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बेटियों को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी

चंडीगढ़ : कुमारी सैलजा ने शुक्रवार को कहा कि सीडीएलयू सिरसा की 500 छात्राओं का एक पत्र के माध्यम से विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर पर छेड़छाड़ के आरोप लगाना गंभीर मामला है, मुख्यमंत्री इसे गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाकर बेटियों को न्याय दिलाएं। बेटियों को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है।
कुमारी सैलजा ने कहा है कि उचाना और कैथल के बाद यह तीसरा बड़ा मामला सामने आया है, इन घटनाओं के बाद बेटियां अब विश्वविद्यालय जिसे शिक्षा मंदिर कहा जाता है, वहां भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों से अंक बढ़ाने और कॉलेज से बाहर निकालने की धौंस दिखाकर यौन शोषण करने वाले प्रोफेसर के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। पत्र लिखने वाली छात्राओं ने लिखा है कि पहले भी विवि के कुलपति से इस बाबत शिकायत की थी लेकिन प्रोफेसर पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि उसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि बेटियों को सुरक्षा देना इस सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुये उचित कार्रवाई करके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाकर बेटियों को न्याय दिलाएं।
उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का नारा देने वाली इस सरकार को बेटियों की सुरक्षा के प्रति भी कदम उठाना चाहिए। इससे पूर्व जींद जिले में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल अपने स्कूल की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करता था। वहां भी छात्राओं को फेल करने और स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती थी। उधर कैथल के गुहला उपमंडल के एक गांव के सरकारी स्कूल में भी ऐसा ही मामला प्रकाश में आया था, जहां पर प्रधानाचार्य छात्राओं से छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करता था। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा में मंदिर में भी बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं, तो इससे प्रदेश की कानून व्यवस्था पर उंगलियां उठती हैं, अपराधियों को कानून का कोई खौफ नहीं है। कानून इतना सख्त हो कि अपराधी गुनाह करने से पहले हजार बार सोचे। बेटियों को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को आगे आना चाहिये।

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