भिवानी : हरियाणा में कार्यरत लगभग 20,000 आशा वर्करों ने निर्णय लिया है कि अगर 18 दिसंबर तक सभी आशा वर्करों के पांच माह का बकाया मानदेय खाते में नहीं आया तो वे 19 दिसंबर को पूरे राज्य में जिला सिविल सर्जन कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगी।
आशा वर्कर यूनियन की भिवानी जिला अध्यक्ष हुकम कौर और अन्य नेताओं ने बताया कि आशा वर्करों को आठ अगस्त से 18 अक्टूबर तक मजबूरीवश 73 दिन की हड़ताल करनी पड़ी। हड़ताल के दौरान सरकार ने आंदोलन की अनदेखी की लेकिन जब स्वास्थ्य विभाग का सारा कामकाज ठप्प हो गया तो वह हरकत में आई और यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ताओं का दौर शुरू किया। इस दौरान यूनियन के साथ सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से पांच दौर वार्ता कर मांगो का कुछ समाधान करने की घोषणा की।
सरकार ने आशा वर्करों के मानदेय में 2100 रुपए की बढ़ोतरी करने और सेवानिवृत्ति लाभ दो लाख रूपये देने का समझौता हुआ। समझौते के साथ आशा वर्करों के मानदेय भुगतान के लिए शुरू की गई आशा ऐप में सुधार कर उसे सरल बनाकर मानदेय भुगतान करने का वादा किया गया था। गत 18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के साथ हुए समझौते को लगभग दो माह हो गए हैं लेकिन अभी तक भी घोषित मांगें माने जाने को लेकर अधिसूचना जारी नहीं हुई है। आशा वर्करों को गत पांच से मानदेय भुगतान नहीं किया गया है। अब आशा वर्करों ने निर्णय लिया है कि अगर 18 दिसंबर तक मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो 19 दिसंबर को समूचे राज्य में जिला सिविल सर्जन कार्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे।
मांगें न मानी तो आशा वर्कर करेंगी प्रदर्शन
