कोल्हापुर : राज्य कर्मचारी संघ (एसईए) नेताओं उदासीन रुख के बाद महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में सरकारी कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग को लेकर जिले में चल रही अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रखने का फैसला किया। एसईए के राज्य समन्वयक विश्वास काटकर ने राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से आश्वासन मिलने के बाद गुरुवार को अपनी हड़ताल वापस ले ली थी।
एसईए के जिला समन्वयक अनिल लावेकर ने कहा,“ पहले मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए लिखित रूप में आश्वासन दिया था, लेकिन आठ महीने बाद भी वह अपना आश्वासन पूरा करने में विफल रहे तथा अब उन्होंने फिर से आश्वासन दिया है कि सरकार के बजट सत्र में इस मुद्दे पर निर्णय लेगी। श्री शिंदे ने गुरुवार को नागपुर में इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए श्री काटकर को बुलाया। वहां से, वह (श्री काटकर) बाहर आये और हड़ताल का आह्वान करने का निर्णय लिया। उनका मोबाइल बंद है और इसको लेकर कटकर को संदेह के घेरे में हैं।”
श्री लावेकर ने कहा,“हालांकि मुख्यमंत्री ने अभी आश्वासन दिया है, लेकिन मार्च में उनके लिए निर्णय लेना मुश्किल होगा, क्योंकि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता होगी।” उन्होंने दावा किया कि लगभग 29 जिलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस लेने के श्री काटकर के फैसले का विरोध किया है।
इस बीच राज्य निजी प्रारंभिक शिक्षक कर्मचारी समिति के प्रदेश अध्यक्ष भरत रसाले ने भी फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि एसईए समन्वयक समिति ने जिला शाखाओं को बताए बिना या सरकार से लिखित में आश्वासन लिए बिना यह निर्णय लिया है। हालांकि, उन्होंने सभी शिक्षकों से अपने-अपने विद्यालयों में अपनी ड्यूटी पर उपस्थित होने की अपील की है।
कोल्हापुर : कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल
