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इंडियन स्पेस एसोसिएशन ने दूरसंचार विधेयक 2023 को दूरदर्शी बताया

नई दिल्ली : अंतरिक्ष उद्योग क्षेत्र की कंपनियों के मंच इंडियन स्पेस एसोसिएशन (आईएसपीए) ने दूरसंचार विधेयक को सोमवार को लोक सभा में पेश किए जाने का स्वागत करते हुए आज के दिन को‘ ऐतिहासिक दिन’बताया है। संगठन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट (सेवानिवृत्त) ने एक बयान में कहा कि उपग्रहसंचार के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन को प्रशासनिक तरीके से करने के प्रावधान वाले विधेयक को प्रस्तुत करने का सरकार का निर्णय ‘एक बड़ा ही प्रगतिशील और दूरदर्शी निर्णय है।”

उन्होंने कहा कि भारत में स्पेक्ट्रम आवंटन को वैश्विक स्तर पर एक तरह से अपनाए जा रही प्रशासनिक पद्धति के माध्यम से करने का निर्णय देश के लिए अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि इससे भारत में उभरते हुए अंतरिक्ष क्षेत्र में विकास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और इस क्षेत्र के सभी हितधारकों के लिए एक समान अवसर सुनिश्चित होंगे।
उन्होंने कहा कि सैटकॉम के लिए प्रशासनिक पद्धति से स्पेक्ट्रम आवंटित करके, भारत खुद को अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ जोड़ सकता है, वैश्विक सहयोग को बढ़ावा दे सकता है। इससे नवाचार को बढ़ावा देने, स्टार्टअप के लिए अवसर पैदा करने और वैश्विक उपग्रह बाजार में देश की स्थिति को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोक सभा में विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे और शोरगुल के बीच लोकसभा में इस विधेयक को पेश किया। यह विधेयक भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885 की जगह लेगा।
विधेयक में सरकार को उपभोक्ताओं के हित, बाजार में प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने, दूरसंचार नेटवर्क की उपलब्धता या निरंतरता और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश शुल्क, लाइसेंस शुल्क, जुर्माना आदि माफ करने की शक्ति प्रदान करने का प्रावधान भी है। विधेयक में दूरसंचार कंपनियों के लिए अनुपयोगी स्पेक्ट्रम को सरकार को लौटाने, शेयरिंग, ट्रेडिंग और लीज पर देने की अनुमति भी दिये जाने का प्रावधान है।

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