लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर लंबित राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण के लिए किए गए प्रयासों के चलते विगत तीन माह में पिछले वर्ष की तुलना में करीब दोगुने वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि 16 सितंबर को कुल 19.57 लाख वाद लंबित थे एवं 16 सितंबर से 19 दिसंबर के बीच 6.59 लाख नए वाद इसमें शामिल हुए। इन सभी कुल 26.16 लाख वादों में से विगत तीन माह में कुल 12.90 लाख वादों (49 प्रतिशत) का निस्तारण सुनिश्चित किया गया जो विगत वर्ष के इन्हीं अंतिम तीन माह के औसत निस्तारण (6.66 लाख) के सापेक्ष लगभग दो गुना है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 सितंबर को पूरे प्रदेश में लंबित राजस्व वादो के त्वरित व गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए थे। निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश व अध्यक्ष, राजस्व परिषद के स्तर से नियमित गहन समीक्षा के फलस्वरूप राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखने को मिली है।
उन्होने बताया कि 15 सितंबर 2022 के पूर्व प्रदेश स्तर पर कुल 20.67 लाख वाद लंबित थे एवं 15 सितंबर 2022 से 15 सितंबर 2023 के मध्य कुल 26.57 लाख वाद योजित हुए। इन विचाराधीन कुल 47.25 लाख वादों में से पूरे वर्ष में कुल 27.67 लाख वादों (59 प्रतिशत) का निस्तारण किया गया। 15 सितंबर 2022 से 15 सितंबर के मध्य दायर वादों के सापेक्ष पूरे वर्ष का निस्तारण 104 प्रतिशत रहा, जबकि 16 सितंबर 2023 से 19 दिसंबर 2023 के मध्य दायर वादों के सापेक्ष मात्र 3 माह की अवधि का निस्तारण 196 प्रतिशत रहा।
यूपी में तीन माह में निस्तारित हुए दोगुने राजस्व वाद
