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आरईसी ने सड़क राजमार्ग क्षेत्र के लिए वित्तपोषण के चार समझौते किए

नई दिल्ली : विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक उद्यम (सीपीएसई) आरईसी लिमिटेड ने ‘सड़कों और राजमार्गों के वित्त पोषण के लिए 16,000 करोड़ रुपये के चार समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। विद्युत मंत्रालय की मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार ये समझौते कल यहां ‘सड़कों और राजमार्गों के लिए वित्तपोषण’ विषय पर आयोजित एक सम्मेलन के दौरान किये गए। ये समझौते दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड, जीएमआर पावर और अर्बन इंफ्रा, सीडीएस इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड व डीपी जैन और कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के साथ किए गए हैं।
इस सम्मेलन का उद्देश्य सभी प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाना और इस क्षेत्र के वित्तपोषण से संबंधित पहलुओं पर चर्चा करना था। आरईसी ने इस सम्मेलन की मेजबानी की। इसका उद्देश्य सभी प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाना और इस क्षेत्र के वित्तपोषण से संबंधित पहलुओं पर चर्चा करना था। इसमें सरकार और उद्योग के प्रमुख हितधारकों ने हिस्सा लिया। इनमें सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, भारतीय सड़क कांग्रेस, राष्ट्रीय राजमार्ग बिल्डर्स फेडरेशन और राज्य सड़क विकास संगठन के प्रतिनिधियों के साथ उद्योग नीति निर्माता व डेवलपर्स शामिल थे।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन ने आशा व्यक्त की कि आरईसी लिमिटेड और मंत्रालय एक साथ प्रगति करेंगे। आरईसी लिमिटेड के सीएमडी विवेक कुमार देवांगन ने कहा कि भारत में सड़क और राजमार्ग उद्योग हमारी आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आगे कहा, “सरकार की भारतमाला, सागरमाला, राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन जैसी पहलों ने सड़क क्षेत्र में विस्तार के लिए मंच तैयार किया है। हम, आरईसी लिमिटेड इस यात्रा में भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) आरईसी लिमिटेड ने अपने परिचालन के 50 वर्ष से अधिक पूरे कर लिए हैं। यह राज्य विद्युत बोर्डों, राज्य सरकारों, केंद्र व राज्य बिजली उपयोगिताओं, स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों, ग्रामीण विद्युत सहकारी समितियों और निजी क्षेत्र की कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के अंत में आरईसी ने 4.54 लाख करोड़ रुपये के कर्ज दे रखे थे।

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