जयपुर : कलराज मिश्र ने असम को पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार बताते हुए कहा है कि प्राकृतिक संपदा से संपन्न यह राज्य भारत की विविधता में एकता की संस्कृति का अनूठा उदाहरण है। मिश्र शनिवार को राजभवन में असम स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने असम निवासियों से संवाद करते हुए उन्हें राज्य स्थापना दिवस पर बधाई और शुभकामनाएं दी।
असम के गौरवमय अतीत की चर्चा करते हुए मिश्र ने कहा कि प्राचीन ग्रंथों में इस प्रदेश को प्रागज्योतिषपुर के नाम से जाना जाता रहा है। पुराणों के अनुसार यह कभी कामरूप राज्य की राजधानी था। उन्होंने असम में ब्रह्मपुत्र, वहां की वनस्पति और प्राकृतिक सौंदर्य को भारत की धरोहर बताते हुए वहां के आर्थिक विकास के लिए पर्यटन संभावनाओं पर और अधिक कार्य करने का भी आह्वान किया।। इससे पहले उन्होंने संविधान की उद्देशिका और मूल कर्तव्यों का वाचन करवाया।
प्राकृतिक परिवेश से जुड़ा असम पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार
