गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

भारतीय कुश्ती संघ के संजय सिंह नए अध्यक्ष चुने गए, बृजभूषण शरण सिंह के हैं खास

नई दिल्ली : (पीएमए) डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के करीबी सहयोगी संजय सिंह को भारतीय कुश्ती महासंघ का नया अध्यक्ष चुना गया है. वर्ष की शुरुआत में कई बार स्थगन के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव आज हुए. मतदान दिन में नई दिल्ली में हुआ और मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के तुरंत बाद गिनती शुरू हुई. भारतीय कुश्ती महासंघ में शीर्ष पदों के लिए चुनाव वैश्विक कुश्ती संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के लिए डब्ल्यूएफआई पर लगाए गए निलंबन को हटाने का मार्ग भी प्रशस्त करता है. यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने अगस्त में निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव कराने में विफल रहने के कारण डब्ल्यूएफआई को निलंबित कर दिया था.

इसके बाद भारत के पहलवानों ने पिछले कुछ महीनों में वैश्विक प्रतियोगिताओं में तटस्थ एथलीटों के रूप में प्रतिस्पर्धा की थी. राजधानी में अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, महासचिव व वरिष्ठ उपाध्यक्ष सहित 15 पदों के लिए चुनाव हुए. भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष पद के लिए दोतरफा दौड़ राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता अनीता श्योराण व उत्तर प्रदेश कुश्ती महासंघ के उपाध्यक्ष संजय सिंह के बीच थी. अनीता श्योराण राष्ट्रीय कुश्ती संस्था की पहली महिला अध्यक्ष बनने के लिए रेस में थी. उन्हें साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया व विनेश फोगट सहित स्टार पहलवानों का समर्थन मिला था.

जिन्होंने यौन उत्पीडऩ व महिला पहलवानों का पीछा करने के आरोपों पर निवर्तमान बृजभूषण शरणसिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. बृज भूषण शरण सिंह के करीबी सहयोगी रहे संजय सिंह ने कुश्ती के गौरवशाली दिनों को वापस लाने का वादा किया है. एक ऐसा खेल जिसने हाल के दिनों में भारत के लिए कई ओलंपिक पदक विजेता पैदा किए हैं. साक्षी मलिक व बजरंग पुनिया जैसे लोगों को संजय सिंह के चुनाव लडऩे पर आपत्ति थी क्योंकि उन्होंने महीने की शुरुआत में खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ अपनी बैठक के दौरान इसे व्यक्त किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *