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केमिकल जीवन से जुड़ा एक हिस्सा है

भरूच : मनसुखभाई मांडविया ने शनिवार को यहां कहा कि केमिकल जीवन से जुड़ा एक हिस्सा है। केमिकल एंड पेट्रोकेमिकल क्षेत्र देश को पांच ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में भारी योगदान देगा। मांडविया ने 10वीं वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (वीजीजीएस) 2024 के पूर्वार्ध के रूप में ‘फ्यूचरकेम गुजरात : शेपिंग टुमॉरोज केमिकल्स एंड पेट्रोकेमिकल्स इंडस्ट्री’ की थीम पर गुजरात के भरूच में आज आयोजित प्री- वाइब्रेंट समिट में अपने संबोधन में वर्तमान सरकार की औद्योगिक इकाइयों के प्रति नीति की रूपरेखा देते हुए कहा कि केवल कागज पर नहीं, बल्कि वास्तविकता के आधार पर निर्णय करने वाली यह हमारी सरकार है।
उन्होंने इस अवसर पर प्राचीन नगरी मगध के आचार्य चाणक्य का स्मरण करते हुए कहा कि संपत्ति सृजन करने वाले और रोजगार पैदा करने वाले लोगों का सम्मान करना चाहिए क्योंकि संपत्ति सृजन से देश के कोषागार में टैक्स आएगा और इससे सरकार किसान एवं गरीब वर्ग के कल्याण के लिए नई योजना बनाएगी। इस प्रकार वर्तमान डबल इंजन सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यूरोप तथा भारत की चर्चा करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि जब यूरोप में शाम के पांच बजते हैं तब भारत में सुबह पांच बजे के सूर्योदय का समय होता है। इसी भाँति भारत सरकार की औद्योगिक पॉलिसी के कारण नए-नए औद्योगिक निवेश के फलस्वरूप भारत में वास्तव में सूर्योदय होने वाला है। भरूच के ऐतिहासिक उद्योगों के महत्व को याद करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने अपेक्षा व्यक्त की कि औद्योगिक हब के रूप में ख्याति प्राप्त भरूच नगरी में 67 हजार करोड़ रुपए का निवेश बढ़ाकर पांच लाख करोड़ रुपए तक के एमओयू होंगे।
राज्य के ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स मंत्री कनुभाई देसाई ने इस अवसर पर कहा कि वर्ष 1962 से शुरू हुई गुजरात यात्रा में अनेक परिवर्तन आए हैं। वर्ष 2003 के बाद वाइब्रेंट गुजरात समिट अधिक से अधिक युवाओं के लिए रोजगार सृजन करने वाली इकाई बनी है। वाइब्रेंट समिट से गुजरात हमारी जीडीपी में लगभग आठ प्रतिशत अग्रगण्य योगदान दे रहा है। राज्य सरकार की इकोबिजनेस फ्रेंड्ली पॉलिसी के कारण तथा लाभ एवं व्यवस्था को उत्कृष्ट रूप से बनाए रखा गया है। इसमें सेमीकंडक्टर पॉलिसी तथा ईज ऑफ डुइंग के जरिये अनेक गुना ग्रोथ राज्य को मिला है।
उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने कहा कि समग्र भारत में 33 प्रतिशत से अधिक निर्यात अकेला गुजरात राज्य करता है। समग्र पेट्रोलियम तथा केमिकल्स में फैक्ट्रियों की उत्पादन क्षमता में दुगुनी वृद्धि हुई है। गुजरात में फैक्ट्रियाँ डबल कैपेसिटी में देखने को मिलती हैं। वाइब्रेंट समिट सेगुजरात में पूंजी निवेश आज पांच गुना हुआ है और कुल उत्पादन रेशियो सात गुना होने के साथ नेट मूल्य में भी पांच प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिल रही है।
भरूच की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कॉमन फैसिलिटी में सभी विषयों को जोड़ने के लिए सरकार प्रभावी निर्णय ले रही है तथा उद्योगों का लागत मूल्य कम करने के प्रयास भी कर रही है। बल्क ड्रग पार्क, लॉजिस्टिक पार्क, स्मार्ट फैसिलिटी के जरिये इन उद्योगों को आने वाले समय में अनेक गुना लाभ होने वाला है। इस अवसर पर केमिकल एंड पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में हो रही प्रगति के सोपान दर्शाने वाली ऑडियो-विजुअल फिल्म प्रदर्शित की गई।
समिट में दीप ग्रुप के एमडी दीपक मेहता तथा यूपीएल के एमडी जय श्रॉफ ने वाइब्रेंट गुजरात समिट के विषय में अपने उद्योग जगत के अनुभव साझा किए। इस अवसर पर भरूच के सांसद मनसुखभाई वसावा, राज्य के मुख्य सचिव राज कुमार, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश पुरी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव पंकज जोशी, राज्य के ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती ममता वर्मा, विधायक ईश्वरसिंह पटेल, अरुणसिंह राणा, रमेशभाई मिस्त्री, रीतेशकुमार वसावा, डी. के. स्वामी, भरूच जिला अग्रणी मारुतिसिंह अटोदरिया, जिला कलेक्टर तुषार सुमेरा, जिला विकास अधिकारी पी. आर. जोशी, अनुपम रसायन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीआईआई-गुजरात राज्य के पूर्व अध्यक्ष आनंद देसाई, औद्योगिक इकाइयों के अध्यक्ष, उद्योग जगत के अन्य अग्रणी और महानुभाव उपस्थित रहे।

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