गौरवशाली भारत

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गलियों में बिखरे खून से खौफ़ में आए ग्राम्य नागरिक

नगर में बढ़ी लड़ाकू सांड की संख्या, जख़्मी सांड का किया गया रेश्क्यू

कपिल शर्मा | गौरवशाली भारत

नाँगल चौधरी । नगर में बिते कुछ महिनों से सांडो की संख्या में वृद्धि देखी गई है। नगर में स्वच्छंद गलियों में भ्रमण करते नुकीले सींगो वाले सांडो से गलियों में राहगीरों के आवागमन में और बाज़ार स्थित दुकानदारों को खतरा साबित हो रहा हैं। लड़ाकू सांड आपस में झगड़ते हैं। इससे आस-पास की दुकानों के करीब लगी ग्रिल को तोड़ते हुए सड़क पर खड़ी गाड़ी, मोटरसाइकिल को गिरा देते हैं। साथ ही कई बार सांड सड़क पर राहगीरों को चोटिल कर चुके हैं।

नगर में सांडो के संघर्ष में जान-माल के नुकसान के भय और अपूर्णीय क्षति को देखते हुए कई बार ग्राम्य नागरिकों ने लाठी-डंडो से इन्हें बाहर का रास्ता भी दिखाया है। फिर से सभी सांड नगर में प्रवेश कर जाते हैं। कई बार सांड नगर समीप ढाणी या खेतों में चरने लगते हैं। और वहाँ किसानों की बाहर बंधी भैंसों को शिकार बनाते हैं और उन्हें चोटिल कर देते हैं। जिनसे किसान पशुधन से वंचित हो जाते हैं। चोटिल गाय-भैंस दुध देने से इनकार कर देती हैं।

नगर में मोहनपुर वार्ड संख्या 2 के पूर्व पार्षद सुधीर चौधरी गौ-रक्षा दल द्वारा गायों की देखभाल और उनके उपचार का कार्य सभी गौ-रक्षक के संज्ञान में होता है। सभी गौ-सेवक अपने अनुकरणीय योगदान से नगर में गायों की सुरक्षा एवं देखभाल करते हैं। टीम में प्रबंधक गौतम नंबरदार ने गौरवशाली भारत को जानकारी देते हुए बताया कि, लड़ाकू सांडो के संघर्ष में एक सांड (नंदी) जख्मी हो गया।

एक घायल सांड का आगे का दांया पैर लहू से लथपथ होने से नगर की गलियों एवं सड़कों पर उसका रक्त बिखरने से ग्राम्य नागरिकों में दहशत का माहौल उतपन्न हुआ। सूचना मिलने पर त्वरित उनकी सहयोगी टीम द्वारा घायल सांड को ऐंबुलेंस से रेश्क्यू किया गया। जख्मी सांड को रविवार शाम एंबुलेंस से नारनौल स्थित स्वर्ग आश्रम गौ माता उपचारशाला में भर्ती किया गया।

सुधीर चौधरी गौ-रक्षा दल के प्रबंधक गौतम ने जानकारी देते हुए कहा कि घायल सांड का अक्टूबर माह में भी दल के सदस्यों द्वारा उपचार किया गया था। उन्होंने बताया कि गौ-सेवा के लिए उन्हें किसी राजनीतिक दल या किसी सामाजिक संस्था के बिना आर्थिक सहयोग से वह अपने नेक कार्य में निरंतर प्रयासरत हैं। साथ ही कहा, गौ-रक्षा दल के सभी सदस्य संपन्न हैं। संयुक्त सदस्यों का आर्थिक अनुकरणीय योगदान गौ-संरक्षक एवं मवेशियों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

गौतम ने अपनी टीम में 50 से अधिक गौ-सेवक सदस्य बताए। जिनमें प्रमुख सुधीर चौधरी को बताया। इनके अलावा दस सदस्यों को गौ-सेवा में निरंतर सक्रिय रहने का श्रेय दिया। जिनमें गुलशन सैन, डाॅ. दिनेश यादव, वीपिन गुर्जर, ईश्वर गुर्जर, संदीप गुर्जर, संदीप डांगी, अमन सैन, विजय स्वामी समेत अन्य गौ-सेवक शामिल हैं।

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