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सिलक्यारा में अब वर्टिकल ड्रिलिंग, हाथाें से खुदाई शुरू

सिलक्यारा/देहरादून : उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद अंतर्गत, सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अब वर्टिकल ड्रिलिंग और हाथों से खुदाई का काम सोमवार की शाम से शुरू कर दिया गया। सिलक्यारा सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन के संबंध में वहां बनाए गए अस्थाई मीडिया सेंटर में आज हुई प्रेस ब्रीफिंग में यह जानकारी दी गयी। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के सचिव एवं एनएचआईडीसीएल के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद ने बताया कि वर्टिकल ड्रिलिंग का कार्य तेजी से चल रहा है।

उन्होंने बताया कि अब तक 30 मीटर वर्टिकल ड्रिलिंग कर ली गई है। आगे का कार्य भी पूरी तेज़ी एवं सावधानी से किया जा रहा है। उत्तराखंड शासन के सचिव डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि पाइप में फंसे ऑगर मशीन की ब्लेड एवं साफ्ट को काटने का कार्य पूरा कर लिया गया है और ऑगर मशीन के हेड को निकालने का कार्य जारी है। जिसके लिए एक मीटर पाइप भी काटा का चुका है। आगे का कार्य मैन्युअली किया जाएगा।
इस दौरान, महानिदेशक, सूचना, बंशीधर तिवारी, एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा मौजूद थे। इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव डॉ.पी के मिश्रा एवं केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव अजय भल्ला ने आज उत्तराखंड के सिलक्यारा (उत्तरकाशी) में सुरंग बचाव ऑपरेशन का जायज़ा लिया। इस दौरान, दोनों अधिकारियों ने ग्राफिकल प्रस्तुतीकरण एवं मैपिंग के माध्यम से टनल की भौगोलिक स्थिति को समझा।
डॉ.पी के मिश्रा ने टनल के अंदर चल रहे रेस्क्यू कार्य की बारीकियों को समझा। उन्होंने अधिकारियों के साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे श्रमिको, इंजीनियरों से भी जानकारी ली। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे सभी श्रमिकों का हौसला भी बढ़ाया। उन्होंने ऑगर मशीन की ब्लेड एवं साफ्ट को काटने की प्रक्रिया में जुटे श्रमिकों टिंकू दुबे, अमित, शशिकांत, झारू राम, राधे रमण दुबे, ओम प्रकाश, एन.डी अहमद से बात कर उनका कुशलक्षेम जानते हुए उनके काम की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अंदर फंसे श्रमिकों के साथ राहत बचाव कार्य में जुटे सभी लोगों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
प्रमुख सचिव डॉ. मिश्रा ने सुरंग के अंदर फँसे श्रमिकों के लिए भेजी जा रही भोजन सामग्री के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को भेजे जा रहे भोजन की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने टनल में एसडीआरएफ द्वारा स्थापित ऑडियो कम्युनिकेशन सेटअप एवं बीएसएनएल द्वारा स्थापित टेलिफोनिक कम्युनिकेशन सिस्टम के माध्यम से अंदर फंसे श्रमिकों में से गब्बर सिंह एवं अन्य लोगों से वार्ता कर उनका हाल चाल जाना। उन्होंने वार्ता के दौरान श्रमिकों से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की बात कही। उन्होंने श्रमिकों से खाने पीने बिजली पानी की आपूर्ति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन हेतु सभी लोग मेहनत कर रहे हैं। कई मोर्चों पर कार्य चल रहा है। सभी को जल्द से जल्द निकाले जाने की कोशिश जारी है।
इसके अलावा, डॉ. मिश्रा ने टनल में फंसे श्रमिकों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को जल्द ही बाहर निकाल लिया जाएगा। परिजनों के साथ ही पूरा देश उनके शीघ्र और सुरक्षित निकाले जाने की दुआ कर रहा है। उन्होंने कहा पूरे देश की दुआएं अंदर फंसे श्रमिकों के साथ है। परिजनों को हौसला बनाए रखना होगा। सरकार हर स्थिति पर श्रमिकों के परिजनों के साथ खड़ी है।

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