शिमला : हिमाचल सरकार ने क्लस्टर स्कूल फॉर्मेट को लागू कर दिया है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर की ओर से बुधवार को यह गाइडलाइन जारी कर दी गई। उन्होंने कहा कि अब 300 से 500 मीटर के दायरे में चलने वाले प्राइमरी स्कूल का क्लस्टर हेड सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल या हाई स्कूल के हेड मास्टर होंगे। सरकार का फोकस रिसोर्स शेयर करने पर है। लेकिन इस आदेश से स्कूलों की पूरी व्यवस्था बदल जाएगी। अभी रिपोर्टिंग वर्तमान व्यवस्था के तहत ही रहेगी, लेकिन ओवरऑल सुपरविजन प्रिंसिपल या हेड मास्टर करेंगे।
विंटर स्कूलों की छुट्टियों से पहले इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं और दोनों शिक्षा निदेशकों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। क्लस्टर स्कूल को मॉडल कंपोजिट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन कहा जाएगा। क्लस्टर कमेटी बनाई जाएगी और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी यानी एसएमसी भी कॉमन होगी।
मॉर्निंग असेंबली भी एक ही करने के निर्देश हैं जबकि 300 मीटर के दायरे में मिड-डे मिल भी कॉमन प्लेस पर ही बनेगा। पहले प्राइमरी और हाई स्कूल का अलग-अलग बनाता था। यदि टीचर कम होंगे तो बड़ी कक्षाओं के शिक्षक प्राइमरी के बच्चों को पढ़ाएंगे और यदि टीजीटी-पीजीटी नहीं होंगे तो ग्रेजुएट जेबीटी हाई या सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ाएंगे।
हिमाचल के स्कूलों में होगा क्लस्टर सिस्टम, आदेश जारी
