रूप में शामिल हैं।
मांडविया ने बताया कि साझा सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के साथ भारत का अपना स्वास्थ्य सेवा मॉडल है। अन्य पक्षों से सहयोग का लाभ उठाना राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम का सहयोग करने में एक प्रमुख स्तंभ है। संयुक्त प्रयासों और सहयोग से ही हम 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ” मैं सभी से जनभागीदारी की भावना से आगे आने का आग्रह करता हूं।”
इस अवसर पर मांडविया ने टीबी जागरूकता संदेशों वाले 75 ट्रकों को भी हरी झंडी दिखाई। ये ट्रक राज्यों में टीबी मुक्त भारत का संदेश लेकर जाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम में कई टीबी रोगियों को पोषण टोकरियां भी वितरित की।
टीबी जागरूकता अभियान के लिए 75 ट्रक रवाना
